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IND VS SA: 'इन पांच बातों' का टीम इंडिया को सेंचुरियन में रखना होगा ध्यान

केपटाउन में भारतीय बल्लेबाज़ों ने जीत का एक शानदार मौका गंवा दिया. और इस हार की टीस कप्तान कोहली की बातों में भी झलकी. लेकिन सेंचुरियन टेस्ट में वापसी के लिए कई बातों का ध्यान रखना होगा.

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IND VS SA: 'इन पांच बातों' का टीम इंडिया को सेंचुरियन में रखना होगा ध्यान

टीम इंडिया का फाइल फोटो

खास बातें

  1. क्या इन बातों पर ध्यान देगा टीम मैनेजमेंट?
  2. इन पर अमल किया, तो सेंचुरियन में बनेगी बात?
  3. टीम मैनेजमेंट पर लगी करोड़ों क्रिकेटप्रेमियों की नजर
नई दिल्ली: केपटाउन में भारतीय बल्लेबाज़ों ने जीत का एक शानदार मौका गंवा दिया. और इस हार की टीस कप्तान कोहली की बातों में भी झलकी. लेकिन सेंचुरियन टेस्ट में वापसी के लिए टीम इंडिया को कई बातों का ध्यान रखना होगा. अगर इन बातों का ध्यान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री ने रखा तो, भारत के हालात केपटाउन जैसे तो नहीं ही होंगे. चलिए हम आपको ऐसे पांच पहलुओं के बारे में बता देते हैं, जो सेंचुरियन में करोड़ों भारतीय क्रिकेटप्रेमियों के नजरिए से बहुत ही अहम हैं. 
 
ओपनर्स को दिखाना होगा दम
केपटाउन में भारतीय टीम को सही शुरुआत नहीं मिली. पहली पारी में ओपनर शिखर धवन और मुरली विजय की जोड़ी ने 16 तो दूसरी पारी में 30 रनों की साझेदारी की. दोनों बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों को खेलने में नाकाम रहे. धवन पिच की उछाल के साथ तालमेल नहीं बैठा सकें. दूसरी और  फिलैंडर ने विजय को लगातार बाहर गेंद डाली और अंत में विजय बाहर जाती गेंदों को खेलने का मोह नहीं छोड़ सके. सेंचुरियन में  दोनों बल्लेबाज़ों को अपनी तकनीक में बदलाव कर पिच पर टिकने की ज़रूरत होगी.

 पुजारा पर है भरोसा
तकनीक के मामले में चेतेश्वर पुजारा बेहद ठोस माने जाते हैं. लेकिन केपटाउन में वो भी फ्लॉप रहे. पुजारा ने पहली पारी में करीब दो घंटे तक संयम दिखाया. उन्होंने 92 गेंदों का सामना किया लेकिन सत्र बदलते ही वर्नान फिलैंडर ने उनकी एकाग्रता को तोड़ दिया. पुजारा अगले टेस्ट में टीम की रीढ़ बन सकते हैं.

 
बल्लेबाजी क्रम पर नजर
विराट कोहली ने दूसरी पारी में आर अश्विन को ऋद्धिमान साहा और हार्दिक पांड्या के बाद भेजा गया लेकिन ये दांव सही नहीं पड़ा. अश्विन ने पहले भी कई मौकों पर मुश्किल हालात में बल्लेबाज़ी की है. अश्विन ने 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट की दूसरी पारी में 62 रन, 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में 40 और नाबाद 46 रन, 2015 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में ही अर्द्धशतक और 2016 में वेस्टइंडीज में नॉर्थ साउंड मैदान पर शतक बनाए हैं. ऐसे में विराट शायद अगले टेस्ट में उन पर ज्यादा भरोसा दिखा सकें.

रफ्तार दिलाएगी जीत
टीम इंडिया के गेंदबाजों ने कप्तान कोहली और भारतीय प्रशंसकों को निराश नहीं किया. भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और पहला टेस्ट खेल रहे जसप्रीत  बुमराह ने शानदार गेंदबाज़ी की. सेंचुरियन में भी पेसर्स कमाल दिखाकर टीम को सीरीज में वापसी करवा सकते हैं. सेंचुरियन की पिच भी केपटाउन की तरह तेज़ होगी. ऐसे में भारतीय गेंदबाज़ मैच के हीरो साबित हो सकते हैं.

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विराट के तेवर
कप्तान कोहली का सितारा हमेशा बुलंदी पर रहा है. लेकिन विदेशी जमीन पर कप्तान विराट के लिए इतिहास रचने का ये बड़ा मौका है. केपटाउन की चूक विराट के लिए टीस की वजह बन गई होगी. कोहली को चुनौती पसंद है और वो 2015 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपना जलवा दिखा चुके हैं. एमएस धोनी ने टेस्ट की कप्तानी छोड़ी और कोहली ने कप्तान बनने के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों को आड़े हाथों लिया. यहां तक मिशेल जॉनसन भी कोहली के आक्रमण से नहीं बच सके. सेंचुरियन में कोहली से विराट पारियों की उम्मीद रहेगी.

VIDEO : दक्षिण अफ्रीका दौर पर रवाना होने से पहले विराट कोहली
चुरियन में 13 जनवरी से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट के सामने वास्तव में कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं, जो टीम चयन से लेकर ही शुरू हो जाती हैं. कुल मिलाकर कोहली के सामने विराट चैलेंज खड़ा है! अब कोहली इसमें कितना खरा उतर पाते हैं, यह देखने वाली बात होगी.


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