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IND VS SA: कुछ ऐसे एकदम से मनीष पांडे मिस्टर स्लो से बन गए मिस्टर नॉटआउट

सेंचुरियन में मनीष पांडे ने धमाल क्या मचाया कि अचानक से ही मानो उनकी ग्रह चाल बदल गई.

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IND VS SA: कुछ ऐसे एकदम से मनीष पांडे मिस्टर स्लो से बन गए मिस्टर नॉटआउट

मनीष पांडे

खास बातें

  1. आलोचकों! अब मुंह मत खोलना
  2. यह पांडे का प्रचंड प्रहार है
  3. मिस्टर नॉटआउट की कहानी का पूरा सच जानिए
नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क में खेले गए दूसरे मुकाबले में मनीष पांडे ने खुद के ऊपर चस्पा 'मिस्टर स्लो' के तमगे को मिटाते हुए अब दक्षिण अफ्रीका में मिस्टर नॉटआउट कहे जाने लगे हैं. पांडे ने सेंचुरियन में अपनी आतिशी पारी से उन आलोचकों को करारा जवाब दिया, जो उन्हें मिस्टर स्लो कहने लगे थे. बहरहाल अब जब पांडे को मिस्टर नॉटआउट कहा जा रहा है, तो उनके नए नाम के पीछे सिर्फ सेंचुरियन में 48 गेंदों पर खेली गई नाबाद 79 रन की पारी ही नहीं है. वैसे अगर पांडे को अब क्रिकेटप्रेमी इस नए नाम से संबोधित कर रहे हैं, तो इसके पीछे कई वजह हैं. 
 


वास्तव में मनीष ने सेंचुरियन में 48 गेंदों पर नाबाद 79 रन से टीम इंडिया में कम से कम टी-20 में अगले कुछ मैचों में जरूर अपनी जगह को पक्की कर लिया है. सेंचुरियन में पांडे बहुत ही ज्यादा दबाव के साथ उतरे थे. इस दबाव की वजह था खेला गया पहला टी-20 मुकाबला. और उनकी घरेलू टी-20 के प्रदर्शन के आधार पर बनी छवि. जोहानिसबर्ग में पहले टी-20 में पांडे ने 27 गेंदों पर बिना आउट हुए 29 रन बनाए थे. वह एक भी चौका नहीं लगा सके थे. हां एक छक्का जरूर लगाया था. लेकिन 10.7.40 के स्ट्राइकरेट ने पांडे के 'मिस्टर स्लो'  नाम में और वजन पैदा कर दिया था. 

इस नाम के पीछे एक बड़ी वजह यह भी थी कि पिछले छह साल के भीतर खेले चार घरेलू सत्रों के दौरान सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (टी-20) में भी उनका स्ट्राइक रेट बहुत उम्दा नहीं था. चलिए मनीष के सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के आंकड़ों पर भी नजर दौड़ा लीजिए

साल                     स्ट्राइक रेट
2018                     108.33
2016-17                नहीं खेले
2015                      78.72
2014                     109.21
2013                       107


यह भी पढ़ें: IND VS SA 1ST T20: ...तो क्या टी-20 में मनीष पांडे वास्तव में अनफिट हैं ? इस बड़ी वजह से खड़े हो रहे सवाल

वास्तव में ऊपर का स्ट्राइक रेट मनीष पांडे के मिस्टर स्लो होने को पूरी तरह पुख्ता करता है. मानो सेंचुरियन में पांडे इसी पर पानी फेरने मैदान पर उतरे थे. और सुपरस्पोर्ट पार्क में पांडे ने ऐसा प्रचंड प्रहार किया कि अब उन्हें मिस्टर स्लो से मिस्टर नॉटआउट कहा जा करहा है. कम से कम दक्षिण अफ्रीकी जमीं पर तो यह बात उन पर पूरी तरह लागू होती है. जरा मनीष पांडे के इन आंकड़ों पर नजर डालिए


आईपीएल 2009  (आरसीबी के लिए): 2*, 114*, 48, 4

त्रिकोणीय सीरीज (भारत ए के लिए, 2017): 55, 41*, 86*, 93*, 32*

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टी-20 सीरीज (2018): 29*, 79*

VIDEO: सेंचुरियन में शतक बनाने के बाद विराट कोहली.

मतलब यह कि दक्षिण अफ्रीकी धरती पर खेलीं 11 पारियों में से 8 में मनीष पांडे नाबाद रहे हैं. अब आप ही बताइए कि अगर क्रिकेटप्रेमी उन्हें इस रिकॉर्ड के लिए मिस्टर नॉटआउट कह रहे हैं, तो क्या गलत कह रहे हैं. 


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