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INDvsAUS:पहली पारी में पैट कमिंस की गेंद पर वह पुल शॉट खेलने का लोकेश राहुल को अब तक है अफसोस

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INDvsAUS:पहली पारी में पैट कमिंस की गेंद पर वह पुल शॉट खेलने का लोकेश राहुल को अब तक है अफसोस

धर्मशाला टेस्‍ट की पहली पारी में लोकेश राहुल ने 60 रन बनाए (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. इस जोखिम भरे शॉट को खेलने की कोशिश में हो गए थे आउट
  2. सीरीज में अब तक पांच अर्धशतक जमा चुके हैं राहुल
  3. सीरीज में लगभग हर बार जोखिम भरा शॉट खेलते हुए विकेट गंवाया
धर्मशाला: भारत-ऑस्‍ट्रेलिया के बीच हुई टेस्‍ट सीरीज में ओपनर लोकेश राहुल टीम इंडिया के सबसे कामयाब बल्‍लेबाजों में से एक हैं. भारत की ओर से सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में वे चेतेश्‍वर पुजारा के बाद दूसरे स्‍थान पर हैं. राहुल ने सीरीज में अब तक पांच अर्धशतक बनाए हैं. हालांकि अपने इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद लगभग हर बार गैरजिम्‍मेदाराना शॉट खेलकर विकेट 'फेंकने' के मामले में उन्‍हें आलोचना का सामना भी करना पड़ा है. धर्मशाला टेस्‍ट की पहली पारी में भी वे कमिंस की गेंद पर जोखिम भरा पुल शॉट खेलने की कोशिश में आउट हुए. दूसरे दिन के खेल की समाप्ति के बाद राहुल ने माना कि उनका यह शॉट खराब था.

राहुल ने अपने शॉ को खराब करार करते हुए कहा कि जोश हेजलवुड और पैट कमिंस का सुबह का स्पैल उनके टेस्ट कैरियर का सबसे ‘कठिन’ स्पैल था. विपक्षी टीम के तेज गेंदबाजों की तारीफ करते हुए उन्‍होंने कहा, ‘मैं कह सकता हूं कि जोश और कमिंस ने पहले सत्र में काफी कठिन गेंदबाजी की. ऐसी गेंदबाजी का अभी तक मैंने अपने टेस्ट कैरियर में सामना नहीं किया है. वे गेंद बिलकुल सही लाइन-लेंथ में डालते हैं और काफी तेजी से गेंद को स्विंग करते हैं,’ राहुल का कमिंस की गेंद पर खेला गया पुल शॉट काफी आलोचना भरा रहा क्योंकि तब वह 60 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे और बड़ी पारी खेलने की ओर अग्रसर थे.

उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से यह शॉट बहुत ही खराब रहा. लेकिन क्रीज पर इतनी देर से बल्लेबाजी करने के बाद मुझे लगा कि मैं कमिंस की गेंद पर यह शॉट खेल सकता हूं क्योंकि पीछे कोई क्षेत्ररक्षक नहीं था. जैसा कि मैंने कहा कि यह खराब शॉट रहा लेकिन मेरा जज्बा सही था.’ राहुल ने कहा, ‘मैं यहां बैठकर जज्बे के अलावा अन्य सैकड़ों बात पर सवाल उठा सकता हूं. लेकिन क्रीज पर मुझे लगा कि मैं शॉट खेल सकता हूं लेकिन दुर्भाग्यशाली रहा कि यह मेरे हक में नहीं रहा. ’ टीम इंडिया के इस ओपनर ने कहा, ‘उम्मीद है कि दूसरी पारी में मैं ऐसा कर पाऊं. इसलिये मैं दूसरी पारी में फिर से सकारात्मक जज्बे से बल्लेबाजी करने जाऊंगा.’ टेस्ट सीरीज में पांच अर्धशतकों के साथ राहुल घरेलू टीम के उन दो बल्लेबाजों में शामिल है जो काफी निरंतर रहे हैं, उनके अलावा दूसरे खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा हैं. शुरुआत को भले ही बड़ी पारी में नहीं बदला जा सका हो लेकिन वह इससे निराश नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे किसी भी चीज का पछतावा नहीं है. निश्चित रूप से थोड़ी निराशा है कि मैं इस शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील कर सकता था और टीम के लिये काफी रन जुटा सकता था. बतौर सलामी बल्लेबाज मेरी जिम्मेदारी क्रीज पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताकर पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाना है ताकि हमें दूसरी पारी में बल्लेबाजी नहीं करनी पड़े.’


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