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ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने विराट कोहली को 'क्लासलेस' बताते हुए कहा- बच्चे जैसा कर रहे हैं बर्ताव, जानें और क्या कहा

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ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने विराट कोहली को 'क्लासलेस' बताते हुए कहा- बच्चे जैसा कर रहे हैं बर्ताव, जानें और क्या कहा

विराट कोहली और स्टीव स्मिथ के बीच कई बार कहासुनी देखी गई (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. इससे पहले कोहली को बताया था डोनाल्ड ट्रंप जैसा
  2. विराट कोहली और स्टीव स्मिथ के बीच मामला काफी गर्म रहा
  3. कोच अनिल कुंबले को सारे विवाद की जड़ भी बताया था
नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हमेशा की तरह यह सीरीज भी चर्चा में रही. इस दौरान न केवल अलग-अलग खिलाड़ियों का प्रदर्शन छाया रहा, बल्कि कप्तान विराट कोहली और स्टीव स्मिथ के बीच टसल का मुद्दा भी चर्चा में रहा. स्टीव स्मिथ के पक्ष में उनके क्रिकेट बोर्ड के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई मीडिया भी समर्थन करता दिखा. वहां के मीडिया ने स्टीव स्मिथ का बचाव तो किया ही, साथ ही विराट कोहली के खिलाफ जमकर आग उगली और उन्हें लगभग हर दिन निशाने पर रखते हुए विलेन साबित करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी. विराट कोहली को 'डोनाल्ड ट्रंप' जैसा बताने के बाद अब सीरीज खत्म होने के पर उसने उनको ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को दोस्त नहीं मानने के बयान पर घेरते हुए 'क्लासलेस' करार दिया है और उनके बर्ताव की तुलना बच्चों से की है. जानिए ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने विराट के बारे में और क्या कहा है...

अहंकारी बताते हुए कहा, विराट ने बच्चों जैसी की हरकत
सिडनी के डेली टेलीग्राफ ने लिखा, 'सीरीज जीतने के बाद विराट कोहली को हाथ मिलाकर आगे बढ़ना था, लेकिन इस दौरान उनका बर्ताव एक बच्चे की तरह रहा.' इतना ही नहीं अखबार ने विराट को एगोमैनिएक (Egomaniac) भी कहा. मतलब उसने विराट को अहंकारी की संज्ञा दे दी.

एक अन्य हेडलाइन में लिखा गया, 'बियरगेट: कोहलीज लैटेस्ट क्लासलेस एक्ट". मतलब कोहली का ताजा घटिया बर्ताव. वास्तव में कहा जा रहा है कि ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने धर्मशाला टेस्ट के बाद भारतीय खिलाड़ियों को साथ में बियर पीने का ऑफर दिया था. खबरों के अनुसार उन्होंने खासतौर से अजिंक्य रहाणे को इसके लिए आमंत्रित किया था, लेकिन रहाणे ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. इसी बात को लेकर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने टीम इंडिया को निशाने पर लेते हुए विराट कोहली को घटिया इंसान बता दिया.

ऑस्ट्रेलिया के पीटर लालोर ने लिखा, 'अगर भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई टीमों के बीच खराब स्पिरिट को लेकर कोई शक भी रहा होगा, तो वह सीरीज के बाद दूर हो गया, जब मेजबान पक्ष ने साथ में ड्रिंक करने के सुझाव को अनदेखा कर दिया.'

इतना ही नहीं विराट कोहली तब और निशाने पर आ गए, जब स्टीव स्मिथ ने अंतिम टेस्ट मैच के बाद अपनी गलतियों के लिए माफी मांग ली. स्मिथ ने धर्मशाला टेस्ट में मुरली विजय द्वारा पीटर हैंड्सकॉम्ब के कैच के क्लेम को थर्ड अंपायर की ओर से नकार दिए जाने के बाद अपशब्द कहे थे. उनकी यह हरकत कैमरे में कैद हो गई थी.

हेराल्ड सन के पत्रकार रसेल गूल्ड ने लिखा, "अंत में विराट कोहली को भी खेद जताना चाहिए था. जैसा कि स्टीव स्मिथ ने किया.'

विराट ने कहा, अब दोस्त नहीं रहेंगे ऑस्ट्रेलियाई
धर्मशाला टेस्ट के बाद विराट कोहली ने कहा था कि इस सीरीज के दौरान जिस तरह की घटनाएं हुईं और ऑस्ट्रेलियाई टीम का जैसा व्यवहार रहा, उससे अब कंगारू टीम के खिलाड़ियों से वह दोस्ती नहीं रखेंगे. विराट ने यह भी कहा था कि उन्होंनेो सीरीज की शुरुआत में दोस्ती की बात कही थी, लेकिन अब पहले जैसी स्थिति नहीं रही.
 
कोहली को बताया था 'डोनाल्ड ट्रंप'
डेली टेलीग्राफ में प्रकाशित एक आलेख में  विराट को डोनाल्ड ट्रंप बता डाला. उसने लिखा था, "विराट कोहली स्पोर्ट्स की दुनिया के डोनाल्ड ट्रंप बन गए हैं. राष्ट्रपति ट्रंप की तरह ही कोहली ने भी मीडिया को हर चीज के लिए दोषी ठहराना शुरू कर दिया है."

पहले विराट और कुंबले दोनों पर साधा था निशाना
ऐसा नहीं है कि द डेली टेलीग्राफ ने पहली बार विराट कोहली और टीम इंडिया की आलोचना की है. इससे पहले भी वह उनके साथ ही कोच अनिल कुंबले को भी निशाने पर ले चुका है. बेंगलुरू टेस्ट के बाद उसने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि भारतीय कप्तान विराट कोहली ने एक ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी को एनर्जी ड्रिंक की बॉटल (Gatorade) से मारा है. इतना ही नहीं न्यूजपेपर ने यह भी आरोप लगाया था कि भारतीय कोच और पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले दूसरी पारी में विराट कोहली को आउट दिए जाने के बाद उस पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए मैच के दौरान ही अधिकारियों के बॉक्स में घुस गए थे.
 


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