NDTV Khabar

BCCI ने टीवी स्टिंग में पिच से छेड़छाड़ के दावों के बाद पुणे के क्यूरेटर को निलंबित किया

भारतीय क्रिकेट आज फिर तब भ्रष्टाचार की गिरफ्त में आ गया जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारत-न्यूजीलैंड के बीच दूसरे वनडे से कुछ घंटे पहले पुणे क्रिकेट स्टेडियम के क्यूरेटर को निलंबित कर दिया क्योंकि उन्होंने इंडिया टुडे टीवी के स्टिंग आपरेशन में पिच से कथित रूप से छेड़छाड़ के लिये सहमति जताई थी.

4 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
BCCI ने टीवी स्टिंग में पिच से छेड़छाड़ के दावों के बाद पुणे के क्यूरेटर को निलंबित किया

खुलासे के बाद पुणे के स्‍टेडियम के क्‍यूरेटर को निलंबित कर दिया गया (AFP फोटो)

खास बातें

  1. क्‍यूरेटर ने कथित रूप से पिच से छेड़छाड़ के लिए जताई थी सहमति
  2. स्टिंग में सालगांवकर को अंडरकवर रिपोर्टर से बात करते दिखाया गया
  3. इस खुलासे के बाद भी मैच पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हुआ
नई दिल्ली/पुणे: भारतीय क्रिकेट आज फिर तब भ्रष्टाचार की गिरफ्त में आ गया जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारत-न्यूजीलैंड के बीच दूसरे वनडे से कुछ घंटे पहले पुणे क्रिकेट स्टेडियम के क्यूरेटर को निलंबित कर दिया क्योंकि उन्होंने एक टीवी स्टिंग आपरेशन में पिच से कथित रूप से छेड़छाड़ के लिये सहमति जताई थी. इंडिया टुडे टीवी द्वारा किये गये इस स्टिंग आपरेशन में क्यूरेटर पांडुरांग सालगांवकर महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) के स्टेडियम की पिच पर खड़े होकर एक अंडरकवर रिपोर्टर से बात करते हुए दिख रहे हैं जिसमें यह रिपोर्टर एक सट्टेबाज बना हुआ है.

यह भी पढ़ें:ऑस्‍ट्रेलिया टीम के स्‍टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर का चार दिवसीय टेस्ट मैच को इनकार

हालांकि तीन मैचों की सीरीज का दूसरा मैच आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही हुआ क्योंकि आईसीसी पर्यवेक्षक ने पिच का मुआयना करने के बाद इसे मंजूरी दे दी. महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अभय आप्टे ने टॉस से महज आधा घंटे पहले इसकी घोषणा की. 68 वर्षीय सलगांवकर इस रिपोर्टर की जरूरत के मुताबिक पिच के साथ छेड़छाड़ करने की बात पर सहमति जताते हुए दिख रहे हैं.

इंडिया टुडे टीवी ने कहा कि यह वीडियो बीती शाम रिकॉर्ड किया गयाण्‍ हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पूर्व तेज गेंदबाज सलगांवकर आज शाम होने वाले मैच से पहले कुछ घंटे पहले पिच से छेड़छाड़ कैसे कर सकते थे.बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा, 'पांडुरांग सलगांवकर को तुरंत प्रभाव से महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के क्यूरेटर पद से निलंबित किया जाता है। ’’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘एमसीए ने भी सलगांवकर को संघ के सभी अन्य पदों से निलंबित कर दिया है. एमसीए ने एक जांच आयोग भी गठित किया है. बीसीसीआई ने पहले ही कहा है कि भ्रष्ट गतिविधियों के प्रति जरा भी ढील नहीं बरती जाएगी. ’

बाद में बीसीसीआई द्वारा जारी बयान में यह दोहराया गया कि रमेश महामुंकर को भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरे वनडे के लिये मुख्य विकेट और मैदान के लिये प्रभारी बनाया गया. प्रशासकों की समिति (सीओए) प्रमुख विनोद राय ने बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) का बचाव किया और कहा कि तीन सदस्यीय टीम कितना काम कर सकती है. उन्होंने कहा, ‘‘नीरज कुमार की अध्यक्षता वाली एसीयू में केवल तीन ही लोग हैं, इसलिये वे हर जगह नहीं हो सकते.’’ बीसीसीआई के बयान में राय ने कहा, ‘हम मुद्दे को देख रहे हैं और संबंधित अधिकारियों से संपर्क में हैं. हमने विस्तृत रिपोर्ट के बारे में पूछा है और इसी के अनुसार काम करेंगे. ’ बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी इस बात से नाराज हैं कि सालगांवकर सट्टेबाज बने रिपोर्टर को अपने साथ मैच की मुख्य पिच पर ले गये. बीसीसीआई के नियमों के अनुसार किसी भी गैर मान्यता प्राप्त व्यक्ति, जिसमें पत्रकार भी शामिल हैं, को पिच के निकट जाने की अनुमति नहीं है.

वीडियो: टीम इंडिया की सीरीज जीत में रोहित शर्मा चमके

बीसीसीआई के अधिकारी ने कहा, ‘नीरज कुमार की अगुवाई वाली बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) को कुछ जवाब देने होंगे. यहां एक अनजान व्यक्ति आता है जिसके पास ‘सभी क्षेत्रों में जाने वाला’ पास भी नहीं है और उसे क्यूरेटर मुख्य पिच पर ले जाता है. ’’ यह पूछने पर कि एसीयू इकाई को जवाब देना होगा कि एक बाहरी व्यक्ति को पिच पर कैसे जाने दिया गया तो चौधरी ने कहा, ‘एसीयू से जुड़े सभी व्यक्ति जवाबदेह होंगे. किसी भी मामले में पिच के बीच में जाने की इजाजत कुछ चुनिंदा लोगों को ही है. ’ जब बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वह कुमार को ईमेल लिख रहे हैं कि ताकि उनकी टीम इस घटना पर अपडेट दें. खन्ना ने कहा, ‘एमसीए के पूर्व अध्यक्ष अजय शिर्के और मौजूदा अध्यक्ष अभय आप्टे ने सालगांवकर को रिटायर होने के बाद करियर जारी रखने में मदद की. उन्हें एमसीए से प्रति महीना 65,000 रूपये का वेतन मिलता है और साथ ही बीसीसीआई की पेंशन भी है. वह बीसीसीआई के स्वतंत्र क्यूरेटरों में शामिल हैं। हम अभय और अजय दोनों के लिये बुरा महसूस कर रहे हैं. सालगांवकर ने उन्हें निराश किया. ’

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement