ऐसे 5 महान भारतीय क्रिकेटर जिन्हें नहीं मिल सका विदाई मैच खेलने का मौका

भारतीय क्रिकेट (Indian Cricket) में कुछ ऐसे भी क्रिकेटर हुए हैं जिन्होंने अपने परफॉर्मेंस से खुद को महान क्रिकेटरों की श्रेणी में पहुंचा तो दिया लेकिन करियर के आखिर में टीम से बाहर हुए और यहां तक कि फेयरवेल मैच खेलने का मौका तक नहीं मिल सका

ऐसे 5 महान भारतीय क्रिकेटर जिन्हें नहीं मिल सका विदाई मैच खेलने का मौका

इन खिलाड़ियों को नहीं मिला कोई विदाई मैच

खास बातें

  • ऐसे भारतीय खिलाड़ी जो नहीं खेल पाए अपना विदाई मैच
  • युवराज ने भारत को 2011 वर्ल्डकप विजेता बनाने में निभाई थी अहम भूमिका
  • गंभीर ने 2011 वर्ल्डकप फाइनल में खेली थी अहम 97 रनों की पारी

भारतीय क्रिकेट (Indian Cricket) में कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपने परफॉर्मेंस से हर किसी का दिल जीता है. अपने करियर में उन्होंने कई ऐसे परफॉर्मेंस दिए हैं जिसे फैन्स कभी नहीं भूल सकते हैं. वहीं, भारतीय क्रिकेट में कुछ ऐसे भी क्रिकेटर हुए हैं जिन्होंने अपने परफॉर्मेंस से खुद को महान क्रिकेटरों की श्रेणी में पहुंचा तो दिया लेकिन करियर के आखिर में टीम से बाहर हुए और यहां तक कि फेयरवेल मैच खेलने का मौका तक नहीं मिल सका. सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और आशीष नेहरा (Zaheer Khan) जैसे खिला़ड़ियों को बोर्ड ने फेयरवेल मैच खेलने का मौका दिया लेकिन वहीं, कुछ खिलाड़ियों को लेकर फेयरवेल मैच खेलने का मौका नहीं मिला . ऐसे में जानते हैं उन 5 महान खिलाड़ियों के बारे में जिन्हें फेयरवेल मैच खेलने का नहीं मिला.

युवराज सिंह
भारत के दिग्गज युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ऐसे क्रिकेटर रहे जिन्हे फेयरवेल मैच खेलने का मौका मिलना चाहिए था. लेकिन खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर हुए और फिर वापस टीम में नहीं आ सके. यही कारण रहा कि उन्हें फेयरवेल मैच नहीं मिला. युवी भारत के 2007 टी-20 वर्ल्डकप और 2011 वर्ल्डकप विजेता टीम का हिस्सा रहे और अपने परफॉर्मेंस से भारत को विश्व विजेता बनाने में अहम किरदार निभाया था. यहां तक कि 2011 वर्ल्डकप के दौरान युवी कैसर से भी परेशान थे, लेकिन इसके बाद भी जब वो कैंसर को मात देखकर लौटे तो उनका करियर अच्छा नहीं रहा. जिसके कारण टीम से अंदर-बाहर होते रहे. युवी ने भारतीय टीम के लिए वनडे में 304 मैच और टेस्ट में 40 मैच खेले, इसके अलावा टी-20 में कुल 58 मैच खेले. साल 2019 में युवराज ने क्रिकेट से संन्यास का फैसला कर लिया था.

वीरेंद्र सहवाग
भारत के विस्फोटक बल्लबाज (Virendra Sehwag) वीरेंद्र सहवाग को भी रिटायरमेंट से पहले फेयरवेल मैच खेलने का मौका नहीं मिला. सहवाग भी युवराज की ही तरह भारत के 2 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे थे. 2007 वर्ल्ड टी-20 और फिर 2011 वर्ल्डकप की विजेता टीम के सदस्य सहवाग रहे थे. सहवाग के नाम टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है. सहवाग ने साल 2008 में चेन्नई टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 319 रनों की पारी खेली थी. आखिरी इंटरनेशनल मैच सहवाग ने 2013 में खेला था. वैसे बीसीसीआई ने उन्हें 2015 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर फेयरवेल स्पीच देने के लिए बुलाया था. उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें एक ट्रॉफी भी सम्मान स्वरूप दी थी.

गौतम गंभीर
भारतीय क्रिकेट टीम ने जब 2011 का वर्ल्डकप फाइनल मैच श्रीलंका को हराकर जीता था उस ऐतिहासिक मैच में गंभीर ने 97 रनों की पारी खेली थी. गंभीर की शानदार पारी के दम पर भारतीय टीम वर्ल्डकप का फाइवल मैच जीतने में सफल रही थी. 2007 वर्ल्ड टी-20 में भी गंभीर की बल्लेबाजी कमाल की रही थी. लेकिन इन सबके बाद भी गंभीर अपना फेयरवेल मैच नहीं खेल सके. करियर के आखिर में जब गंभीर का फॉर्म खराब हुआ तो टीम से बाहर हुए. वैसे, टीम से बाहर होने के बाद गंभीर ने आईपीएल (IPL) में शानदार परफॉर्मेंस करना जारी रखा था.

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वीवीएस लक्ष्मण
वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) जैसे महान बल्लेबाज को भी रिटायरमेंट के लिए फेयरवेल मैच खेलने का मौका नहीं मिला. साल 2001 में कोलकाता टेस्ट में लक्ष्मण ने 281 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी वो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक मानी जाती है. वैसे लक्ष्मण ने युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौका देने के लिए ही खुद को क्रिकेट से अलग कर लिया था. साल 2012 में लक्ष्मण ने आखिरी टेस्ट मैच भारत के लिए खेला था. उनके नाम टेस्ट में कुल 17 शतक और वनडे में 6 शतक दर्ज हैं. 

जहीर खान
भारत के महान तेज गेंदबाज (Zaheer Khan) को भी फेयरवेल मैच खेलने का मौका नहीं मिला. जहीर ने अपने करियर में 92 टेस्ट और 200 वनडे मैच खेले. कपिल देव के बाद टेस्ट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं. इसके अलावा 2011 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को जीत मिली थी तो जहीर ने अपनी गेंदबाजी से अहम भूमिका निभाई थी. 2011 वर्ल्डकप में जहीर ने कुल 21 विकेट चटकाकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बने थे. जहीर ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच 2014 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था. 

 
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