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INDvsSL: तीसरा टेस्‍ट कल से, जीती तो इतिहास रच देगी विराट कोहली की टीम

पिछले कुछ समय से बदलाव के दौर से गुजर रही श्रीलंकाई टीम ने औपचारिकता के इस मैच में हरीभरी पिच तैयार की है.

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INDvsSL: तीसरा टेस्‍ट कल से,  जीती तो इतिहास रच देगी विराट कोहली की टीम

पहले दो टेस्‍ट मैचों में जीत के बाद टीम इंडिया के हौसले बुलंद हैं (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. जीती तो विदेश में 3-0 से सीरीज जीतने वाली पहली भारतीय टीम होगी
  2. हरीभरी है पिच, तेज गेंदबाजों को मिल सकती है मदद
  3. मैच में उतारे जा सकते हैं तेज गेंदबाज भुवनेश्‍वर कुमार
कैंडी: इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी विराट कोहली एंड कंपनी श्रीलंका के खिलाफ शनिवार से तीसरे और आखिरी टेस्ट में जब उतरेगी तो उसकी नजरें विदेशी सरजमीं पर तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में सूपड़ा साफ करने वाली पहली भारतीय टीम बनने पर लगी होंगी. श्रीलंका टीम ने इस मैच के लिए हरीभरी पिच तैयार की है जिसमें तेज गेंदबाजों की चांदी रह सकती है. भारत ने गाले में पहला टेस्ट 304 रन से और कोलंबो में दूसरा टेस्ट 53 रन से जीता था. पिछले कुछ समय से बदलाव के दौर से गुजर रही श्रीलंकाई टीम ने औपचारिकता के इस मैच में पिच पर घास रख छोड़ी है. खराब मौसम के कारण हालांकि भारतीय टीम आज अभ्यास नहीं कर सकी. श्रीलंका ने तेज गेंदबाज दुष्मंता चामीरा और लाहिरू गामेगे को टीम में जगह दी है जो घायल नुवान प्रदीप और रंगाना हेराथ की जगह लेंगे.

मैच से दो दिन पहले तक यहां की पिच बिल्कुल पल्लेकेले स्टेडियम की हरी-भरी पिच की तरह लग रही थी. पिच को देखते हुए कोहली भुवनेश्वर कुमार को तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में उतार सकते हैं जो निलंबित रविंद्र जडेजा की जगह ले सकते हैं .भुवनेश्वर ने कोहली की कप्तानी में टेस्ट टीम में मिले कुछ मौकों पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है. एक संभावना यह भी है कि भुवनेश्वर टीम में हार्दिक पंड्या की जगह ले जबकि 'चाइनामैन' कुलदीप यादव को दूसरे स्पिनर के रूप में उतारा जाए. यादव ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला की उछालभरी पिच पर अच्छा प्रदर्शन किया था. पहली पारी में उसके चार विकेट निर्णायक साबित हुए. अभी तक कोहली की कप्तानी में भारत ने 28 टेस्ट खेले हैं और उन्होंने कभी समान अंतिम एकादश नहीं उतारी. यही चलन कल के मैच में भी जारी रहने की उम्मीद है . श्रीलंकाई टीम के मौजूदा स्तर को देखते हुए यह विवाद का विषय है कि यह जीत कितनी बड़ी है लेकिन भारत ने 1932 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण के बाद से 85 साल में कोई पूर्ण टेस्ट सीरीज नहीं जीती. यदि वे ऐसा कर पाते हैं तो यह काबिले तारीफ होगा. भारत ने अपनी सरजमीं पर भी टेस्ट सीरीज में अधिक व्हाइटवाश नहीं किए हैं . भारत ने अभी तक चार ही सीरीज ऐसी खेली है जिसमें सारे मैच जीते हों. मोहम्मद अजहरुद्दीन की अगुवाई में 1993 में इंग्लैंड को 3-0 से हराना और श्रीलंका पर 1994 में 3-0 से मिली जीत इसमें शामिल है.

वीडियो : टीम इंडिया ने टेस्‍ट सीरीज पर किया कब्‍जा



धोनी की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2013 की घरेलू सीरीज में 4-0 से हराया. पिछले साल कोहली की कप्तानी में न्यूजीलैंड पर 3-0 से जीत दर्ज की. विदेशी सरजमीं पर यादगार टेस्ट सीरीज में कपिल देव की कप्तानी में इंग्लैंड में 1986 में तीन मैचों की सीरीज में 2-0 से मिली जीत , पाकिस्तान पर 2004 में 2-1 से जीत और श्रीलंका पर 2015 में 2-1 से जीत शामिल है . भारत ने टाइगर पटौदी की कप्तानी में 1967 . 68 में न्यूजीलैंड में 3-1 से जीत दर्ज की थी. (इनपुट: भाषा)


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