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इंग्लैंड के लिए अनहोनी को होनी कर दें 'जैसन', 'जोस', 'जेम्स', 'जो' और 'जॉनी'

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इंग्लैंड के लिए अनहोनी को होनी कर दें 'जैसन', 'जोस', 'जेम्स', 'जो' और 'जॉनी'

इंग्लैंड क्रिकेट टीम (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

कुछ साल पहले इंग्लैंड क्रिकेट टीम के भविष्य को लेकर कई सवाल उठाये जा रहे थे। इंग्लैंड टीम में कोई ज्यादा नए खिलाड़ियों की एंट्री नहीं हो रही थी, जो कुछ खिलाड़ियों की एंट्री हो रही उनमें से ज्यादातर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे। इंग्लैंड टीम में अच्छे खिलाड़ियों को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे थे। केविन पीटरसन को जब इंग्लैंड टीम से निकला गया था, तब उनके जगह कौन लेगा? इस बात को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। साल 2014 में टीम इंडिया ने जब इंग्लैंड का दौरा किया था, तब इंग्लैंड टीम को बुरी तरह हराया था।  दोनों टीमों के बीच खेले गए पांच वनडे मैचों में से टीम इंडिया को तीन मैचों में जीत मिली थी। इंग्लैंड सिर्फ एक मैच जीत पाया था और एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था। उस वक़्त एलिस्टर कुक इंग्लैंड टीम के कप्तान थे। टीम में इयान बेल, जेम्स एंडरसन, स्टीवन फिन, रवि बोपारा और जेम्स ट्रेडवेल जैसे खिलाड़ी मौजूद थे।

जब सीनियर खिलाड़ी हो रहे थे विफल :
फिर नवंबर 2014 में इंग्लैंड टीम ने श्रीलंका का दौरा किया और श्रीलंका के खिलाफ सात वनडे मैच खेले और पांच हार गए। चारों तरफ इंग्लैंड टीम के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। वनडे मैचों में कुक की कप्तानी को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। फिर इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच ऑस्ट्रेलिया में हुई ट्राई सीरीज से एलिस्टर कुक को टीम से हटाया दिया गया। इयान मॉर्गन को वनडे टीम का कप्तान बनाया गया, लेकिन टीम के खिलाड़ियों में कोई ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। इंग्लैंड ट्राई सीरीज के फाइनल तक पहुंच तो पाया, लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गया।


साल 2014-15 में हुए आईसीसी वर्ल्ड कप के दौरान इंग्लैंड अपने छह लीग मैचों में से चार हार गया। बांग्लादेश जैसी टीम से भी इंग्लैंड अपना मैच हार गया था। इंग्लैंड जो दो मैच जीत पाया था वह मैच अफ़ग़ानिस्तान और स्कॉटलैंड जैसी छोटी टीमों के खिलाफ थे। इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी समस्या जो थी वह सलामी बल्लेबाजी की थी। इंग्लैंड की तरफ से कोई भी सलामी बल्लेबाज सफल नहीं हो पा रहा था। कई दिनों तक इयान बेल और मोईन अली को भी सलामी बल्लेबाज के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन यह दोनों खिलाड़ी खास सफल नहीं हो पाए।

बदले खिलाड़ी, बदली किस्मत :
अब इंग्लैंड टीम में बदलाव की जरूरत थी। इंग्लैंड के चयनकर्ता जाग गए थे। जून 2015 में इंग्लैंड ने न्यूज़ीलैंड का दौरा किया और इंग्लैंड टीम से कई पुराने खिलाड़ियों को निकाल दिया गया। कम अनुभवी खिलाड़ियों को इस दौरे पर मौका मिला। जैसन रॉय को टीम में सलामी बल्लेबाज के रूप में चुना गया। इंग्लैंड ने न्यूज़ीलैंड को 3-2 से हराकर सीरीज जीती। 2015 में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड का दौरा किया और इंग्लैंड के खिलाफ खेले पांच वनडे मैचों की सीरीज को 3-2 से जीत लिया था, लेकिन इस सीरीज में जैसन रॉय सलामी बल्लेबाज के रूप में सफल हुए।

फिर 2015/16 में इंग्लैंड ने शानदार खेलते हुए पाकिस्तान के खिलाफ हुई वनडे सीरीज को 3-1 से जीता और इस सीरीज में जोस बटलर इंग्लैंड के लिए हीरो साबित हुए। इंग्लैंड को एक शानदार विकेट कीपर और बल्लेबाज मिल गया। पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में बटलर की शानदार विकेट कीपिंग और बल्लेबाजी की वजह से उन्हें 'मैन ऑफ द सीरीज' चुना गया। फरवरी 2016 में इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका का दौरा किया और पांच वनडे मैच की सीरीज खेली। इंग्लैंड 3-2 से सीरीज हार गया, लेकिन इस सीरीज में एंड्रू हेल्स सलामी बल्लेबाज के रूप में हिट हुए। हेल्स के शानदार प्रदर्शन की वजह से उन्हें 'मैन ऑफ़ द सीरीज' का अवार्ड मिला था।

कौन है 'जैसन', 'जोस', 'जॉनी', 'जेम्स' और 'जो' :


जैसन रॉय
 
जिन पांच खिलाड़ियों की बात हो रही है वह जैसन रॉय, जोस बटलर, जॉनी बैरिस्टो, जो रूट और जेम्स विंसे हैं। यह पांचों खिलाड़ी इंग्लैंड की बल्लेबाजी को एक नई दिशा दे रहे हैं। शनिवार को श्रीलंका के खिलाफ हुए आखिर वनडे मैच को इंग्लैंड ने 122 रन से जीत लिया और पांच मैच की सीरीज को 3-0 से कब्ज़ा कर लिया। इस सीरीज में एक मैच टाई हो गया था, जबकि एक मैच बारिश के वजह से रद्द हो गया था। आखिरी मैच में जो रूट ने शानदार खेलते हुए 93 रन बनाए। बटलर ने भी 45 गेंदों का सामना करते हुए 70 रन बनाए। इस सीरीज में इंग्लैंड की तरफ से सलामी बल्लेबाज जैसन रॉय ने सबसे ज्यादा रन बनाए। रॉय ने पांच मैच खेलते हुए करीब 105 की औसत से 316 रन बनाए, जिसमें दो शानदार शतक शामिल हैं। इस सीरीज में रॉय ने अपने वनडे कैरियर का सबसे ज्यादा 160 रन भी बनाए। रॉय की शानदार बल्लेबाजी के वजह से उन्हें 'मैन ऑफ़ द सीरीज' का आवर्ड भी मिला। जैसन रॉय इंग्लैंड की तरफ से 24 वनडे मैच खेलते हुए 40 की औसत से 840 रन बनाए है जिसमे तीन शतक और तीन अर्धशतक शामिल है। रॉय को इंग्लैंड के टेस्ट टीम में अभीतक मौका नहीं मिला है।

जो रूट वनडे और टेस्ट मैचों में हो रहे हैं सफल :

जो रूट
 
श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जो रूट ने 57 की औसत से 171 रन बनाया। इंग्लैंड के लिए जो रुट वे 72 वनडे मैच खेलते हुए करीब 44 की औसत से 2650 रन बनाए है जिसमें आठ शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं। रूट टेस्ट मैचों में भी काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। टेस्ट मैचों में रूट का औसत 54 की करीब है। इस सीरीज में जोस बटलर पांच मैच खेलते हुए 90 की औसत से 180 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं। जोस बटलर अभी तक 74 वनडे मैच खेल चुके है और करीब 37 की औसत से 1908 रन बनाए हैं, जिसमें चार शतक और आठ अर्धशतक शामिल है। टेस्ट मैचों में बटलर का औसत 30 के करीब है।
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जॉनी बैरिस्टो सफल बल्लेबाज के रूप में उभर रहे हैं :
जॉनी बैरिस्टो वनडे मैचों कुछ खास नहीं कर पाए हैं, लेकिन टेस्ट में मैचों में एक सफल बल्लेबाज के रूप में उभर रहे हैं। बैरिस्टो 16 वनडे मैचों खेल चुके हैं और करीब 32 के औसत से 292 बनाए हैं। टेस्ट मैचों में बैरिस्टो का औसत 40 की करीब है। हाल में श्रीलंका के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज में बैरिस्टो ने शानदार बल्लेबाजी की थी। इस सीरीज में बैरिस्टो ने सबसे ज्यादा रन बनाए थे। तीन टेस्ट मैच की इस सीरीज में बैरिस्टो ने चार इन्निंग्स खेलते हुए करीब 129 के औसत से 387 रन बनाए थे, जिसमें दो शानदार शतक शामिल थे। लॉर्ड्स के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच की पहली पारी में बैरिस्टो ने 167 रन का शानदार पारी खेली थी।

क्या जेम्स विंसे सफल बल्लेबाज साबित होंगे :
सिर्फ इतना ही नहीं इंग्लैंड टीम में एक नया खिलाडी भी उभर कर आ रहा है और वह है जेम्स विंसे। विंसे ने श्रीलंका के खिलाफ आखिरी वनडे मैच में सलामी बल्लेबाज के रूप में 56 गेंदों का सामना करते हुए 51 रन बनाए थे। यह विंसे के कैरियर का दूसरा मैच था। इससे पहले विंसे आयरलैंड के खिलाफ एक मैच खेले थे, लेकिन वह मैच को बारिश की वजह से रद्द हो गया था और उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला।



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