जानिए, किसने कहा था कि जहीर उनसे बेहतर बॉलर हैं, उन्हें टीम में लिया जाए

जानिए, किसने कहा था कि जहीर उनसे बेहतर बॉलर हैं, उन्हें टीम में लिया जाए

तेज गेंदबाज जहीर खान (फाइल फोटो)

क्या आप जानते हैं कि जहीर खान के प्रदर्शन को देखकर उनके सीनियर टीम में चयन के लिए टीम इंडिया के एक महान पूर्व तेज गेंदबाज ने चयन समिति के अध्यक्ष से बात की थी। यह गेंदबाज कोई और नहीं बल्कि जवागल श्रीनाथ हैं। श्रीनाथ एक स्थानीय टूर्नामेंट में जहीर की गेंदबाजी से इतने प्रभावित हुए कि खुद को चोट लगने पर उन्होंने जहीर के नाम की सिफारिश कर दी और उन्हें खुद से बेहतर गेंदबाज बताया।

'सीधे टीम इंडिया से मिले खेलने का अवसर'
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार यह बात साल 2000 की है, जब जहीर बेंगलुरू के आरएसआई ग्राउंड में केएससीए इन्विटेशनल टूर्नामेंट में खेल रहे थे। श्रीनाथ ने जहीर को गेंदबाजी हुए पहली बार यहीं देखा था। श्रीनाथ ने बताया कि उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह कि उसी दौरान श्रीनाथ चोट से जूझ रहे थे। जहीर के प्रदर्शन से खुश होकर श्रीनाथ ने उस समय के चयन समिति अध्यक्ष चंदू बोर्डे से बात की और उनसे कहा कि एक ऐसा बॉलर है जो इस समय उनसे भी अच्छी गेंदबाजी कर रहा है। उसे सीधे टीम इंडिया की ओर से खेलने का अवसर मिलना चाहिए।

इसके बाद जहीर को आईसीसी नॉकआउट के लिए टीम इंडिया में चुन लिया गया और उन्होंने अपना पहला मैच अक्टूबर, 2000 में केन्या के खिलाफ खेला। श्रीनाथ के भरोसे पर जहीर पूरी तरह खरे उतरे और अपने पहले ही मैच में 10 ओवर में 48 रन देकर 3 विकेट झटक लिए।

समर्पण और अच्छा करने की ललक ने किया प्रभावित
श्रीनाथ ने बताया कि उस समय युवा जहीर की जिस बात ने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया वह थी उनका खेल के प्रति समर्पण और अच्छा करने की ललक। बाएं हाथ के गेंदबाज हमेशा खास होते हैं, उस पर भी जहीर के पास इंटरनेशनल लेवल पर सफल होने लायक गति थी और वे सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी कर रहे थे।

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'100 टेस्ट नहीं खेल पाने का मलाल'
श्रीनाथ ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें इस बात का मलाल है कि जहीर अपने करियर में 100 टेस्ट नहीं खेल सके, जिसके वे हकदार थे। गौरतलब है कि जहीर ने टेस्ट करियर में 92 टेस्ट खेले, जिसमें उन्होंने 311 विकेट हासिल किए। श्रीनाथ ने कहा कि जहीर के साथ खेलना हमेशा शानदार रहा। हम एक साथ बैठकर अपने गेम की समीक्षा करते थे और कमियों को दूर करने की कोशिश करते थे।

इतना ही नहीं श्रीनाथ ने गुरुवार को जहीर से बात की और कहा, 'यदि आपको लगता है कि आपमें अभी और क्रिकेट बाकी है, तो खेलना जारी रखें। रूखे और दुखी मन से संन्यास न लें।' लेकिन जहीर ने उनसे कहा कि उन्होंने सोच-समझकर फैसला लिया है।