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हाईलाइट्स INDvsAUS : पुजारा-साहा और जडेजा की मेहनत पर फिरा पानी, हैंड्सकॉम्ब और मार्श की साहसी पारियों से मैच ड्रॉ

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हाईलाइट्स INDvsAUS : पुजारा-साहा और जडेजा की मेहनत पर फिरा पानी, हैंड्सकॉम्ब और मार्श की साहसी पारियों से मैच ड्रॉ

India vs Australia : रवींद्र जडेजा ने डेविड वॉर्नर को एक बार फिर आउट किया...

खास बातें

  1. सीरीज में दोनों टीमें सीरीज में इस समय 1-1 से बराबरी पर हैं
  2. पुणे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को बुरी तरह हराया था
  3. बेंगलुरू में टीम इंडिया ने रोमांचक जीत दर्ज की थी
रांची: वर्ल्ड नंबर एक और दो टीम के बीच कोई सीरीज हो और उसमें रोमांच न हो, तो क्रिकेट का मजा ही अधूरा ही रह जाएगा. भारत और ऑस्ट्रेलिया ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज में अब तक ऐसा ही खेल दिखाया है. लगभग हर मैच में अलग-अलग सत्रों में कभी ऑस्ट्रेलिया हावी रहा, तो कभी विराट कोहली एंड टीम. पहला टेस्ट कंगारू जीते, तो दूसरे पर भारत ने कब्जा जमाया. ऐसे में रांची टेस्ट सीरीज में बढ़त हासिल करने के लिहाज से काफी अहम था. टीम इंडिया ने इस मैच के शुरुआती दौर में पिछड़ने के बाद वापसी भी की, लेकिन अंतिम दिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने संभावित हार को टालते हुए मैट ड्रॉ करा लिया और सीरीज अब 1-1 से बराबरी पर है. मतलब धर्मशाला में होने वाला अंतिम मैच निर्णायक होगा. कंगारू टीम की ओर से पीटर हैंड्सकॉम्ब (72) और शॉन मार्श (53) ने मैच बचाऊ पारी खेली और अद्भुत तकनीक का प्रदर्शन किया. टीम इंडिया के गेंदबाजों में रवींद्र जडेजा ने दूसरी पारी में चार विकेट तो लिए, लेकिन किसी अन्य गेंदबाज ने साथ नहीं दिया और भारत के सीरीज में बढ़त हासिल करने के मंसूबे पर पानी फिर गया.

टीम इंडिया की ओर से चेतेश्वर पुजारा ने जहां पहली पारी में दोहरा शतक (202) लगाया, वहीं कीपर ऋद्धिमान साहा ने 117 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को मैच में वापस ला दिया था., जबकि गेंदबाजी में रवींद्र जडेजा ने दोनों पारियों में शानदार प्रदर्शन किया और मैच में कुल 9 विकेट लिए, लेकिन उनको अन्य गेंदबाजों से कोई सपोर्ट नहीं मिला. पहली पारी में उमेश यादव ने तीन विकेट लिए थे, लेकिन दूसरी पारी में वह भी नहीं चले. ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान स्मिथ, मैट रेनशॉ और डेविड वॉर्नर जैसे बल्लेबाजों के आउट हो जाने के बाद भी हैंड्सकॉम्ब (72) और शॉन मार्श (53) ने हिम्मत नहीं हारी और मैच बाचने में सफल रहे. मैच खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट पर 204 रन बना लिए. हैंड्सकॉम्ब 72 रन पर नाबाद लौटे.

अश्विन ने इस रिकॉर्ड की बराबरी की
रविचंद्रन अश्विन ने दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज डेल स्‍टेन के एक बड़े रिकॉर्ड की बराबरी की. मैच के पांचवें दिन अश्विन ने सोमवार को ग्लेन मैक्सवेल को आउट कर एक सीजन में सर्वाधिक विकेट लेने के स्‍टेन के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. अश्विन और डेल स्‍टेन, दोनों के ही नाम पर अब एक सीजन में सर्वाधिक 78 विकेट लेने का रिकॉर्ड है. एक विकेट और लेते ही तमिलनाडु का यह ऑफ स्पिनर डेल स्‍टेन को पीछे छोड़कर एक सीजन में सबसे ज्‍यादा विकेट लेने का स्‍टेन का रिकॉर्ड तोड़ देगा. स्‍टेन ने 2007-08 सीजन में 12 टेस्‍ट में 16.24 के औसत से 78 विकेट लिए थे.

रांची में पहला टेस्ट ही ड्रॉ
रांची में पहली बार कोई टेस्ट मैच खेला गया जो ड्रॉ पर खत्म हुआ. इससे पहले यहां चार वनडे मैच खेले गए थे, जिसमें से टीम इंडिया को दो में जीत मिली थी, वहीं एक मैच न्यूजीलैंड ने जीता था. ऑस्ट्रेलिया ने यहां एक वनडे खेला है, जिसका कोई परिणाम नहीं निकला था. यहां एक टी-20 भी खेला गया है, जिसमें भारत ने श्रीलंका को फरवरी, 2016 में 69 रन से हराया था. टीम इंडिया ने यहां आखिरी मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ अक्टूबर, 2016 में खेला था, जिसमें उसे हार मिली थी.

विराट नहीं तोड़ पाए यह रिकॉर्ड
रांची टेस्ट में विराट कोहली के पास एक रिकॉर्ड बनाने का मौका था, लेकिन वह सीरीज में एक बार फिर फेल रहे. यदि वह शतक बना लेते तो 16 शतक लगा चुके सौरव गांगुली को पीछे छोड़ देते. इसके साथ ही वह टेस्ट में भारत के लिए सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले 8वें क्रिकेटर भी बन जाते. रांची में विराट कोहली चोटिल होने के बावजूद उतरे, लेकिन 23 गेंदों में 6 रन बनाकर ही लौट गए. विराट का बल्ला वर्तमान सीरीज में खामोश ही रहा है. इससे पहले तक उनका बल्ला लगातार रन बरसा रहा था, लेकिन वह इस सीरीज की पांच पारियों में 0, 13, 12, 15 और 6 रन ही बना पाए हैं. लगातार चार सीरीजों में चार दोहरे शतक बना चुके विराट कोहली के लिए यह चिंताजनक हो सकता है.

ऑस्ट्रेलिया का विकेट पतन : 1/17 (डेविड वॉर्नर- 14), 2/23 (नैथन लियोन- 2), 3/59 (मैट रेनशॉ 15), 4/63 (स्टीव स्मिथ- 21), 5/187 (शॉन मार्श- 53), 6/190 (ग्लेन मैक्सवेल- 2)

अंतिम सत्र में टीम इंडिया ने नए सिरे से आक्रमण शुरू किया, लेकन पीटर हैंड्सकॉम्ब और शॉन मार्श ने उसका माकूल जवाब दिया. जहां लंच से पहले रवींद्र जडेजा खास प्रभावी रहे, वहीं इसके बाद टीम इंडिया का कोई भी गेंदबाज विकेट लेता नहीं दिखा. कुछ अपील हुईं. लेकिन अंपायर ने नकार दी. हैंड्सकॉम्ब ने 126 गेंदों में अपनी तीसरी फिफ्टी पूरी की और शतकीय साझेदारी भी पूरी कर ली. इसके बाद शॉन मार्श ने भी 190 गेंदों में फिफ्टी पूरी करके टीम इंडिया के सपने पर पानी फेर दिया. चायकाल के बाद के पहले घंटे में कंगारुओं ने कोई विकेट नहीं गिरने दिया. आखिरी घंटे में जडेजा को चौथी सफलता मिली. उन्होंने 53 रन पर खेल रहे मार्श को मुरली विजय से कैच कराया. मार्श ने हैंड्सकॉम्ब के साथ 124 रन जोड़े.

चायकाल से पहले : जम गए कंगारू
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जब लंच के बाद अपनी पारी शुरू की थी, तो ऐसा लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज उनको जल्दी ही समेट देंगे, लेकिनपीटर हैंड्सकॉम्ब (4) और शॉन मार्श (15) ने भारतीय गेंदबाजों का जमकर सामना किया और दूसरे सत्र के पहले घंटे तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया. हालांकि इस दौरान उनकी रनगति बेहद कम रही, लेकिन उनको इसकी जरूरत भी नहीं थी, क्योंकि उनके लिए मैच बचाना जरूरी है.दोनों के बीच 50 से अधिक की साझेदारी हुई. चायकाल के समयद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 149/4 रहा. हैंड्सकॉम्ब (44) और मार्श (38) नाबाद रहे.

लंच से पहले : टीम इंडिया ने झटके 60 रन देकर दो विकेट
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पांचवें दिन अपनी पारी को 23 रवन पर दो विकेट से आगे बढ़ाया. कप्तान स्टीव स्मिथ और मैट रेनशॉ ने पहले डेढ़ घंटे तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया. हालांकि भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाते रहे, लेकिन सफलता नहीं पा रही थी. दोनों काफी संभलकर खेल रहे थे और उनके बीच 36 रन की साझेदारी हुई थी. फिर 29वें ओवर में तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने मैट रेनशॉ (15) को पगबाधा आउट कर दिया. इसके बाद अगले ही ओवर में रवींद्र जडेजा ने कप्तान स्मिथ (21) को बोल्ड करके कंगारू बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. लंच तक ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट पर 83 रन बना लिए. पीटर हैंड्सकॉम्ब (4) और शॉन मार्श (15) नाबाद रहे. इस सत्र में भारत ने 60 रन खर्च किए और दो विकेट लिए.

चौथे दिन का खेल : भारत ने 603 रन पर घोषित की पारी, पुजारा का दोहरा शतक
चौथे दिन चेतेश्वर पुजारा ने करियर का तीसरा दोहरा शतक ठोका. उन्होंने इसके लिए 521 गेंदों का सामना किया और 21 चौके लगाए, वहीं ऋद्धिमान साहा ने टेस्ट करियर का तीसरा शतक लगाया. पुजारा को नैथन लियोन ने मैक्सवेल के हाथों 202 रन (525 गेंद) पर कैच कराया. साहा को 117 रन (8 चौके, 1 छक्का) को स्कोर पर स्पिनर स्टीव ओकीफी ने लौटाया. पुजारा-साहा के बीच 199 रनों की साझेदारी हुई. दोनों के आउट होने के बाद रवींद्र जडेजा ने मोर्चा संभाला और तेजी से रन बनाने शुरू कर दिए. उन्होंने उमेश यादव के साथ नौवें विकेट के लिए 54 रन जोड़े. यादव 16 रन बनाकर पैवेलियन लौटे. उनको ओकीफी ने आउट किया. जडेजा ने 51 गेंदों में फिफ्टी पूरी की. टीम इंडिया ने अंतिम सत्र में अपनी पहली पारी में 9 विकेट पर 603 रन पर घोषित कर दी. इस प्रकार उसे पहली पारी के आधार पर 152 रन की बढ़त हासिल हो गई है. रवींद्र जडेजा (54) नाबाद रहे. दिन का खेल समाप्त होने तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में दो विकेट पर 23 रन बना लिए हैं. फिलहाल वह भारत से 129 रन पीछे है. मैट रेनशॉ (7) नाबाद रहे. बल्ले से कमाल दिखाने के बाद रवींद्र जडेजा ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी के दोनों विकेट झटके. उन्होंने डेविड वॉर्नर (14) को एक बार फिर सस्ते में लौटाया. पैट कमिन्स ने भारत के चार विकेट, तो स्टीव ओकीफी ने तीन विकेट, जबकि जॉश हेजलवुड और नैथन लियोन ने एक-एक विकेट लिया.

तीसरे दिन का खेल : एक बार फिर 'दीवार' बने पुजारा
तीसरे दिन का खेल पूरी तरह से चेतेश्वर पुजारा के नाम रहा. उन्होंने करियर का नाबाद शतक लगाया. पुजारा के अलावा टीम इंडिया की ओर से ओपनर मुरली विजय ने भी शानदार बल्लेबाजी की. विजय के लिए यह मैच खास है क्योंकि यह उनका 50वां टेस्ट मैच है. उन्होंने इसका जश्न भी मनाया और फिफ्टी बनाई, लेकिन उसे शतक में नहीं बदल सके. विजय ने 82 रनों की पारी खेली. उन्होंने पुजारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 102 रन जोड़े. करुण नायर ने भी पुजारा के साथ 44 रन जोड़े, लेकिन 23 रन पर चलते बने. दूसरे दिन लोकेश राहुल ने भी 67 रन बनाए थे. तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 6 विकेट पर 360 रन बना लिए. चेतेश्वर पुजारा (130) और ऋद्धिमान साहा (18) नाबाद रहे.

दूसरे दिन का खेल : कंगारुओं का विशाल स्कोर, टीम इंडिया की अच्छी शुरुआत
टीम इंडिया ने दूसरे दिन अच्छी गेंदबाजी की. खासतौर से रवींद्र जडेजा ने ऑस्ट्रेलिया के पुछल्ले बल्लेबाजों को जल्दी-जल्दी पैवेलियन लौटाया, चायकाल से लगभग आधे घंटे पहले कंगारुओं की पारी 451 रन पर सिमट गई. स्मिथ ने नाबाद 178 रन बनाए, जबकि ग्लेन मैक्सवेल ने करियर का पहला शतक (104 रन) जड़ा. टीम इंडिया की ओर से रवींद्र जडेजा ने पांच विकेट लिए, तो उमेश यादव ने तीन विकेट और आर अश्विन ने एक विकेट झटका, जबकि एक खिलाड़ी रनआउट हुआ. जवाब में भारत ने चायकाल तक बिना किसी नुकसान के 20 रन बना लिए. मुरली विजय और लोकेश राहुल ने सीरीज में पहली बार अच्छी शुरुआत दिलाई. दोनों के बीच 91 रन की साझेदारी हुई. राहुल 69 गेंदों में सीरीज की चौथी और करियर की पांचवीं फिफ्टी पूरी की. इसमें उन्होंने 8 चौके लगाए. अंतिम सत्र के पहले घंटे में इंडिया ने कोई विकेट नहीं गिरने दिया और 80 रन बना लिए थे. इसके बाद राहुल को पैट कमिन्स ने 67 रन पर कीपर मैथ्यू वेड के हाथों कैच करा दिया.

पहले दिन का खेल : एक सत्र में इंडिया, तो दो में ऑस्ट्रेलिया रहा हावी
तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया पर दबाव बना लिया. हालांकि पहले सत्र में टीम इंडिया हावी रही, जबकि अंतिम दो सत्र में कंगारुओं ने स्थिति मजबूत कर ली. दूसरी ओर टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली अपना कंधा चोटिल करवा बैठे और फिर फील्डिंग करने नहीं लौटे. विराट कोहली को लंच के बाद 40वें ओवर में यह चोट लगी थी. टीम इंडिया ने टॉस हारने के बावजूद लंच से पहले ऑस्ट्रेलिया के 109 रन पर ही तीन विकेट झटक लिए थे, लेकिन लंच के बाद वह केवल एक ही विकेट ले पाई और चायकाल के बाद तो उसे कोई सफलता नहीं मिली और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने मैदान पर विराट कोहली की गैरमौजूदगी का पूरा फायदा उठाया. कप्तान स्टीव स्मिथ और ग्लेन मैक्सवेल ने 159 रनों की नाबाद साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक चार विकेट पर 299 रन बना लिए. स्मिथ 117 रन (244 गेंद, 13 चौके) और मैक्सवेल 82 रन (147 गेंद, 5 चौके, 2 छक्के) पर नाबाद लौटे. ओपनर मैट रनेशॉ ने 44 रन बनाए, जबकि डेविड वॉर्नर 19 रन ही बना सके.


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