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INDvsAUS Test : रवींद्र जडेजा ने बल्ले-गेंद से मैच का रुख टीम इंडिया की ओर मोड़ा, जीत के लिए 87 रन और चाहिए

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INDvsAUS Test : रवींद्र जडेजा ने बल्ले-गेंद से मैच का रुख टीम इंडिया की ओर मोड़ा, जीत के लिए 87 रन और चाहिए

India vs Australia Test : रवींद्र जडेजा ने करियर की सातवीं फिफ्टी बनाई और तीन विकेट लिए...

खास बातें

  1. रवींद्र जडेजा ने 63 रनों की अहम पारी खेली
  2. उन्होंने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के 4 विकेट लिए
  3. सीरीज में दोनों टीमें फिलहाल 1-1 की बराबरी पर हैं
धर्मशाला: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जे को लेकर भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच धर्मशाला में खेले जा रहे चार मैचों की सीरीज के अंतिम और निर्णायक मैच में टीम इंडिया ने अपनी पकड़ काफी मजबूत कर ली है. पहले दो दिन दोनों टीमों के बीच जोरदार संघर्ष देखने को मिला, लेकिन तीसरे दिन के खेल में टीम इंडिया पूरी तरह हावी नजर आई. ऐसा ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के करिश्माई प्रदर्शन के कारण संभव हुआ. जडेजा ने 63 रन बनाने के बाद गेंद से भी धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर धकेल दिया. इसमें तेज गेंदबाज उमेश यादव और रविचंद्रन अश्विन का भी अहम योगदान रहा. दूसरी पारी में पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 137 रन पर ही सिमट गई. रवींद्र जेडजा, आर अश्विन और उमेश यादव ने तीन-तीन विकेट, तो भुवनेश्वर ने एक विकेट लिया. टीम इंडिया को यह मैच जीतकर सीरीज पर कब्जा करने के लिए 106 रन की जरूरत है. दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने 19 रन बना लिए. मुरली विजय (6) और लोकेश राहुल (13) नाबाद रहे. भारत को अब 87 रनों की और जरूरत है.

ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में ग्लेन मैक्सवेल के अलावा कोई भी कंगारू बल्लेबाज टिक नहीं पाया. पहली पारी में भारत से 32 रन से पिछड़ने के बाद दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी लड़खड़ा गई. ग्लेन मैक्सवेल ने सर्वाधिक 45 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और एक छक्का जड़ा. मैथ्यू वेड 25 रन पर नाबाद रहे. अन्य कोई भी बल्लेबाज टिक कर नहीं खेल पाया. 6 बल्लेबाज तो दहाई अंक तक भी नहीं पहुंचे. उमेश यादव ने डेविड वॉर्नर को 6 रन पर कीपर साहा के हाथों कैच कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई, फिर भुवनेश्वर कुमार ने पहली पारी के शतकवीर स्टीव स्मिथ को बोल्ड कर दिया. इसके बाद उमेश ने मैट रेनशॉ को पैवेलियन की राह दिखाकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी को जोरदार झटका दिया. दिन के खेल में लंच से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के 300 रनों के जवाब में टीम इंडिया की पहली पारी 332 रनों पर सिमट गई. इस प्रकार टीम इंडिया को पहली पारी में 32 रनों की बढ़त मिली थी.

ऐसे तीसरे खिलाड़ी बने जडेजा
रवींद्र जडेजा ने इस सीजन में गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी कमाल दिखाया है. उन्होंने 2016-17 के सीजन में 50 से अधिक के स्कोर बनाए हैं. धर्मशाला में उन्होंने करियर की सातवीं फिफ्टी ठोकी, जो ऐसे समय आई है, जब टीम इंडिया को इसकी खासी जरूरत थी. विश्व क्रिकेट में जडेजा सहित तीन खिलाड़ी ही ऐसे हैं, जिन्होंने किसी सीजन विशेष में 500 से अधिक रन बनाने के साथ ही 50 से अधिक विकेट भी लिए हैं. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के मिचेल जॉनसन ने 2008-09 के सीजन में और भारत के ही कपिल देव ने 1979-80 के सीजन में यह कमाल किया था.

लड़खड़ाई ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी
सुबह के सत्र तक टीम इंडिया पर हावी दिख रही ऑस्ट्रेलियाई टीम चायकाल तक बिखर गई और दूसरी पारी में उसकी बल्लेबाजी चरमरा गई. चाय से 92 रन पर पांच विकेट गंवा चुकी कंगारू टीम के लिए चाय के बाद ग्लेन मैक्सवेल ने मैथ्यू वेड के साथ 14 रन ही जोड़े थे कि उनको अंपायर ने आर अश्विन की गेंद पर पगबाधा करार दिया. वास्तव में उन्होंने भीतर की ओर आ रही गेंद पर कोई शॉट ऑफर नहीं किया और विकेटों के सामने पकड़े गए. उन्होंने डीआरएस लिया, लेकिन 'अंपायर्स कॉल' हो गई. मैक्सवेल ने 45 रनों की पारी खेली जिसमें 6 चौके और एक छक्का लगाया. स्कोर में 15 रन और जुड़े थे कि जडेजा ने पैट कमिन्स को 12 रन पर रहाणे के हाथों कैच कराते हुए सातवां विकेट चटका दिया. 121 रन पर ही जडेजा ने आठवां झटका भी दे दिया. उमेश यादव ने नैथन लियोन के रूप में नौवां विकेट झटका. अंतिम विकेट अश्विन ने लिया और हेजलवुड को अपना तीसरा शिकार बनाया.

ऑस्ट्रेलिया का विकेट पतन : 1/10 (डेविड वॉर्नर- 6 रन), 2/31 (स्टीव स्मिथ- 17 रन), 3/31 (मैट रेनशॉ- 8 रन), 4/87 (पीटर हैंड्सकॉम्ब- 18 रन), 5/92 (शॉन मार्श- 1), 6/106 (ग्लेन मैक्सवेल- 45 रन), 7/121 (पैट कमिन्स- 12 रन), 8/121 (स्टीव ओकीफी- 0), 9/122 (नैथन लियोन- 0), 10/137 (जॉश हेजलवुड- 0)

500 का आंकड़ा छूने से 1 रन से चूके स्मिथ!
दूसरी पारी में कंगारू कप्तान स्टीव स्मिथ ने एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद की होगी, लेकिन भुवनेश्वर कुमार ने उन्हें बोल्ड करके उनके अरमानों पर पानी फेर दिया. सीरीज के टॉप स्कोरर स्मिथ एक रन से 500 का आंकड़ा नहीं छू पाए. स्मिथ ने विवादों के बीच अपना फॉर्म जारी रखते हुए तीन शतकों की मदद से 8 पारियों में 499 रन ठोके हैं. इस सीरीज में टीम इंडिया की ओर से जहां कप्तान विराट कोहली का बल्ला खामोश रहा है, वहीं लोकेश राहुल और चेतेश्वर पुजारा ने शानदार खेल दिखाया है. राहुल सीरीज के तीसरे टॉप स्कोरर हैं. उन्होंने 6 पारियों में अब तक 342 रन बनाए हैं. उनका बेस्ट 90 रन है. दूसरे नंबर चेतेश्वर पुजारा हैं, जिन्होंने 6 पारियों में ही अब तक एक शतक के साथ 405 रन ठोके हैं.

चायकाल से पहले : ऑस्ट्रेलिया के धड़ाधड़ गिरे विकेट
धड़ाधड़ तीन विकेट गिर जाने से ऑस्ट्रेलियाई खेमे में खलबली मच गई. उनके तीन मुख्य बल्लेबाज 31 रन तक में लौट गए. खासतौर से फॉर्म में चल रहे कप्तान स्टीव स्मिथ और मैट रेनशॉ के आउट हो जाने से उन्हें सबसे अधिक झटका लगा. फिर पीटर हैंड्सकॉम्ब का साथ देने आए विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल ने पारी को संभाला. मैक्सवेल ने रक्षात्मक की बजाय आक्रामक खेल पर ध्यान दिया और तेजी से रन बनाने शुरू कर दिए. उन्होंने 26 रन के निजी स्कोर तक में ही चार चौके और एक छक्का लगा दिया. दोनों के बीच 56 रन की साझेदारी हुई. मैक्सवेल ने रांची में करियर का पहला शतक लगाया था. पीटर हैंड्सकॉम्ब को आर अश्विन ने 18 रन पर आउट किया. अजिंक्य रहाणे ने स्लिप पर उनका ग्रेट कैच पकड़ा. चायकाल से पहले के अंतिम ओवर की तीसरी गेंद पर रवींद्र जडेजा ने शॉन मार्श (1) के रूप में ऑस्ट्रेलिया को 92 रन पर पांचवां झटका दिया. इसी के साथ चाय की घोषणा हो गई. मैक्सवेल 37 रन पर नाबाद रहे.

नायर ने फिर छोड़ा वॉर्नर का कैच, लेकिन...
लंच के बाद ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी शुरू हुई. 32 रन की बढ़त हासिल कर चुकी टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की. उन्हें इसका फायदा भी मिला, जब उमेश यादव ने डेविड वॉर्नर को 6 रन पर लौटा दिया. वॉर्नर को कीपर ऋद्धिमान साहा ने कैच किया. तीसरे ओवर में भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर करुण नायर ने एक बार फिर तीसरी स्लिप पर वॉर्नर का कैच छोड़ दिया. वह उस समय 5 रन पर खेल रहे थे, लेकिन फिर भी वह इसका लाभ नहीं ले पाए. स्लिप पोजिशन पर करुण नायर लगातार फेल हो रहे हैं. खास बात यह कि नायर को घरेलू क्रिकेट में स्लिप का बेहतरीन फील्डर माना जाता है, लेकिन वह इंटरनेशनल लेवल पर कैच नहीं पकड़ पा रहे हैं.

भारत के खिलाफ स्पिनरों में लियोन दूसरे नंबर पर
टीम इंडिया के खिलाफ सबसे अधिक विकेट लेने वाले स्पिनरों के मामले में धर्मशाला में पहली पारी में 5 विकेट चटकाने वाले नैथन लियोन दूसरे नंबर पर हैं. उन्होंने अब तक 14 मैचों में 64 विकेट झटक लिए हैं. नंबर वन पर 22 मैचों में 105 विकेटों के साथ श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन हैं, तीसरे नंबर पर विंडीज के लांस गिब्स भी हैं, जिन्होंने 15 टेस्ट में 63 विकेट लिए थे. लियोन ने एक पारी में पांच विकेट लेने का कमाल नौवीं बार किया है. इनमें से पांच बार तो उन्होंने भारत के खिलाफ ही ऐसा किया है.

टीम इंडिया की पारी का अपडेट
दिन के खेल की पहली ही गेंद पर जडेजा को अंपायर ने आउट दे दिया था. हालांकि वह डीआरएस से बच गए थे. जडेजा ने खुलकर बैटिंग की और चार छक्के भी लगाए. ऋद्धिमान साहा ने 31 रन बनाए. टीम इंडिया के साथ लक फैक्टर भी रहा, फिर भी वह बड़ी बढ़त हासिल नहीं कर पाई. दूसरे दिन भी उसे भाग्य का भरपूर साथ मिला. भले ही वह उसे भुना नहीं पाई थी. लंच से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के 300 रनों के जवाब में टीम इंडिया की पहली पारी 332 रनों पर सिमट गई. इस प्रकार टीम इंडिया को पहली पारी में 32 रनों की बढ़त मिली. टीम इंडिया की ओर से लोकेश राहुल ने 60, चेतेश्वर पुजारा ने 57 रन, तो कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 46 रनों का योगदान दिया. कंगारू टीम से नैथन लियोन ने 5 विकेट, पैट कमिन्स ने 2 विकेट, तो जॉश हेजलवुड और स्टीव ओकीफी ने एक-एक विकेट लिया.

टीम इंडिया का विकेट पतन : 1/21 (मुरली विजय- 11 रन), 2/108 (लोकेश राहुल- 60 रन), 3/157 (चेतेश्वर पुजारा- 57 रन), 4/167 (करुण नायर- 5 रन), 5/216 (अजिंक्य रहाणे- 46), 6/221 (आर अश्विन- 30), 7/317 (रवींद्र जडेजा- 63 रन), 8/318 (भुवनेश्वर कुमार- 0), 9/318 (ऋद्धिमान साहा- 31), 10/332 (कुलदीप यादव- 7)

लंच तक : जडेजा की शानदार फिफ्टी, साहा के 31 रन
तीसरे दिन जैसी कि उम्मीद थी रवींद्र जडेजा और ऋद्धिमान साहा ने भारतीय पारी को बखूबी आगे बढ़ाया और ऑस्ट्रेलिया को पहले घंटे तक विकेट नहीं लेने दिया. दोनों ने टीम इंडिया को 6 विकेट पर 248 रन से आगे बढ़ाया और पहले घंटे के खेल में स्कोर 290 रन तक पहुंचा दिया. जडेजा ने खासतौर से खुलकर बल्लेबाजी की. लंच से लगभग आधे घंटे पहले जडेजा ने करियर की सातवीं फिफ्टी पूरी की. इसके लिए उन्होंने 83 गेंदों खेलीं और तीन छक्के व तीन चौके जड़े. इसके बाद उन्होंने 13 रन और जोड़े. एक छ्का भी जड़ा, लेकिन 63 के स्कोर पर उनको लंच से लगभग 20 मिनट पहले पैट कमिन्स ने बोल्ड कर दिया. जडेजा ने सातवें विकेट के लिए साहा के साथ कुल 96 रन जोड़े. इस साझेदारी के कारण ही टीम इंडिया बढ़त हासिल कर पाई. दूसरे दिन वह 52 रन पीछे थी. जडेजा के आउट होते ही बड़ी बढ़त की उम्मीद लगाए टीम इंडिया का झटका लगा. एक रन बाद ही भुवनेश्वर कुमार (0) लौट गए. अगले ही ओवर में पैट कमिन्स ने ऋद्धिमान साहा को 31 रन पर कैच कराकर भारत को 318 रन पर नौवां झटका दे दिया. अंतिम विकेट के लिए कुलदीप यादव (7) और उमेश यादव (2) ने 14 रन जोड़े. भारती की पारी 332 रन पर सिमटी. अंतिम विकेट कुलदीप यादव का गिरा, जिन्हें आउट करके नैथन लियोन ने अपने पांच विकेट पूरे किए.

जडेजा डीआरएस से बचे, साहा को भी मिला था जीवनदान
तीसरे दिन पहला ओवर पैट कमिन्स ने किया. उनकी पहली ही गेंद पर अंपायर ने रवींद्र जडेजा को आउट दे दिया. इस पर उन्होंने डीआरएस लिया और उसमें उनका बैट पैड से टकराता नजर आया और अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा. दूसरे दिन पैट कमिन्स की गेंद पर मैट रेनशॉ ने साहा का कैच फर्स्ट स्लिप पर छोड़ा था. साहा उस समय 9 रन पर खेल रहे थे. बाद में वह 31 रन बनाकर लौटे. इससे पहले रेनशॉ ने लोकेश राहुल का कैच 10 के निजी स्कोर टपकाया था. हालांकि कैच थोड़ा मुश्किल था. इसके बाद राहुल ने 60 रन बना दिए थे.

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दूसरे दिन का खेल : राहुल ने जीवनदान मिलने पर फिफ्टी तो लगाई, लेकिन...
विराट कोहली की गैर-मौजूदगी में टीम इंडिया की बैटिंग बिखर गई. हालांकि चेतेश्वर पुजारा (57) और लोकेश राहुल (60) ने फिफ्टी बनाई, लेकिन उसे बड़ी पारी में नहीं बदल पाए. चेतेश्वर पुजारा ने 132 गेंदों में फिफ्टी पूरी की और 57 रन बनाकर लौटे, जबकि लोकेश राहुल 60 रन जोड़कर आउट हुए. कप्तान अजिंक्य रहाणे भी 46 रन जोड़कर लौट गए. पुजारा और राहुल के बीच 87 रन, तो पुजारा-रहाणे के बीच तीसरे विकेट के लिए 49 रन की साझेदारी हुई. रहाणे ने आर अश्विन के साथ भी 49 रन जोड़े. अश्विन ने कुल 30 रन बनाए. इस सीरीज में यह उनकी पांचवीं फिफ्टी रही. राहुल को 10 रन पर किस्मत का साथ भी मिला, लेकिन वह फायदा नहीं उठा पाए. पैट कमिन्स की गेंद पर मैट रेनशॉ ने उनका कैच फर्स्ट स्लिप पर छोड़ा. हालांकि कैच थोड़ा मुश्किल था. इसके बाद रेनशॉ ने ऋद्धिमान साहा का आसान-सा कैच भी टपका दिया. साहा उस समय 9 रन पर खेल रहे थे. टीम इंडिया ने दिन का खेल खत्म होने तक 6 विकेट पर 248 रन बना लिए. दिन का खेल खत्म होने तक ऋद्धिमान साहा (10) और रवींद्र जडेजा (16) नाबाद लौटे.

पहले दिन के खेल का अपडेट : हावी रहा 'यादव फैक्टर', स्मिथ भी छाए
टीम इंडिया की ओर से 'यादव फैक्टर' हावी रहा. छह विकेट तो उनके ही खाते में गए. सबसे पहले उमेश यादव ने सीरीज में शानदार फॉर्म में चल रहे मैट रेनशॉ (1) को पौवेलियन भेजा. फिर कप्तान स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर ने 134 रनों की साझेदारी करके इंडिया को विकेट के लिए तरसा दिया, लेकिन कुलदीप यादव ने अपनी करिश्माई गेंदबाजी से कंगारुओं को बैकफुट पर धकेल दिया. जहां एक समय स्कोर एक विकेट पर 144 रन था, वहीं देखते ही देखते वह पांच विकेट पर 178 रन हो गया. हालांकि इस बीच स्टीव स्मिथ ने एक छोर संभाले रखा और 150 गेंदों में सीरीज का तीसरा शतक (111 रन) लगाया. डेविड वॉर्नर ने सीरीज की पहली फिफ्टी बनाई. वॉर्नर को पारी की पहली ही गेंद पर जीवनदान भी मिला था. वॉर्नर-स्मिथ के बाद कोई बड़ी साझेदारी नहीं हुई. छठे विकेट के लिए स्मिथ और मैथ्यू वेड ने 30 रन, तो सातवें विकेट के लिए वेड और पैट कमिन्स ने 37 रन जोड़े. उमेश यादव ने दो विकेट झटके. इंडिया के लिए कुलदीप यादव ने 4 विकेट, तो उमेश यादव ने दो विकेट, वहीं आर अश्विन, भुवनेश्वर कुमार और रवींद्र जडेजा ने एक-एक विकेट लिया, जबकि एक खिलाड़ी रनआउट हुआ.


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