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CSK vs MI, IPL FINAL: धड़कनें बढ़ा देने वाली जंग में चेन्नई को 1 रन से हरा मुंबई इंडियंस चौथी बार आईपीएल चैंपियन

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खास बातें

  1. जसप्रीत बुमराह बने मैन ऑफ द मैच
  2. मुंबई-20 ओवरों में 8 विकेट पर 149 रन
  3. चेन्नी-20 ओवरों में 7 विकेट पर 148 रन
हैदराबाद:

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 12वें सीजन का रविवार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया फाइनल मुकाबला एक ऐसी खिताबी जंग साबित हुआ, जिससे करोड़ों क्रिकेटप्रेमी हमेशा याद रखेंगे. रोमांच के चरम पर पहुंचे इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स को 1 रन से हराकर चौथी बार खिताब अपने नाम कर लिया. मुंबई से मिले 150 रन के टारगेट का पीछा करते हुए चेन्नई के ओपनरों ने अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दी थी, पर फैफ डु प्लेसिस के आउट होने के बाद जहां दूसरे छोर पर शेन वॉटसन एक छोर पर गेंदबाजों से लोहा लेते रहे, लेकिन दूसरे छोर पर रैना, रायडू और फिर धोनी के रन आउट होने से पलड़ा मुंबई की ओर झुक गया. हालात चेन्नई के लिए इतने मुश्किल हो गए कि एक समय पर चेन्नई को जीतने के लिए आखिरी 5 ओवरों में 62 रन की दरकार थी, लेकिन 16वें ओवर में वॉटसन ने अपने प्रचंड प्रहारों से सभी को हैरान करते हुए फिर से खिताबी जंग में चेन्नई सुपर किंग्स की वापसी करा दी. 


वॉटसन ने दिग्गज लसिथ मलिंगा के ओवर में छक्का और तीन चौके जड़ते हुए 16वें ओवर में 20 रन बटोर लिए. यहां से जीत और हार का पलड़ा कभी चेन्नई, तो कभी मुंबई की ओर ओवर-दर-ओवर झुकता रहा. इसकी सबसे बड़ी वजह बने जसप्रीत बुमराह, जिन्होंने 17वें ओवर में सिर्फ 4 रन देकर मैसेज दिया कि मुंबई अभी चूका नहीं है. लेकिन क्रुणाल पंड्या के फेंके 18वें ओवर में वॉटसन के बल्ले से फिर से सुनामी देखने को मिली. वॉटसन ने इस ओवर मेें लगातार तीन छक्के जड़ते हुए फिर से ओवर में 20 रन बटोरकर मुंबई के समर्थकों के चेहरों की हंसी लूट ली.

चेन्नई को यहां से सुपर किंग्स बनने के लिए 12 गेंदों पर 18 रन की दरकार थी. बुमराह फिर से दबाव के पलों के चैंपियन बॉलर साबित हुए. उन्होंने दूसरी ही गेंद पर ब्रावो को चलता कर चेन्नई की उम्मीदों को जोर का झटका दिया. इस ओवर में पांचवीं गेंद तक बुमराह ने सिर्फ 5 रन ही दिए थे, लेकिन आखिरी गेंद पर बाई के चार रन आने से फिर से मुंबई के आसार डगमगा गए. मलिंगा के आखिरी ओवर में चेन्नई को जीत के लिए 9 रन बनाने थे और ये बनते दिखाई दे रहे थे, लेकिन वॉटसन के रन आउट होने से मैच की पूरी तस्वीर ही बदल गई.

और एक समय चेन्नई को जीत के लिए पहले बची 2 गेंदों पर 4 रन. और आखिरी गेंद पर 2 रन की दरकार थी, लेकिन इस आखिरी गेंद पर लसिथ मलिंगा का गहन अनुभव शार्दुल ठाकुर पर कहीं भारी पड़ा. मलिंगा की आखिरी गेंद स्लोअर वन...शार्दुल ने पूरी ताकत से लेग साइड की ओर बैट स्विंग किया...बल्ला पहले चला, गेंद बाद में आई..और गेंद सीधी पैड पर जाकर लगई...पैर बिल्कुल स्टंप के सामने..बहुत ही जोरदार अपील...औऱ अंपायर की उंगली ऊपर...मैदान में मुंबई इंडियंस के खिलाड़ियों की चित्कार..और स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के समर्थकों को जबर्दस्त शोर.. इंडियंस ने रोमांच के चरम पर पहुंचे खिताबी मुकाबले को 1 रन से जीतकर चौथी बार आईपीएल का खिताब अपनी झोली में डाल लिया. जसप्रीत बुमराह को मैन ऑफ द मैच चुना गया

पावर-प्ले (1 से 6 ओवर): 30 गज के घेरे के बाहर अधिकतम सिर्फ 2 फील्डर: फैफ ने लगा दी वॉट!

फाइनल का दबाव मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजों पर साफ दिखाई पड़ा, पर चेन्नई के ओपनरों ने खुद को इस पर हावी नहीं होने दिया. हालांकि, शुरुआती तीन ओवरों में वॉटसन और फैफ डु प्लेसिन ने धीमा और धैर्य भरा रवैया दिखाया. लेकिन जब चौथा ओवर लेकर क्रुणाल पंड्या आए, तो फैफ डु प्लेसिस बुरी तरह से उन पर टूट पड़े ! एक छक्का और दो चौके जड़कर कुछ हद तक भरपाई तो की फैफ ने, लेकिन इसी ओवर ने क्रुणाल पंड्या ने उनका निपटा भी दिया! जसप्रीत बुमराह ने अगला ओवर में सिर्फ पांच रन ही दिए, तो पावर-प्ले के आखिरी ओवर में वॉटसन ने लसिथ मलिंगा को निशाना बना डाला. कुल मिलाकर फैफ और वॉटसन ने मिलकर पावर-प्ले में तो अपना काम कर दिया. चेन्नई ने भले ही छह ओवरों में 1 विकेट गंवा दिया, लेकिन पावर-प्ले खत्म होने के बाद उसने करीब-करीब  नौ रन प्रति ओवर की दर से 53 रन बना लिए.

विकेट पतन: 33-1 (फैफ, 3.6), 70-2 (रैना, 9.2), 73-2 (रायडू 10.3), 82-4 (धोनी, 12.4), 133-5 (ब्रावो, 18.2), 146-6 (वॉटसन, 19.4)

इससे पहले  गेंदबाजी की बेहतरीन रणनीति और शानदार अंजाम के बीच केरोन पोलार्ड (नाबाद 41 रन, 25 गेंदत 3 चौके, 3 छक्के) ने अपने लिए रास्ता खोज ही लिया. यह पोलार्ड की पावर ही थी, जिसने नियमित अंतराल के बीच गिरते विकेटों के बीच सूजबूझ के साथ बल्लेबाजी की.

उनके अलावा शुरुआत में दूसरे ओपनर क्विंटन डि कॉक (29 रन, 17 गेंद, 4 छक्के) ने आतिशी तेवर दिखाए, लेकिन इन दोनों के अलावा मुंबई के बाकी बल्लेबाज इस सबसे बड़ी जंग में बेहतर योगदान नहीं दे सके. लेकिन यह पोलार्ड की ही कोशिश रही, जिससे मुंबई इंडियंस कोटे के 20 ओवरों में 8 विकेट पर 149 रन तक पहुंचने में कामयाब रहा. दीपक चाहर ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट लिए, जबकि इमरान ताहिर और शार्दुल ठाकुर ने दो-दो बल्लेबाजों को आउट किया. 

पावर-प्ले (1 से 6 ओवर): 30 गज के घेरे के बाहर अधिकतम सिर्फ 2 फील्डर:  पावर कमाई, पर गंवा भी दी!

हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम की बैटिंग की अनुकूल पिच पर पहले बल्लेबाजी करते हुए रोहित और क्विंटन डि कॉक बस शुरुआती ओवर में ही शांत रहे.  उसके बाद दो दूसरे ओवर की पांचवीं गेंद से से ही मुंबई के ओपनरों ने पावर दिखानाी शुरू कर दी. शुरुआत कप्तान रोहित शर्मा ने शार्दुल ठाकुर की पांचवीं गेंद पर स्कवॉएर लेग के ऊपर से पुल से छक्का जड़कर की. लेकिन तीसरे ओवर में टूर्नामेंट के सफल गेंदबाजों में से एक दीपक चाहर को जो भूत डि कॉक ने बनाया, वैसा कम से कम पूरे टूर्नामेंट के शुरुआती ओवरों के दौरान नहीं बना. बुरी तरह से टूट पड़े क्विंटन डि कॉक चाहर पर और दीपक चाहर का तीसरा ओवर उनका पूरे टूर्नामेंट का सबसे महंगा ओवर बन गया.

तीन छक्के जड़ते हुए डि कॉक ने 20 रन बटोर डाले. और 3 ओवर बाद स्कोर 30 रन पहुंचा दिया. चौथा ओवर हरभजन सिंह ने सूखा-सूखा निकाल दिया, लेकिन शार्दुल के फेंके चौथे ओवर में क्विंटन के आसमानी अंदाज जारी रहे, पर इसी ओवर में शार्दुल ने क्विंटन को पवेलियन दे कर मुंबई की पावर-प्ले की पावर कतर दी! पहला विकेट गिरा, तो धोनी ने किया रणनीति में बदलाव. पावर-प्ले का आखिरी ओवर फिर से दीपक चाहर को. और चाहर ने अपनी स्विंग से कप्तान रोहित को फंसा ही लिया. मुंबई को दूसरका झटका लगा. और इसने पावर-प्ले के शुरुआती पटाखों से मिली उसके समर्थकों की खुशी को काफूर कर दिया. छह ओवर की समाप्ति पर मुंबई का स्कोर रहा 2 विकेट पर 45 रन. मतलब प्रति ओवर सात रन. 

काम कर गई शार्दुल की रणनीति 
फाइनल में शार्दुल ठाकुर खास रणनीति सामने आई. बाउंसर की रणनीति. और उनके बाउंसर के जाल में फंस गए मुंबई के बल्लेबाज, पहले शार्दुल ने क्विटंडन डि कॉक को पुल शॉट पर अपने जाल में फंसाया, तो फिर बाद में गेंदबाजी करने आए, तो एक बार फिर से उनके बाउंसर का वार काम कर गया. और इस बार निशाना बने क्रुणाल पंड्या और वह भी पुल शॉट खेलने की कोशिश में शार्दुल के हाथों ही लपके गए. और क्या कैच पकड़ा ठाकुर ने. बेहतरीन जज्बा और बेहतरीन रवैया. दौड़ते हुए कैच लपका. गेंद हाथ से छटकी, लेकिन दिमाग लगातार काम करता रहा, तो नजरें भी गेंद पर लगातार बनी रही. इससे पहले गेंद छिटकर कर जमीन पर गिरती, ठाकुर ने इसे दबोच ही लिया. 

विकेट पतन: 45-1 (डि कॉक, 4.5), 45-2 (रोहित, 5.2), 82-3 (सूर्यकमार, 11.2), 89-4 (क्रुणाल, 12.3), 101-5 (ईशान, 14.4), 140-6 (हार्दिक, 18.2), 140-7 (राहुल, 18.4), 141-8 (मैक्लेनाघन, 19.4)

इससे पहले इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया. चेन्नई ने अपनी इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया , जबकि मुंबई ने जयंत यादव की जगह मैक्लेलनघन को शामिल किया. 

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 चलिए मुकाबले में खेली दोनों टीमों की फाइनल इलेवन पर भी गौर फरमा लीजिए:-

चेन्नई सुपर किंग्स: महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), फैफ डु प्लेसिस, शेन वॉटसन, सुरेश रैना, अंबाती रायडू, एमएस धोनी, ड्वेन ब्रावो, रवींद्र जडेजा, हरभजन सिंह, दीपक चाहर, शार्दूल ठाकुर और इमरान ताहिर.

मुंबई इंडियंस: रोहित शर्मा (कप्तान), क्विंटन डि कॉक, सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, क्रुणाल पंड्या, हार्दिक पंड्या, केरोन पोलार्ड, राहुल चाहर, मिशेल मैक्लेनाघन, जसप्रीत बुमराह और लसिथ मलिंगा

VIDEO: चेन्नई ने डीसी को छह विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई. 



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