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Ind VS SL : महेंद्र सिंह धोनी ने कान में कही ऐसी बात कि भुवनेश्वर ने ठोक डाला अर्द्धशतक

भारत का पहला विकेट 109 के स्कोर पर गिरा और फिर 131 के स्कोर पर 16वें से 22वें ओवर के बीच भारत ने अपने 7 विकेट गंवा दिए थे.

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Ind VS SL : महेंद्र सिंह धोनी ने कान में कही ऐसी बात कि भुवनेश्वर ने ठोक डाला अर्द्धशतक

मैच के दौरान धोनी और भुवी

खास बातें

  1. लक्ष्य का पीछा करते हुए 39 वीं बार नाबाद रहे धोनी
  2. लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी का औसत 99.16 फीसदी
  3. धोनी दिखाया कि क्यों हैं वह बेहतरीन
नई दिल्ली: पाल्लेकेले मेंटीम इंडिया की 100 रनों से बड़ी साझेदारी के बाद सिर्फ़ अपना चौथा वनडे खेल रहे श्रीलंका के ऑफ़ स्पिनर अकिला धनंजय ने अपने तीन ओवरों में मैच का रुख़ बदल दिया. भारत का पहला विकेट 109 के स्कोर पर गिरा और फिर 131 के स्कोर पर 16वें से 22वें ओवर के बीच भारत ने अपने 7 विकेट गंवा दिए. एक सिरे पर खड़े पूर्व कप्तान एमएस धोनी का साथ निभाने आये भुवनेश्वर के साथ अगले 100 रनों का सफ़र टीम इंडिया के लिए लंबा हो सकता था. लेकिन धोनी ने एक बार फिर क्रिकेट मैदान पर अपना करिश्मा दिखाया, ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी के ज़रिये नहीं, बल्कि समझदारी के साथ पार्टनरशिप निभाते हुए मैच में बल्ले से कमाल करने वाले भुवनेश्वर कुमार (80 गेंद, नाबाद 53 रन, 4 चौके, 1 छक्का) कहते हैं, "थोड़ा हैरान करने वाली बात ज़रूर थी. अच्छी पार्टनरशिप हो रही थी और अचानक 3-4 विकेट गिर गए. मैं बैटिंग करने गया तो एमएस ने कहा कि अपना नेचुरल गेम खेलो. जैसा टेस्ट में खेलते हो वैसा ही खेला. मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं था. 7 विकेट गिर चुके थे और हमारे पास खोने को कुछ नहीं था. 

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ख़ास बात ये है कि इस पूरी पारी में धोनी ने क़रीब 25 ओवर पिच पर रहते हुए सिर्फ़ एक चौका लगाया और मैच को मुक्कमल अंजाम पर पहुंचा दिया. वनडे में पहली बार अर्द्धशतक लगाने वाले भुवी कहते हैं कि दूसरे सिरे पर माही के होते हुए उनपर कोई दबाव नहीं था. भुवी ने कहा, 'उनके दूसरे सिरे पर होने से अफ़रातफ़री और दबाव तो नहीं होता. मुझे पता था कि उनके होते हुए आख़िर में 7-8 के रेट से रन बनाना भी मुश्किल नहीं..इसलिए मैं ज़रा भी फ़िक्रमंद नहीं था.' दरअसल लक्ष्य का पीछा करने में माही का कोई सानी नहीं. लक्ष्य का पीछा करते हुए धोनी पाल्लेकेले में 39 वीं बार नॉटआउट रहे. 

सफ़ल चेज़ में नॉट आउट
एमएस धोनी        39 बार
जॉन्टी रोड्स       33 बार
इंज़माम-उल-हक़   32 बार

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कामयाबी से लक्ष्य का पीछा करने में धोनी का औसत सर डॉन ब्रैडमैन के टेस्ट औसत सा ही नज़र आता है.

क्या कहते हैं आंकड़े
एमएस धोनी      99.16
विराट कोहली    97.68
माइकल बेवन     86.25

धोनी की इस पारी को दिग्गजों ने ट्विटर पर खूब सराहा है. संजय मांजरेकर ने ट्वीट किया है, "धोनी का भविष्य उनकी पिछली पारियों से नहीं तय किया जाना चाहिए. अगर वो भारत के बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाज़ हैं तो टीम में उनकी जगह बनती है."
  उसी तरह विरेन्द सहवाग ने ट्वीट किया है, "टीम इंडिया को बधाई. धनंजय ने अच्छी गेंद डाली मगर धोनी ने अच्छा संयम दिखाया. भुवी का जज़्बा काबिले तारीफ़ है. शाबाश!
 
माही अपने प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब देते रहे हैं. कप्तान विराट और टीम मैनेजमेंट भी उनकी अहमियत को कम नहीं आंकता. वैसे माही के फ़ैन्स उनसे हमेशा धमाकेदार पारियों के इंतज़ार में रहते हैं.


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