प्रीति जिंटा का यह 'रियल हीरो' अब बन गया है इंडियन क्रिकेट का राइजिंग स्टार

प्रीति जिंटा का यह 'रियल हीरो' अब बन गया है इंडियन क्रिकेट का राइजिंग स्टार

मनन वोहरा और किंग्स XI पंजाब टीम की मालकिन प्रीति जिंटा (फोटो मनन के Twitter पेज से साभार)

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मंगलवार को खेले गए एकमात्र टी-20 प्रैक्टिस मैच में मयंक अग्रवाल और मनन वोहरा ने दिग्गज अफ्रीकी गेंदबाजों की खूब खबर ली। मयंक ने जहां तूफानी 87 रन बनाए, वहीं मनन वोहरा ने 56 रनों की धमाकेदार पारी खेली।

लंबे समय से नहीं मिला था लिस्ट-ए मैच खेलने का मौका
दरअसल मनन को आईपीएल के बाद लिस्ट-ए का कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला था, जबकि मयंक को भारत-ए की ओर से कई मैच खेलने का अवसर मिल चुका था। इसके बावजूद मनन ने मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने शानदार पारी खेली। मनन ने इससे पहले आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलते हुए अपनी ओर ध्यान खींचा था। आईपीएल में मनन कुल 27 मैचों में 567 रन बना चुके हैं।

प्रीति जिंटा भी हैं मनन की प्रतिभा की कायल
मनन वोहरा की प्रतिभा की कायल बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा भी हैं। आईपीएल में मनन बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा की टीम किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलते हैं। साल 2014 के एक आईपीएल मुकाबले में मनन किंग्स इलेवन की मालकिन प्रीति जिंटा के लिए हीरो बन गए थे। जिंटा ने उन्हें रियल हीरो की संज्ञा दी थी।

हुआ यह था कि उस मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने पंजाब को 206 रन का लक्ष्य दिया था। जवाब में खेलने उतरी पंजाब टीम के ओपनर सहवाग सस्ते में आउट हो गए। इसके बाद वोहरा और रिद्धिमान साहा ने दूसरे विकेट के लिए 91 रन की ताबड़तोड़ पार्टनरशिप की। इन दोनों ने 6.5 ओवर में ही यह रन जोड़ लिए थे। वोहरा ने उस मैच में 2 छक्कों और चौकों की मदद से मात्र 20 गेंदों में 47 रन बनाए थे।

टीम इंडिया के स्टार युवराज ने भी किया सपोर्ट
मनन पंजाब के रहने वाले हैं। वे अंडर-19 टीम के लिए ओपनिंग करते थे। मनन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि साल 2012 में चोट के कारण जब वह अंडर-19 वर्ल्ड कप में नहीं खेल सके थे, तब उन्हें सबसे ज्यादा सपोर्ट युवराज सिंह ने दिया था।

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7 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया
मनन वोहरा ने 7 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया। उन्होंने स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह से क्रिकेट के गुर सीखे। आगे चलकर हरियाणा टीम की ओर से तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट ऑफर हुआ, लेकिन उन्होंने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए और पंजाब के लिए क्रिकेट खेलने का मन बनाया। उन्होंने 14 साल की उम्र में अंडर-15 क्रिकेट टीम में डेब्यू किया था और डेब्यू टूर्नामेंट में ही तीन सेन्चुरी लगाईं।