वर्ल्‍डकप फाइनल-2019 के बहुचर्चित ओवरथ्रो मामले की समीक्षा करेगा MCC

वर्ल्‍डकप फाइनल-2019  के बहुचर्चित ओवरथ्रो मामले की समीक्षा करेगा MCC

Ben Stokes के बल्‍ले से लगकर गेंद ओवरथ्रो के रूप में बाउंड्री से बाहर चली गई थी

खास बातें

  • निर्धारित ओवरों में बराबर रहा था फाइनल मैच
  • सुपर ओवर में भी दोनों टीमों का स्‍कोर बराबर रहा
  • ओवरथ्रो पर इंग्‍लैंड को मिले थे छह रन
लंदन:

वर्ल्‍डकप 2019 का फाइनल (World Cup 2019 final) मुकाबला इस बार विवादों से परे नहीं रह पाया था. मेजबान इंग्‍लैंड और न्‍यूजीलैंड के बीच हुए खिताबी मुकाबले में दोनों टीमें का मुकाबला निर्धारित ओवरों में टाई रहा था. बाद में सुपर ओवर में भी दोनों टीमों में बराबर स्‍कोर बनाया था. ऐसे में मैच का फैसला बाउंड्री काउंटिंग के आधार पर किया गया था जिसमें इंग्‍लैंड की टीम ने बाजी मारते हुए चैंपियन बनने का श्रेय हासिल किया था. फाइनल मैच के आखिरी ओवर के दौरान इंग्‍लैंड के बल्‍लेबाज जब दो रन दौड़ रहे थे तभी फील्‍डर का थ्रो, इंग्‍लैंड के बैट्समैन बेन स्‍टोक्‍स के बल्‍ले से टकराकर बाउंड्री के बाहर चला गया था. फलस्‍वरूप इंग्‍लैंड को छह रन (दो रन दौड़कर बनाए गए और चार रन ओवर थ्रो के) दिए गए थे. बाद में यह छह रन ही निर्णायक साबित हुए थे और इनके सहारे इंग्‍लैंड निर्धारित 50 ओवर में मैच टाई करने में सफल हो गया था. क्रिकेट जगत में यह बात भी उठी थी कि अंपायर्स को छह के बजाय इंग्‍लैंड को पांच रन देने चाहिए थे क्‍योंकि दूसरा रन दौड़ते हुए दोनों बल्‍लेबाजों ने एक-दूसरे को क्रॉस नहीं किया था. इस मुद्दे पर छड़ी बहस के बाद मेरिलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने कहा है कि वह आगामी सितंबर में वर्ल्‍डकप फाइनल से जुड़े ओवरथ्रो मामले (overthrow incident) की समीक्षा करेगा.

MCC ने अपने बयान में कहा, "एमसीसी की विश्व क्रिकेट समिति (डब्ल्यूसीसी) ने ओवर थ्रो से संबंधित कानून 19.8 पर विचार किया. ऐसा आईसीसी क्रिकेट वर्ल्‍डकप 2019 के फाइनल को ध्यान रखते हुए किया गया. डब्ल्यूडब्ल्यूसीसी का मानना है कि कानून स्पष्ट है लेकिन इस मामले की समीक्षा कानून की उप-समिति सितंबर 2019 में करेगी."

फाइनल मैच के अंतिम ओवर में 242 रनों का पीछा कर रही इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दो रन दौड़कर लिए थे और दूसरे रन लेने के दौरान फील्डर का थ्रो बेन स्टोक्स के बल्ले से टकरा पर बाउंड्री पार चला गया था, जिससे इंग्लैंड के खाते में चार रन आए थे. ग्राउंड अंपायर कुमार धर्मसेना (Kumar Dharmasena) ने अपने साथी अंपायरों से बात करने के बाद छह रन इंग्लैंड को दिए थे. इंग्लैंड इससे मैच में वापस आ गई थी. हालांकि बाद में अंपायर धर्मसेना ने बाद में अपनी गलती मानी थी लेकिन उन्होंने इस गलती पर माफी मानने से इनकार कर दिया था.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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