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मोहम्मद शमी को मैच फिक्सिंग के आरोपों से मिली क्लीनचिट, बीसीसीआई ने दिया इस श्रेणी का अनुबंध

मोहम्मद शमी बीसीसीआई की जांच में तो बरी हो गए, अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस जांच में उनके खिलाफ क्या परिणाम आता है

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मोहम्मद शमी को मैच फिक्सिंग के आरोपों से मिली क्लीनचिट, बीसीसीआई ने दिया इस श्रेणी का अनुबंध

मोहम्मद शमी अपनी पत्नी हासिन जहां और बेटी के साथ

खास बातें

  1. टल गई शमी की शामत!
  2. जल्द ही डेयर डेविल्स के शिविर से जुड़ेंगे
  3. कोलकाता पुलिस जांच रिपोर्ट आना बाकी
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी पर उनकी पत्नी हसीन जहां द्वारा लगाए गए मैच फिक्सिंग के आरोपों से बरी कर दिया है. साथ ही बोर्ड ने अब उन्हें सालाना अनुबंध भी देने का फैसला किया है. निश्चित ही आईपीएल शुरू होने से पहले यह शमी के लिए अच्छी खबर है और वह जल्द ही दिल्ली डेयर डेविल्स के अभ्यास शिविर में हिस्सा लेंगे. 
  आपको एक बार फिर से ध्यान दिला दें कि इस तेज गेंदबाज के खिलाफ पत्नी हसीन जहां ने धारा 307 (हत्या की कोशिश का आरोप), 498 ए (घरेलू हिंसा), 506 (आपराधिक धमकी), 328 (जहर के जरिए नुकसान पहुंचाना), 34 (कई लोगों द्वारा किसी अपराध को अंजाम देने के लिए साझा साजिश) और 376 (बलात्कार) सहित कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है. अब यह मामला पुलिस की जांच के समक्ष विचाराधीन है और जांच रिपोर्ट सामने आना अभी बाकी है. वहीं अभी तक यह भी साफ नहीं हो सका है कि शमी आईपीएल में खेलेंगे भी या नहीं. दो दिन पहले ही जांच टीम ने अमरोहा स्थित उनके गांव का दौरा किया था. 

यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर तैर रहा मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां के धोखे का सबसे बड़ा सबूत!

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित क्रिकेट प्रशासकीय कमेटी (सीओए) ने दिल्ली के पूर्व कमिश्नर और बोर्ड की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई के प्रमुख नीरज कुमार से मामले की जांच का अनुरोध किया था. और उनकी ही अगुवाई में कुछ दिन पहले एक टीम ने उनके गांव का दौरा किया था. नीरज कुमार ने बीसीसीआई की आचार संहिता के हिसाब इस मामले की गहन पड़ताल करने के बाद मोहम्मद शमी को इस मामले में क्लीन चिट दे दी. नीरज कुमार की रिपोर्ट मिलने के बाद बीसीसीआई ने मोम्मद शमी का अनुबंध जारी रखने का फैसला किया है. 

VIDEO: शमी ने पहले ही अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया था. 
बोर्ड ने नीरज कुमार की अति गोपनीय रिपोर्ट मिलने के बाद यह पाया कि अब मामे की आगे जांच की जरुरत नहीं है . और मोहम्मद शमी को बी श्रेणी का अनुबंध दिया जाएगा. अब शमी भी बाकी खिलाड़ियों की तरह इस श्रेणी के तहत सालाना तीन करोड़ रुपये की कमाई कर सकेंगे.


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