एमएस धोनी के संन्यास से पैदा हुई कमी की भरपाई आसान नहीं : विकेटकीपर रिद्धिमान साहा

एमएस धोनी के संन्यास से पैदा हुई कमी की भरपाई आसान नहीं : विकेटकीपर रिद्धिमान साहा

धोनी के संन्यास के बाद से रिद्धिमान साहा टीम इंडिया के नियमित कीपर हैं (फोटो : AFP)

बेंगलुरू:

एमएस धोनी के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद से टीम इंडिया में शामिल किए गए विकेटकीपर रिद्धिमान साहा ने कहा है कि पांच दिवसीय प्रारूप से महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास के कारण पैदा हुई कमी की भरपाई मुश्किल है, क्योंकि यह पूर्व कप्तान लंबे समय तक मैच विजेता रहा।

चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारतीय टीम के ट्रेनिंग सत्र के बाद साहा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘धोनी भाई के संन्यास के बाद विकेटकीपर के रूप में उनकी जगह लेना आसान नहीं था, क्योंकि उन्होंने हमारे लिए कई मैच जीते हैं। विश्व क्रिकेट में उनका दबदबा रहा है।’’

धोनी जैसा बनने की है कोशिश
साहा ने कहा कि वह धोनी की तरह टीम के लिए योगदान देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं वही करने का प्रयास कर रहा हूं जो धोनी भाई ने हमारे लिए किया- यह बल्ले से योगदान देने के अलावा अहम लम्हों पर कैच लेकर और स्टंपिंग करके योगदान देते हुए मैच जिताना है।’’

सिखाए कई अहम गुर
उन्होंने कहा कि उन्हें जब भी मौका मिलेगा वह धोनी से बात करके उनकी सलाह लेंगे। उनके अनुसार, ‘‘प्रत्येक संभव मौके पर हम हमेशा एक-दूसरे से बात करते हैं। जैसे हमने आईपीएल और भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान किया। उन्होंने मुझे अहम गुर सिखाए कि कैसे उछाल लेती पिचों पर विकेटकीपिंग करनी है और बल्लेबाजी करते हुए दबाव से निपटना है। धोनी ही नहीं मैं अन्य खिलाड़ियों से भी बात करता हूं।’’

इंडीज में अच्छा करेंगे
साहा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह वेस्टइंडीज दौरे पर बल्ले से बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे, क्योंकि पिछली सीरीज में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं था। टीम ने पिछले एक साल में अच्छा प्रदर्शन किया है। हमने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन उनकी व्यक्तिगत प्रगति बेहतर हो सकती थी और वेस्टइंडीज में मौके का पूरा फायदा उठाएंगे।

निचले क्रम के साथ बैटिंग पसंद
साहा ने कहा कि वह टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए टीम के लिए लगातार 70 रन के आसपास का अच्छा स्कोर बनाने की कोशिश करेंगे। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा कि उन्हें निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ बल्लेबाजी करना पसंद है क्योंकि इससे टीम को कुछ अहम रन जुटाने और अच्छा स्कोर खड़ा करने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ बल्लेबाजी करना पसंद है क्योंकि अहम समय में जरूरी रन जुटाने से अच्छा स्कोर खड़ा करने में मदद मिलती है।’’

 
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