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विराट कोहली पर बरसे पूर्व स्पिनर ईरापल्‍ली प्रसन्‍ना, कहा- जब कप्‍तान ही बॉस तो कोच की जरूरत ही क्‍या है?

ईरापल्‍ली प्रसन्‍ना की गिनती देश के सर्वश्रेष्‍ठ ऑफ स्पिनर्स में की जाती है.

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विराट कोहली पर बरसे पूर्व स्पिनर ईरापल्‍ली प्रसन्‍ना, कहा- जब कप्‍तान ही बॉस तो कोच की जरूरत ही क्‍या है?

अनिल कुंबले से जुड़े मुद्दे पर ईरापल्‍ली ने टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली के रुख पर नाराजगी जताई है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. विराट कोहली की कप्‍तानी क्षमता पर उठाए सवाल
  2. कहा-अनिल कुंबले जैसे दिग्‍गज का सम्‍मान नहीं हो रहा
  3. हमें युवराज और धोनी से आगे सोचने की जरूरत है
कोलकाता: भारतीय टीम के बेहतरीन स्पिन गेंदबाजों में शुमार ईरापल्ली प्रसन्ना ने कोच अनिल कुंबले से जुड़े मामले में टीम इंडिया के कप्‍तान विराट कोहली को आड़े हाथ लिया है. प्रसन्‍ना ने कहा कि अगर वर्तमान कप्तान को लगता है कि वह भारतीय क्रिकेट के बॉस हैं तो फिर टीम कोच के बिना रह सकती है. प्रसन्ना से जब कोहली और भारतीय टीम के कोच पद से इस्तीफा देने वाले कुंबले के बीच मतभेदों के बारे पूछा गया तो उन्होंने सपाट शब्दों में जवाब दिया.ईरापल्‍ली प्रसन्‍ना की गिनती देश के सर्वश्रेष्‍ठ ऑफ स्पिनर्स में की जाती है..वे बिशन सिंह बेदी,बीएस चंद्रशेखर, वेंकटराघवन के साथ भारतीय स्पिन चौकड़ी का अहम हिस्‍सा रह चुके हैं.

उन्होंने कहा, 'उन्हें कोच की जरूरत क्यों है जब कप्तान ही बॉस है? मुझे तो यहां तक लगता है कि उन्हें बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण कोच (संजय बांगड़ और आर श्रीधर) की भी जरूरत नहीं है.' प्रसन्ना ने कोहली की कप्तानी क्षमताओं पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ' कोहली बहुत अच्छा खिलाड़ी है लेकिन मैं नहीं कह सकता कि वह अच्छा कप्तान है या नहीं.' कुंबले ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान से हार के बाद मुख्य कोच पद छोड़ दिया था. उन्होंने कहा था कि कोहली को उनकी कोचिंग शैली पर आपत्ति है और यह साझेदारी अस्थिर है. भारतीय टीम कोच के बिना ही वेस्टइंडीज दौरे पर गई है.

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प्रसन्ना ने कहा, 'अगर अनिल कुंबले जैसे दिग्गज क्रिकेटर का सम्मान नहीं हो रहा है तो फिर मुझे नहीं लगता कि बांगड़ या श्रीधर में इतना दम होगा कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ कोहली से बात कर पाएं. इनमें से कोई भी कुंबले की तरह अनुभवी नहीं है.' उन्होंने कहा, 'किसी को शारीरिक अभ्‍यास के लिए बुला दो और यही पर्याप्त है. अगर कप्तान का रवैया इस तरह का है तो मुझे नहीं लगता कि आपको कोच की जरूरत है.'

प्रसन्ना ने कहा, 'अगर वह (कोहली) जिम्मेदारी लेता है तो हम पुराने दिनों में लौट सकते हैं जबकि तमाम चीजों की देखभाल के लिए मैनेजर नियुक्त किया जाता था. कोच की भूमिका परिभाषित नहीं की गयी है.' प्रसन्ना ने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि भारत युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी से आगे के बारे में सोचे. उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि वे 2019 में होने वाले अगले वर्ल्‍डकप तक खेल जारी रखने में सफल रहेंगे. तब तक वे 38 साल के हो जाएंगे. हमें नए और युवा खिलाड़ी चाहिए जो बेहद चपल हों.' प्रसन्ना ने कहा, 'धोनी विकेटकीपर होगा लेकिन एक क्षेत्ररक्षक के रूप में युवराज बोझ बनता जा रहा है. चयनकर्ताओं को वेस्टइंडीज दौरे के लिये अधिक युवा खिलाड़ियों को आजमाना चाहिए था क्योंकि उनका सामना एक सबसे कमजोर टीम से है.' (एजेंसी से इनपुट)


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