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चैंपियंस ट्रॉफी : भारत-बांग्‍लादेश के सेमीफ़ाइनल से पहले 'इस डिनर' में कोई टेंशन नहीं...

चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से टीम इंडिया के खिलाड़ी तनावमुक्‍त दिख रहे हैं.

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चैंपियंस ट्रॉफी : भारत-बांग्‍लादेश के सेमीफ़ाइनल से पहले 'इस डिनर' में कोई टेंशन नहीं...

टीम इंडिया को सेमीफाइनल मैच गुरुवार को बांग्‍लादेश से खेलना है

खास बातें

  1. विराट ने आगे भी अच्‍छे प्रदर्शन का भरोसा दिया
  2. पूर्व कप्‍तानों ने शेयर कीं इंग्‍लैंड के दौरे की यादें
  3. धोनी बोले, यहां पर खेलने की अपनी चुनौतियां हैं

चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से टीम इंडिया तनावमुक्‍त दिख रही है. लॉर्ड्स में हुए हाई कमीशन के डिनर के दौरान भी खिलाड़ी ब्लेज़र पहने हुए लॉर्ड्स पर एक जैसे ब्लेज़र पहनकर पहुंचे तो उनके चेहरे दमक रहे थे. विजय माल्या के यहां पहुंचने का कोई सवाल नहीं था, इसलिए विवादों की गुंजाइश नहीं थी. कुंबले और धोनी जैसे दिग्गजों ने अपने पिछले दौरों की यादें ताज़ा कीं तो कप्तान विराट ने फ़ाइनल तक अच्छे प्रदर्शन का भरोसा दिलाया.

चैंपियंस ट्रॉफ़ी के दौरान टीम इंडिया के प्रदर्शन ने इनका रुतबा तो बढ़ा ही दिया है, भारत और इंग्लैंड के बीच क्रिकेट रिश्तों को मज़बूत करने में भारतीय खिलाड़ी बेहद अहम रोल अदा कर रहे हैं. डिफेंडिंग चैंपियन भारत के स्वागत के लिए इंग्लैंड में भारत के उच्चायुक्त ने डिनर में इन सितारों को बुलाया और वहां फ़ैन्स इनके साथ सेल्फ़ी के दौर में फ़ख़्र महसूस करते रहे इस बीच ये सवाल भी उठे कि बांग्लादेश से सेमीफ़ाइनल में भिड़ना टीम के लिए कैसा मौक़ा है?

कप्तान विराट कोहली ने कहा, "हम किसके ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल खेल रहे हैं इससे फ़र्क नहीं पड़ता. इस तरह के टूर्नामेंट में लीग के मैच सबसे मुश्किल होते हैं. अब हमारे पास मौक़ा है कि हम एक मैच जीतकर फ़ाइनल में जगह बना लें. सब भारतvsइंग्लैंड मैच देखना चाहते हैं. हम किसी के साथ फ़ाइनल खेलने को तैयार हैं. पिछली बार एमएस धोनी की अगुआई में टीम ने ख़िताब जीता था. इस बार मैं टीम को आगे ले जाना चाहता हूं."


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इस दौरान फ़ैन्स पूर्व टीम के पूर्व कप्तानों से इंग्लैंड के दौरे की यादें ताज़ा करते रहे. पूर्व कप्तान एसएस धोनी ने कहा, "यहां क्रिकेट खेलना लाजवाब है. यहां खेलने की अपनी चुनौतियां हैं. लेकिन मुझे यहां की बस यात्रा बेहद पसंद है. यहां फ़्लाइट की फ़िक्र नहीं होती. 60 दिनों के क्रिकेट में आपको यहां जानकार फ़ैन्स सराहते रहते हैं. यहां मैं कई बार आया हूं. कई मैच जीते, बुरे दौर से भी गुज़रा, चैंपियंस ट्रॉफ़ी भी जीती. कुल मिलाकर बहुत मज़ा आया."

पूर्व कप्तान और मौजूदा कोच अनिल कुंबले कहते हैं, "मेरे टेस्ट करियर की शुरुआत ओल्ड ट्रैफ़र्ड में हुई. अच्छी बात है कि यहां लॉर्ड्स में नहीं हुई. उस वक्त मैंने बॉलकनी से ग्राहम गूच को ट्रिपल सेंचुरी लगाते देखा." कुंबले हंसते हुए ये भी कहते हैं कि अगर वो उस वक्त लॉर्ड्स टेस्ट खेलते तो शायद गूच अपनी ट्रिपल सेंचुरी यहां पूरी नहीं कर पाते. वो बताते हैं कि उन्होंने यहां काउंटी क्रिकेट (लीस्टरशायर, नॉथझ्म्पटनशायर और सर्रे के लिए) भी खेला. कुंबले अपने इंग्लैंड के सफ़र की यादों में डूबते नज़र आये. टूर्नामेंट के सेमीफ़ाइनल में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ भारत का पलड़ा बेशक भारी माना जा रहा है. लेकिन तमाम विवादों और टेंशन से भरे लम्हों के बीच खिलाड़ी किसी तरह अपना फ़ोकस बिगड़ने नहीं देना चाहते. टीम इंडिया इस डिनर से फ़्रेश होकर वापस लौटी और उम्मीद की जानी चाहिए कि सेमीफ़ाइनल में ये तरोताज़ा टीम एकबार फिर धमाकेदार प्रदर्शन करेगी.



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