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अब शोएब अख्तर ने दी दानिश कनेरिया पर दिए अपने बयान को लेकर यह सफाई

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अब शोएब अख्तर ने दी दानिश कनेरिया पर दिए अपने बयान को लेकर यह सफाई

Shoaib Akhtar की फाइल फोटो

खास बातें

  1. शोएब आए अब बैकफुट पर !
  2. पाकिस्तान में शोएब के बयान पर बवाल
  3. दानिश भी जारी कर चुके हैं दो वीडियो
लाहौर:

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoib Akhtar) ने साफ किया है कि दानिश कनेरिया के संबंध में दिए गए उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है. अख्तर के मुताबिक उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि हिंदू होने के नाते पाकिस्तानी टीम में कनेरिया के साथ गलत व्यवहार होता था. अख्तर ने कहा कि पाकिस्तानी टीम में कभी भी इस तरह की संस्कृति नहीं रही है और खासतौर पर धर्म के आधार पर कभी भी किसी खिलाड़ी के साथ भेदभाव नहीं किया गया. अख्तर (Shoaib Akhtar) ने  वीरवार को आरोप लगाया था कि पाकिस्तानी टीम में कुछ खिलाड़ी थे तो उन्हें टीम में नहीं चाहते थे क्योंकि वह हिंदू धर्म के थे. इसके बाद स्पॉट फिक्सिंग के कारण प्रतिबंध झेल रहे कनेरिया ने कहा था कि कुछ खिलाड़ी थे, जिन्होंने उन्हें निशाने पर लिया था लेकिन उन पर कभी भी धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं था.

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शनिवार को पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक ने भी कहा कि कनेरिया उनकी कप्तानी में खेले और इस दौरान उनके साथ किसी भी तरह के गलत व्यवहार की उन्हें कोई जानकारी नहीं. अख्तर ने इन तमाम बातों को लेकर जारी विवाद पर सफाई पेश करने के लिए अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में अख्तर ने कहा, "मैंने इस पूरे मामले को देखा है. मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है." अख्तर ने कहा, "हमें हर खिलाड़ी का सम्मान करना था, लेकिन एक या दो खिलाड़ी ऐसे थे, जिन्होंने कनेरिया को टारगेट किया. इस तरह के खिलाड़ी हर जगह होते हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि इन्हें टीम के हर सदस्य का समर्थन मिलता है."

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कनेरिया ने अख्तर के इंटरव्यू के बाद पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए. कनेरिया ने शनिवार को कहा था कि प्रतिबंध लगने के बाद इन दोनों ने उनकी कोई मदद नहीं की. कनेरिया ने ट्विटर पर लिखा, "यह सच है कि मेरे कबूलनामे के बाद मुझे पाकिस्तान सरकार या बोर्ड से किसी तरह का समर्थन नहीं मिला जबकि मेरी ही जैसी स्थिति से निकले अन्य खिलाड़ी पाकिस्तान के लिए खेल रहे हैं. वो भी पीसीबी के समर्थन के साथ और उन्हें सम्मान भी दिया जा रहा है." 39 साल के इस खिलाड़ी ने हालांकि कहा है कि पाकिस्तान की जनता ने उनसे कभी मुसलिम प्रधान देश में हिंदू होने पर सौतेला व्यवहार नहीं किया.

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कनेरिया ने लिखा, "पाकिस्तान के लोगों ने हालांकि मेरे साथ कभी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया. मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं पाकिस्तान के लिए पूरी ईमानदारी से खेल सका. अब यह मेरे देश की सरकार, इमरान खान, पीसीबी का मसला है, मेरा भविष्य उनके हाथ में है."



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