ओह! इतिहास से वसीम जाफर मीलों दूर रह गए, इस वजह से लगी नजर!

तिहरा शतक न बनाने के बावजूद भी वसीम जाफर अपना नाम इतिहास में दर्ज करा गए

ओह! इतिहास से वसीम जाफर मीलों दूर रह गए,  इस वजह से लगी नजर!

वसीम जाफर

खास बातें

  • तीन बड़ी पारियां भी हाथ से फिसल गईं
  • अब तो 'बस इसी' से संतोष करना होगा कि...
  • जाफर जैसा दूसरा एशियाई कोई नहीं
नई दिल्ली:

नागपुर में चल रही ईरानी ट्रॉफी में इतिहास रचने की कगार पर खड़े विदर्भ के मेंटोर और अनुभवी बल्लेबाज वसीम जाफर तीसरे दिन उस बड़े इतिहास को रचने से चूक गए, जिस पर हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि समूचे एशियाई क्रिकेटप्रेमियों की नजरें लगी ही थीं. और अगर जाफर तिहरा शतक नहीं ही बना सके, तो उसके पीछे एक बड़ा कारण रहा, जिसने जाफर से ऐतिहासिक मौका छीन लिया. 
 

हम एक बार फिर से दोहरा दें कि अगर जब वसीम जाफर मैदान पर उतरे, तो उनके निशाने पर तीन पारियां थीं. लेकिन इससे पहले एशियाई क्रिकेट प्रेमी वसीम जाफर के 40 साल से की ज्यादा उम्र में  प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक जड़ने वाले पहले एशियाई बल्लेबाज बने की दुआ कर रहे थे. चलिए एक बार फिर से उन चुनिंदा बल्लेबाजों पर नजर डाल लीजिए, जिन्होंने चालीस साल से ऊपर की उम्र में तिहरा शतक जड़ा


उम्र                                    बल्लेबाज               रन                    टीम                     बनाम               साल

48 साल, 17 दिन              डब्ल्यूजी ग्रेस              301             ग्लूस्टरशायर              ससेक्स     4 अगस्त 1986
44 साल, 5 महीने, 19 दिन    पैसी हेंड्रेन               301*             मिडिलसेक्स      वूरस्टरशायर   24 जुलाई 1933
41 साल, 6 महीने,            बॉबी एबल                 357*                  सर्रे                     समरसेट        30 मई 1899
41 साल, 2 महीने, 9 दिन    डेव नॉर्स  नटाल        304*                  नटाल                    ट्रांसवॉल     3 अप्रैल 1920

वीरवार को वसीम जाफर 285 रन पर नाबाद थे. और सभी यह उम्मीद और प्रार्थना कर रहे थे कि जिस तरह जाफर ने बैटिंग की, वह तिहरा शतक जरूर जड़ेंगे. लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. और अब करोड़ों हिंदुस्तानियों और एशियाई क्रिकेटप्रेमियों को इसी बात से संतोष करना होगा कि  वसीम जाफर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 40 पार की उम्र में 250 से ऊपर की पारी खेलने वाले पहले बल्लेबाज बन गए. दरअसल वसीम अगर रिकॉर्ड नहीं बना सके, तो उसके पीछे उनका ध्यान भंग होना रहा. 

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नागपुर में चल रही ईरानी ट्रॉफी में इतिहास रचने की कगार पर खड़े विदर्भ के मेंटोर और अनुभवी बल्लेबाज तीसरे दिन उस बड़े इतिहास को रचने से चूक गए, जिस पर हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि समूचे एशियाई क्रिकेटप्रेमियों की नजरें लगी ही थीं. और अगर जाफर ऐसा नहीं कर सके, तो उसके पीछे एक बड़ा कारण रहा
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VIDEO : तीसरे दिन बैटिंग के दौरान वसीम जाफर

दरअसल तीसरे दिन बारिश के कारण लंच तक का खेल नहीं हुआ. करीब 60 से 65 ओवर का खेल बर्बाद हो गया. जाफर इस दौरान ड्रैसिंग रूम में ही रहे. इससे उनकी लय और ध्यान पर असर पड़ा. नतीजन तीसरे दिन के तीसरे ही ओवर में सिद्धार्थ कौल ने उन्हें बोल्ड कर दिया. अगर मैच सुबह सही समय पर शुरू होता, तो शायद जाफर की कहानी कुछ और होती. लेकिन अब जाफर को 286 के आंकड़े के साथ ही संतोष करना होगा.

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