बिहार की 'चुनावी पिच' से दूर हैं पप्‍पू यादव पुत्र सार्थक, जूनियर टीम में चयन के लिए बहा रहे पसीना

बिहार की 'चुनावी पिच' से दूर हैं पप्‍पू यादव पुत्र सार्थक, जूनियर टीम में चयन के लिए बहा रहे पसीना

पुणे:

बिहार चुनाव में जहां आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के दो पुत्र तेज प्रताप और तेजस्‍वी सियासत की पिच पर किस्‍मत आजमा रहे हैं, वहीं राजनेता का एक पुत्र ऐसा भी है जो चुनाव घमासान से अलग क्रिकेट की पिच पर पसीना बहाते हुए अपने को साबित करने की कोशिश में जुटा है। यहां बात हो रही है बिहार से जुड़े बाहुबली नेता और सांसद पप्‍पू यादव और उनकी सांसद पत्‍नी रंजीत रंजन के पुत्र सार्थक रंजन की।

अखबार 'द इंडियन एक्‍सप्रेस' के अनुसार, इन दिनों 19 साल के सार्थक पुणे में अंडर-19 चैलेंजर ट्रॉफी में जमकर पसीना बना रहे हैं। दरअसल, इसी टूर्नामेंट के आधार पर अगले साल बांग्‍लादेश में होने वाले अंडर-19 वर्ल्‍डकप के लिए भारतीय अंडर-19 टीम का चयन होना है।

इस समय बिहार के चुनावी जंग को दिमाग से हटाकर सार्थक टीम इंडिया के दिग्‍गज क्रिकेटर राहुल द्रविड़ को प्रभावित करने की जी-जान से कोशिश कर रहे हैं। पुणे में जुटे इन प्रतिभाशाली क्रिकेटरों के प्रदर्शन पर द्रविड़ बारीक नजर है। सार्थक ने कहा, 'मैं पूरा ध्‍यान अच्‍छा प्रदर्शन करने पर हैं। राहुल सर से काफी कुछ सीखा है। कई लोगों को यह भी नहीं मालूम कि मैं किस परिवार से संबंध रखता हूं। मैं उन्‍हें यह बताना भी नहीं चाहता। आज नहीं तो कल, सबको पता चल ही जाता है। मैं अभी तो अपना पूरा फोकस क्रिकेट पर रखने की कोशिश कर रहा हूं।'

तेजी से बैटिंग करने वाले ओपनर
सार्थक की पहचान तेजी से रन बनाने वाले ओपनर के रूप में है। जोनल गेम के दौरान दो बार तो वे 106 गेंदों पर 96 रन बना चुके हैं। उन्‍होंने कहा, 'मैंने चार जोनल गेम में 265 रन बनाए थे और दो बार 96 पर आउट हुआ। जिस तरह से बल्‍लेबाजी कर रहा हूं उससे मैं खुश हूं। उम्‍मीद है कि अंडर-19 में देश का प्रतिनिधित्‍व करने का मौका मिलेगा।' सार्थक बताते हैं, 'मैं हमेशा से ही क्रिकेटर बनना चाहता था। 9 वर्ष की उम्र से खेल रहा हूं। विभिन्‍न आयुवर्ग में दिल्‍ली की ओर से खेल चुका हूं।'

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गेंद पर जबरदस्‍त प्रहार करता है : निखिल चोपड़ा
भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेकटर निखिल चोपड़ा कहते हैं, 'जब मैंने उसे पहली बार देखा था तब वह गोलमटोल था। मैंने उसे वजन कम करने को कहा। रनों की उसकी भूख से मैं प्रभावित हूं। यदि उसे आने वाले सालों में किसी आईपीएल टीम में नहीं चुना गया तो मुझे वाकई हैरानी होगी। वह गेंद पर जबर्दस्‍त प्रहार करता हैं।' दरअसल निखिल ने ही दो साल पहले सार्थक को दिल्‍ली की अंडर-19 टीम में चुना था।

मां रह चुकी हैं टेनिस खिलाड़ी
सार्थक की मां टेनिस की अच्‍छी खिलाड़ी रह चुकी हैं। सार्थक बताते हैं, 'मैं अपनी मां से रोज बात करता हूं और उनकी सलाह बेहद मददगार होती हैं। चूंक‍ि वे खिलाड़ी रह चुकी हैं, इसलिए जानती हैं कि एक खिलाड़ी को किन दौर से गुजरना होती है। जब मैं रन स्‍कोर नहीं कर पाता तो गुस्‍सा आ जाता थ, लेकिन उन्‍होंने मुझे धैर्य रखने की नसीहत दी है।'