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बर्थडे विशेष: जब खेलभावना का परिचय देकर गुंडप्‍पा विश्‍वनाथ ने जीता था सबका दिल, उनसे जुड़ी 6 खास बातें...

टीम इंडिया के कलात्‍मक बल्‍लेबाजों में शुमार गुंडप्‍पा रंगनाथ विश्‍वनाथ 12 फरवरी को 69 वर्ष के हो गए. लेट कट लगाने के लिए मशहूर विश्‍वनाथ ने अपने खेल कौशल से 70 और 80 के दशक में बड़ी संख्‍या में लोगों को प्रशंसक बनाया.

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बर्थडे विशेष: जब खेलभावना का परिचय देकर गुंडप्‍पा विश्‍वनाथ ने जीता था सबका दिल, उनसे जुड़ी 6 खास बातें...

विश्‍वनाथ को उनकी कलात्‍मक बल्‍लेबाजी के लिए जाना जाता था (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: टीम इंडिया के कलात्‍मक बल्‍लेबाजों में शुमार गुंडप्‍पा रंगनाथ विश्‍वनाथ 12 फरवरी को 69 वर्ष के हो गए. लेट कट लगाने के लिए मशहूर विश्‍वनाथ ने अपने खेल कौशल से 70 और 80 के दशक में बड़ी संख्‍या में लोगों को प्रशंसक बनाया. सुनील गावस्‍कर के साथ विश्‍वनाथ एक समय भारतीय बल्‍लेबाजी का आधार स्‍तंभ हुआ करते थे. विश्‍वनाथ जब देश के लिए खेला करते थे तो यह जुमला विश्‍व क्रिकेट में मशहूर था कि भारतीय टीम, ढाई बल्‍लेबाजों की टीम है. इसमें दो बल्‍लेबाजों के रूप में गावस्‍कर और विश्‍वनाथ को गिना जाता था जबकि आधा (1/2) बल्‍लेबाज के रूप में शेष सभी खिलाड़ि‍यों की गिनती का जाती थी. गावस्‍कर की ही तरह छोटे कद के विश्‍वनाथ भारतीय क्रिकेट टीम के कप्‍तान और बाद में चयन समिति के सदस्‍य भी रहे. आइए जानते हैं, विशी के नाम से लोकप्रिय विश्‍वनाथ से जुड़ी 6 खास बातें.. 1. विश्‍वनाथ का जन्‍म 12 फरवरी 1949 को कर्नाटक के भद्रावती में हुआ था. वे दाएं हाथ के मध्‍य क्रम के बल्‍लेबाज थे. साथ में लेग ब्रेक गेंदबाजी भी किया करते थे.

2. विश्‍वनाथ ने भारतीय टीम के लिए 91 टेस्‍ट खेले और 41.93 के औसत से 6080 रन बनाए. इस दौरान 222 रन उनका सर्वोच्‍च टेस्‍ट स्‍कोर रहा. उन्‍होंने 25 वनडे मैचों में 439 रन बनाए, जिसमें 75 रन सर्वोच्‍च स्‍कोर था.

3. विश्‍वनाथ ने अपने पहले ही टेस्‍ट में शतक लगाने के कारनामे को अंजाम दिया था. अपना पहला टेस्‍ट उन्‍होंने नवंबर 1969 में कानपुर में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ खेला था. इस टेस्‍ट की पहली पारी में वे बिना कोई रन बनाए आउट हो गए थे जबकि दूसरी पारी में उन्‍होंने 137 रन की बेहतरीन पारी खेली थी. विशी ने अपना आखिरी टेस्‍ट जनवरी 1983 में पाकिस्‍तान के खिलाफ कराची में खेला था.

4.भारतीय क्रिकेट के महान बल्‍लेबाजों में शुमार गावस्‍कर और विश्‍वनाथ करीबी रिश्‍तेदार हैं. विश्वनाथ की शादी सुनील गावस्कर की बहन से हुई है.

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5. वर्ष 1979-80 में हुए सिल्‍वर जुबली टेस्‍ट में खेलभावना का परिचय देने के लिए भी विश्‍वनाथ को याद किया जाता है. इंग्‍लैंड के खिलाफ इस टेस्‍ट में विश्‍वनाथ भारतीय टीम की कप्‍तानी कर रहे थे. इस टेस्‍ट में अम्‍पायर ने इंग्‍लैंड के बल्‍लेबाज बॉब टेलर को अम्‍पायर ने आउट करार दे दिया था, लेकिन विश्‍वनाथ और टीम इंडिया के कुछ सदस्‍य इस बात से वाकिफ थे कि टेलर आउट नहीं हैं. अम्‍पायर के फैसले को दरकिनार करते हुए विशी ने टेलर को दोबारा बैटिंग के लिए बुलाया. मैच में इयान बॉथम और बॉब टेलर की बल्‍लेबाजी के कारण भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था लेकिन जबर्दस्‍त खेलभावना का परिचय देते हुए विश्‍वनाथ हर किसी के चहेते बन गए थे.

वीडियो: गावस्‍कर ने इस अंदाज में की विराट की प्रशंसा
6. विश्‍वनाथ ने जिन भी टेस्‍ट में शतक बनाया, उन टेस्‍ट में भारतीय टीम को कभी हार नहीं मिली. यह टेस्‍ट या तो ड्रॉ रहे या इनमें भारतीय टीम ने जीत हासिल की.


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