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PSL स्‍पॉट फिक्सिंग मामला : कुछ और पाकिस्‍तानी खिलाड़ि‍यों के नाम आ सकते हैं सामने...

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PSL स्‍पॉट फिक्सिंग मामला : कुछ और पाकिस्‍तानी खिलाड़ि‍यों के नाम आ सकते हैं सामने...

मामले में निलंबित शारजील खान और खालिद लतीफ ने पूछताछ के दौरान कुछ अहम जानकारी दी है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. शारजील-खालिद ने संदिग्‍ध बुकी के हवाले से दी अहम जानकारी
  2. कहा-चार अन्‍य खिलाड़ि‍यों से हो रही थी सट्टेबाज यूसुफ की बातचीत
  3. शारजील और खालिद ने कहा, ये खिलाड़ी कौन हैं, वे नहीं जानते
कराची:
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पाकिस्‍तान सुपर लीग (PSL)के दौरान सामने आया स्‍पॉट फिक्सिंग का मामला कुछ और क्रिकेटरों को अपनी जद में ले सकता है. सूत्रों की मानें तो कुछ और पाकिस्‍तानी खिलाड़ि‍यों के नाम इस मामले में सामने आ सकते है. दरअसल, निलंबित क्रिकेटर शारजील खान और खालिद लतीफ ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और पाकिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई को बताया कि संदिग्ध सट्टेबाज यूसुफ अनवर के अनुसार, पीएसएल के दौरान मैचों की स्‍पॉट फिक्सिंग में चार अन्य पाकिस्तानी खिलाड़ी शामिल थे.

विभिन्न सूत्रों ने बताया कि आईसीसी और पीसीबी को दुबई में दिए गए बयान में खालिद ने उनसे कहा कि यूसुफ और एक अज्ञात विदेशी स्‍पॉट फिक्सिंग में उनके साथ शामिल चार अन्य खिलाड़ियों की बात कर रहे थे. एक सूत्र ने कहा, ‘एसीयू अधिकारियों ने खिलाड़ियों से पूछा कि इस धंधे में अन्य कौन से खिलाड़ी शामिल हैं. खालिद और शारजील ने उनसे कहा कि वे अन्य खिलाड़ियों के बारे में कुछ नहीं जानते. लेकिन जब जोर दिया गया तो खालिद ने बताया कि सट्टेबाज और विदेशी ने दावा किया कि वे चार अन्य खिलाड़ियों के संपर्क में हैं और इनमें मोहम्मद इरफान और शाहजैब हसन शामिल नहीं हैं. ’सूत्र ने कहा कि शारजील और खालिद को उनके मोबाइल लेने और उनके किट बैग की जांच करने के बाद दुबई से स्वदेश भेजने का फैसला किया गया. सूत्र ने कहा, ‘एसीयू अधिकारी जानते थे कि कुछ गड़बड़ चल रही है और वे जानते थे कि क्या जांच करनी है. इसलिए जब उन्होंने किट बैग की जांच की तो वहां बल्ले की विशेष रंग की ग्रिप मिली जो उन्हें यूसुफ और विदेशी ने दी थी.’सूत्र ने पुष्टि की कि एसीयू अधिकारियों ने शारजील और खालिद की यूसुफ और विदेशी के साथ दो मुलाकातों की सीसीटीवी फुटेज भी हासिल की. उन्होंने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में किसी के मोबाइल या सामान की जांच उसकी अनुमति के बिना नहीं की जा सकती और उन्हें सबूत के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता और शायद इसलिए शारजील और खालिद को किसी कानूनी पेंच में फंसने से बचने के लिये तुरंत स्वदेश भेज दिया गया. (भाषा से इनपुट)


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