Ranji Trophy: बंगाल और कर्नाटक रणजी ट्रॉफी के क्वार्टरफाइनल में, दिल्ली बाहर, Ranji Round-Up

Ranji Trophy: राजस्थान ने दिन की शुरुआत चार विकेट के नुकसान पर 115 रनों के साथ की. कप्तान अशोक मनेरिया ने 38 रनों से अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए बेहतरीन शतक जमाया.

Ranji Trophy: बंगाल और कर्नाटक रणजी ट्रॉफी के क्वार्टरफाइनल में, दिल्ली बाहर, Ranji Round-Up

रणजी ट्रॉफी की फाइल फोटो

नई दिल्ली:

बंगाल और कर्नाटक ने क्रमश: पंजाब और बड़ौदा के खिलाफ मैच के तीसरे दिन शुक्रवार को जीत दर्ज कर रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप ए (Ranji Trophy) से क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया. इस नतीजे से दिल्ली की टीम टूर्नामेंट के नाकआउट चरण में जगह बनाने की दौड़ से बाहर हो गयी.  ग्रुप ए और बी के क्रास पूल से पांच टीमों को क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करना है जिसमें से बंगाल और कर्नाटक के अलावा गुजरात, सौराष्ट्र और आंध्र ने अपनी जगह पक्की कर ली. पंजाब को यहां तीसरे दिन जीत के लिए 190 रन चाहिए थे, लेकिन पूरी टीम 141 रन पर आउट हो गयी। बंगाल के बांये हाथ के स्पिनर शाहबाज अहमद ने दूसरी पारी में चार विकेट लिए. उन्होंने पहली पारी में सात विकेट लिए थे. इससे पहले बंगाल ने दिन की शुरुआत नौ विकेट पर 199 रन से की लेकिन तीन रन जोड़कर टीम का आखिरी विकेट गिर गया जिससे पंजाब को 190 रन का लक्ष्य मिला. पंजाब की ओर से रमणदीप सिंह (नाबाद 69 रन) के अलावा कोई और बल्लेबाज बंगाल के गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका और पूरी टीम 47.3 ओवर में आउट हो गई. बेंगलुरु में कर्नाटक ने बड़ौदा को आठ विकेट से हराकर क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया. पहली पारी में महज 85 रन पर आउट होने वाली बड़ौदा की टीम ने दूसरी पारी में बेहतर प्रदर्शन किया. टीम ने 296 रन बनाये जिससे कर्नाटक को जीत के लिए 149 रन का लक्ष्य मिला. कप्तान करूण नायर के नाबाद 71 रन के बूते टीम ने 44.4 ओवर में इस लक्ष्य को हासिल कर लिया. चलिए विस्तार से मैचों के बारे में जान लीजिए:

राजस्थान का हार से बचना मुश्किल

दिल्ली। राजस्थान क्रिकेट टीम यहां अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) ग्रुप-ए के मैच में दिल्ली के सामने हार की तरफ बढ़ती दिख रही है. दिल्ली ने अपनी पहली पारी में 623 रन बनाए और राजस्थान को पहली पारी में 299 रनों पर ऑलआउट कर उसे फॉलोऑन दिया. दूसरी पारी में राजस्थान पर संकट मंडरा रहा है. मैच के तीसरे दिन शुक्रवार का खेल खत्म होने तक राजस्थान ने अपने दो विकेट 128 रनों पर खो दिए हैं. महिपाल लोमरूर 64 और रितुराज सिंह 11 रन बनाकर खेल रहे हैं.

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राजस्थान ने दिन की शुरुआत चार विकेट के नुकसान पर 115 रनों के साथ की. कप्तान अशोक मनेरिया ने 38 रनों से अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए बेहतरीन शतक जमाया. उन्होंने 189 गेंदों की पारी में 14 चौके और तीन छक्के मारे. दूसरे छोर से कोई बल्लेबाज उनका लंबा साथ नहीं दे सका और टीम 299 रनों पर ऑल आउट हो गई.

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दूसरी पारी खेलने उतरी राजस्थान को चार के कुल स्कोर पर मनेंद्र सिंह (4) के रूप में पहला झटका लगा.इसके बाद हालांकि रामनिवास गोलाडा (28) ने महिपाल का साथ दिया और टीम को 59 के कुल स्कोर तक पहुंचाया. यहां रामनिवास आउट हो गए. यश कोठारी ने मैदान पर कदम रखा लेकिन वह रिटायर्ड हर्ट हो गए.

तमिलनाडु ने मजबूत की बढ़त
राजकोट। सीनियर पेशेवर खिलाड़ी अर्पित वासवड़ा की नाबाद 126 रन की पारी से सौराष्ट्र ने शुक्रवार को तमिलनाडु के खिलाफ एलीट ग्रुप के तीसरे दिन स्टंप तक छह विकेट पर 346 रन बनाकर अपनी बढ़त 76 रन की कर ली. इस मैच का नतीजा सौराष्ट्र पर कोई असर नहीं डालेगा जिसने पहले ही नॉकआउट के लिए क्वालीफाई कर लिया है. कर्नाटक और बंगाल के अपने अंतिम लीग मैच जीतने से तमिलनाडु दौड़ से बाहर हो गया है. तमिलनाडु ने एन जगदीशन के 183 रन की मदद से पहली पारी में 424 रन बनये थे. मेजबान टीम ने तीन विकेट पर 107 रन से खेलना शुरू किया. विकेटकीपर अवि बरोत (82) और वासवड़ा ने चौथे विकेट के लिये 108 रन की भागीदारी निभायी. वासवड़ा ने अभी तक अपनी पारी में 13 चौके और एक छक्का जड़ा. 

कर्नाटक क्वार्टरफाइनल में पहुंचा
बेंगलुरू।
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में कर्नाटक ने बड़ौदा को आठ विकेट से हराकर नाकआउट के लिये क्वालीफाई किया, मुंबई की टीम पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है जिसने मध्यप्रदेश के खिलाफ पहली पारी की बढ़त हासिल की. सलामी बल्लेबाज हार्दिक तैमोर ने पहला प्रथम श्रेणी शतक जड़ा जिससे मुंबई ने मध्यप्रदेश को जीत के लिये 408 रन का लक्ष्य दिया जिसने तीसरे दिन स्टंप तक दो विकेट गंवाकर 44 रन बना लिए. 

हरियाणा को जीत के लिये 121 रन की दरकार, पांच विकेट बाकी

जम्मू। जयंत यादव के सात विकेट झटकने से हरियाणा की टीम ने शुक्रवार को यहां जम्मू कश्मीर के खिलाफ ग्रुप सी मैच के तीसरे दिन जीत की दौड़ में वापसी की. इस आफ स्पिनर ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 58 रन देकर सात विकेट हासिल किए, जिससे घरेलू टीम 174 रन पर सिमट गयी और हरियाणा को जीत के लिये 224 रन का लक्ष्य मिला. हालांकि घरेलू टीम ने पांच विकेट झटककर स्टंप तक हरियाणा का स्कोर पांच विकेट पर 103 रन कर दिया जिससे उसे जीत के लिये अब भी 121 रन की दरकार है. जम्मू कश्मीर ने 340 रन बनाने के बाद हरियाणा को 291 रन के स्कोर पर समेटकर पहली पारी की बढ़त हासिल की थी. घरेलू टीम दूसरी पारी में अच्छी शुरूआत का फायदा नहीं उठा सकी जिसके लिए सलामी बल्लेबाज सूर्यांश रैना (38) और जियाद माग्रे (16) ने 55 रन की भागीदारी निभायी. इसके बाद यादव ने विकेट झटकने का सिलसिला शुरू किया. उन्होंने रैना, शुभम खजूरिया (09) और शुभम पुंडीर (12) के अहम विकेट चटकाए. कप्तान परवेज रसूल रन आउट होने से पहले अच्छी फार्म में दिख रहे थे जिन्हें 29 रन पर चैतन्य बिश्नोई ने रन आउट किया. दूसरी पारी में हरियाणा ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और रसूल (35 रन देकर तीन विकेट) ने पहली पारी के शतकवीर प्रमोद चंदीला (01) के अलावा सलामी बल्लेबाज हिमांशु राणा (24) और यश शर्मा (24) के विकेट झटके.

गुवाहाटी में त्रिपुरा ने स्टंप तक पांच विकेट गंवाकर 76 रन बना लिये हैं और मिलिंद कुमार 36 रन बनाकर क्रीज पर डटे हैं. पहली पारी में 497 रन बनाने वाली त्रिपुरा की इससे कुल बढ़त 290 रन की हो गयी है, जिसने असम को पहली पारी में 283 रन पर समेट दिया था। वहीं कटक में ओड़िशा और झारखंड के बीच मुकाबला ड्रा की ओर बढ़ रहा है. स्टंप तक झारखंड की टीम नौ विकेट पर 355 रन बनाकर ओड़िशा से 81 रन से पिछड़ रही है, जिसने पहली पारी में 436 रन बनाए थे. बारामती में उत्तराखंड को जीत के लिये 167 रन की जरूरत है और उसके आठ विकेट बाकी हैं. स्टंप तक उत्तराखंड ने दो विकेट गंवाकर 103 रन बना लिये थे. कमल सिंह 40 और मयंक मिश्रा 19 रन बनाकर खेल रहे थे. महाराष्ट्र ने पहली पारी में 207 और दूसरी पारी में 313 रन बनाकर उत्तराखंड को जीत के लिये 270 रन का लक्ष्य दिया था. रायपुर में खेले जा रहे मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने जीवनजोत सिंह के 152 रन और हरप्रीत सिंह के नाबाद 101 रन की मदद से एक विकेट पर 325 रन बनाकर 106 रन की बढ़त हासिल कर ली. सेना की पहली पारी 398 रन पर सिमटी थी.

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इसके बाद रितुराज ने महिपाल का साथ देते हुए दिन का खेल खत्म होने तक कोई और विकेट नहीं गिरने दिया. महिपाल 118 गेंदों का सामना कर आठ चौके और दो छक्के लगा चुके हैं.

 
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