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कभी ख़ुशी कभी गम : टीम डायरेक्टर से मुख्य कोच तक ऐसा रहा रवि शास्त्री का सफर

ऐसे में कोच चुनने के लिए बीसीसीआई ने एडवाइजरी कमेटी को ज़िम्मेदारी दी. कमेटी के सदस्य सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण को अब कोच चुनना था.

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कभी ख़ुशी कभी गम : टीम डायरेक्टर से मुख्य कोच तक ऐसा रहा रवि शास्त्री का सफर

रवि शास्‍त्री और अनिल कुंबले (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. रवि शास्‍त्री को चुना गया नया कोच
  2. ओवरसीज टूर के लिए बैटिंग सलाहकार के रूप में राहुल द्रविड़ को चुना गया
  3. बॉलिंग कोच के रूप में जहीर खान को चुना गया
यह 2015 की बात है, उस वक्त डंकन फ्लेचर टीम इंडिया के कोच थे और रवि शास्त्री टीम के डायरेक्टर. वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से 95 रन से करारी हार के बाद बीसीसीआई ने फ्लेचर के कोच की अवधि को बढ़ाना से मना कर दिया था. ऐसे में कोच चुनने के लिए बीसीसीआई ने एडवाइजरी कमेटी को ज़िम्मेदारी दी. कमेटी के सदस्य सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण को अब कोच चुनना था. उस वक्त टीम के कई खिलाडि़यों ने रवि शास्त्री को टीम के साथ बने रहने के लिए वकालत की थी जिसमें विराट कोहली भी शामिल थे.

काफी अटकलों के बाद, रवि शास्त्री का करार टीम निदेशक के रूप में 2016 टी-20 विश्व कप तक बढ़ा दिया गया था. लेकिन 2016 में हुई टी 20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच में वेस्टइंडीज से 7 विकेट से हार के बाद बीसीसीआई ने साफ़ कर दिया था कि अब टीम को एक फुल टाइम कोच चाहिए. फिर कोच की खोज शुरू हो गई थी.

डायरेक्टर के रूप में शास्त्री सफल हुए थे. रवि शास्त्री जब टीम डायरेक्टर थे तब टीम इंडिया ने अच्छा प्रदर्शन किया था और टेस्ट रैंकिंग में पहला स्थान पर पहुँच गया था. अब सबको यही लग रहा था कि रवि शास्त्री टीम इंडिया के अगले कोच होंगे. शास्त्री को टक्कर देने वाला ऐसा कोई बड़ा कोच नज़र नहीं आ रहा था. राहुल द्रविड़ का नाम ज़रूर चला था लेकिन द्रविड़ खुद कोच बनने के लिए तैयार नहीं थे. विराट और शास्त्री का रिश्ता काफी अच्छा था. एक तरफ विराट कोहली टीम डायरेक्टर के रूप में शास्त्री के नाम को आगे बढ़ा रहे थे तो दूसरी तरफ शास्त्री ने विराट की तारीफ में कई बातें कहीं थीं. शास्त्री ने उस वक्त यह खुलकर बोला था कि विराट कोहली को तीनों फॉर्मेट को कप्तानी सौंप देनी चाहिए. उस वक्त कोहली टेस्ट कप्तान थे जबकि महेंद्र सिंह धोनी एकदिवसीय और टी 20 के कप्तान थे.

मैदान में कुंबले की हुई एंट्री
6 जून 2016 को रवि शास्त्री ने टीम इंडिया कोच के लिए आवेदन किया. पूर्व गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद, संदीप पाटिल जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने भी आवेदन किया. किसी को उम्मीद नहीं थी कि अनिल कुंबले कोच के पद के लिए आवेदन करेंगे क्योंकि कोच के रूप में अनिल कुंबले का कोई अनुभव नहीं था. लेकिन अचानक कुंबले ने पर्चा भरते हुए सबको हैरान कर दिया. कोच के रूप में कुंबले का अनुभव जरूर नहीं था लेकिन एक गेंदबाज़ के रूप में कुंबले के अवदान को भुलाया नहीं जा सकता है. कुंबले के आवेदन के बाद अब मामला काफी दिलचस्प हो गया था. एडवाइजरी कमेटी को कोच के रूप में रवि शास्त्री जैसे एक सफल डायरेक्टर को चुनना था या फिर कुंबले जैसा एक सफल पूर्व गेंदबाज़ को. 21 जून कोच पद के लिए इंटरव्यू लिया गया था. फिर आखिरकार अनिल कुंबले के नाम पर मुहर लगा दी गई.

रवि शास्त्री और सौरभ गांगुली के बीच टकराव
टीम इंडिया के कोच न बनने पर रवि शास्त्री ने नाराज़गी जताई थी. इंडियन एक्सप्रेस को इंटरव्यू देते हुए रवि शास्त्री ने कहा था कि कोच न बनने पर वह बहुत निराश हैं. शास्त्री ने यह खुलासा किया था कि उनके इंटरव्यू के दौरान सौरभ गांगुली मौजूद नहीं थे, वह बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन की किसी मीटिंग में व्यस्त थे. रवि शास्त्री ने ये भी कहा था कि गांगुली ने सलाहकार समिति के सदस्य के तौर पर अपने पद के साथ-साथ रवि शास्त्री का अनादर किया है. पहले सौरव गांगुली, शास्त्री के बयान को नज़रअंदाज़ करते नज़र आए, लेकिन जब बात आगे बढ़ी तो गांगुली को जवाब देने के लिए सामने आना पड़ा था.

29 जून 2016 को गांगुली ने रवि शास्त्री पर हमला बोल दिया. उन्होंने कहा था  'अगर रवि शास्त्री सोचते हैं कि वह गांगुली की वजह से कोच नहीं बन पाए तो वे बेवकूफों की दुनिया में रह रहे हैं. इंटरव्यू के दौरान अनुपस्थिति को लेकर गांगुली ने कहा था कि उन्होंने बीसीसीआई को पहले ही सूचना दे दी थी कि इंटरव्यू के दिन 5 बजे से लेकर 6.30 तक वे बंगाल क्रिकेट एसोसिशन की मीटिंग में व्यस्त रहेंगे. गांगुली का यह भी कहना था कि अगर वे इंटरव्यू में मौजूद नहीं थे तो रवि शास्त्री खुद भी मौजूद नहीं थे. उन्हें भारत आकर इंटरव्यू देना चाहिए था. दरअसल शास्त्री ने स्काइप के जरिए इंटरव्यू दिया था क्योंकि इंटरव्यू के दौरान वे बैंकॉक में छुट्टी मना रहे थे.

कोच के रूप में कुंबले रहे सफल लेकिन...
कोच के रूप में अनिल कुंबले सफल भी रहे. लेकिन कई बार मीडिया में यह रिपोर्ट आई कि कुंबले और कप्तान विराट कोहली के बीच सब कुछ ठीक नहीं है. मीडिया में यह भी रिपोर्ट छपी कि अनिल कुंबले के बर्ताव को लेकर कोहली ने बीसीसीआई को शिकायत की थी. यह कहा गया था कि कुंबले का बर्ताव हेड मास्टर की तरह है जिसकी वजह से खिलाड़ी पूरी तरह घबराए हुए हैं. मीडिया में यह भी रिपोर्ट आई थी कि कप्तान कोहली और अनिल कुंबले के बीच कई दिनों से बातचीत बंद थी. लेकिन एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कोहली ने कहा था कि कुंबले और उनके बीच कोई टकराव नहीं है.

बीसीसीआई ने यह भी साफ़ कर दिया था कि अगर कुंबले चाहें तो वेस्टइंडीज टूर तक टीम इंडिया का कोच का पदभार संभाल सकते हैं. सभी यही उम्मीद कर रहे थे कि कुंबले कोच के रूप में टीम इंडिया के साथ वेस्टइंडीज जायेंगे लेकिन 20 जून 2017 को कुंबले ने कोच के पद से इस्तीफ़ा दे दिया. एक ट्वीट के जरिये कुंबले ने अपने स्टेटमेंट में लिखा, ''क्रिकेट सलाहकार समिति ने मुझसे हेड कोच के तौर पर अपना कार्यकाल आगे बढ़ाने के लिए कहा था. पिछले एक साल में टीम को जो सफलता मिली है उसका श्रेय कप्तान, पूरे टीम और कोचिंग स्टाफ को जाता है.

कुंबले ने यह भी लिखा, ''इसके साथ ही मुझे बताया गया कि कप्तान को मेरी कार्यशैली को लेकर परेशानी है. यह जानकर मैं हैरान रह गया क्योंकि कप्तान और कोच की सीमाएं मुझे अच्छी तरह से पता हैं. हालांकि बीसीसीआई ने मेरे और कप्तान के बीच सुलह कराने की कोशिश की. लेकिन यह स्पष्ट था कि यह साझेदारी आगे नहीं चलने वाली थी. ऐसे में मैंने खुद आगे बढ़ जाने को बेहतर समझा.''

फिर रवि शास्त्री ने किया कोच के लिए आवेदन
अनिल कुंबले के इस्तीफे के बाद कौन होगा टीम इंडिया का कोच उसे लेकर पड़ताल शुरू हो गई. यह भी कहा गया कि वीरेंद्र सहवाग को कोच के रूप में वेस्टइंडीज भेजा जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ. फिर कोच के लिए कई आवेदन आये. वीरेंद्र सहवाग, टॉम मूडी, लालचंद राजपूत, डोडा गणेश और रिचर्ड पायबस जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने आवेदन किया.

मीडिया में इस तरह की रिपोर्ट भी आई कि विराट कोहली, रवि शास्त्री को कोच के रूप में चाहते हैं. रवि शास्त्री ने कोच के पद के लिए आवेदन नहीं किया था. लेकिन जुलाई में रवि शास्त्री ने अपना आवेदन किया. मीडिया में यह भी कहा गया कि सचिन तेंदुलकर की सलाह के बाद शास्त्री ने आवेदन किया था. जब शास्त्री ने आवेदन किया तब लगभग यह साफ़ हो गया था कि शास्त्री अगले कोच होंगे.

बीसीसीआई ने पहले किया खंडन फिर रवि शास्त्री का नाम का किया ऐलान
10 जुलाई को कोच के लिए इंटरव्यू लिया गया. यह उम्मीद की जा रही थी कि इंटरव्यू के बाद कोच के नाम की घोषणा कर दी जाएगी लेकिन इंटरव्यू के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिये सौरभ गांगुली ने कहा था कि टीम इंडिया के कोच को लेकर फैसला नहीं लिया गया है. गांगुली ने स्पष्ट किया कि कप्तान विराट कोहली से बात करने के बाद कोच के बारे में फैसला लिया जाएगा.

मंगलवार को मीडिया में यह खबर चली कि रवि शास्त्री टीम इंडिया के कोच बन गए है. लेकिन थोड़ी देर के बाद बीसीसीआई ने एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिये बताया कि कोच को लेकर ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है और समय आने पर कौन होगा कोच इस के बारे में बता दिया जायेगा. लेकिन फिर कुछ घंटों बाद बीसीसीआई ने ट्वीट के जरिये बताया कि रवि शास्त्री को मुख्य कोच के रूप में चयन कर दिया गया है जबकि ज़हीर खान को गेंदबाजी कोच बनाया गया है और इस के साथ-साथ राहुल द्रविड़ को ओवरसीज टूर के लिए बैटिंग सलाहकार के रूप में नियुक्ति किया गया है.


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