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रवि शास्त्री हेड कोच, जहीर गेंदबाजी के कोच और द्रविड़ बल्लेबाजी सलाहकार बनाए गए

टीम इंडिया के नए कोच के चयन को लेकर आज दिनभर चली गहमागहमी चलती रही.

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रवि शास्त्री हेड कोच, जहीर गेंदबाजी के कोच और द्रविड़ बल्लेबाजी सलाहकार बनाए गए

रवि शास्‍त्री का फाइल फोटो...

खास बातें

  1. नए कोच के चयन को लेकर दिनभर गहमागहमी चलती रही
  2. देर शाम बीसीसीआई मे रवि शास्त्री को कोच बनाए जाने का खंडन किया
  3. देर रात रवि शास्त्री को हेड कोच, जहीर खान को बॉलिंग कोच बनाने की खबर आई
नई दिल्‍ली: पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री की मंगलवार को भारतीय क्रिकेट के मुख्य पटल पर उस वक्त शानदार वापसी हुई जब उनको टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है. एक साल पहले उनको बड़े ही अप्रत्याशित ढंग से बाहर जाना पड़ा था. शास्त्री पूर्व स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले का स्थान लेंगे जिन्होंने कप्तान विराट कोहली के साथ मतभेदों के बाद पिछले दिनों कोच का पद छोड़ दिया था. कुंबले और कोहली के मतभेदों की खूब चर्चा हुई थी. 

भारतीय टीम की गेंदबाजी खासकर पेस बैट्री को मजबूत बनाने के मकसद से पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को गेंदबाजी का कोच बनाया गया है. किसी समय टीम इंडिया की ‘दीवार’ रहे द्रविड़ को बल्लेबाजी सलाहकार बनाया गया है, हालांकि वह कुछ खास विदेशी दौरों पर ही वह इस भूमिका का निर्वहन करेंगे. 

बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने इस नियुक्ति की पुष्टि करते हुए कहा, "क्रिकेट सलाहकर समिति की सिफारिश पर हमने रवि शास्त्री को मुख्य कोच नियुक्त करने का फैसला किया है जबकि जहीर खान को दो साल के लिए गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया है." शास्त्री तीसरी बार अधिकारी के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़े हैं. इससे पहले वह 2007 में बांग्लादेश दौरे के दौरान क्रिकेट मैनेजर थे और इसके बाद अगस्त 2014 से जून 2016 तक उन्हें टीम निदेशक बनाया गया जिस दौरान भारत ने श्रीलंका के खिलाफ उसकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती और 2015 विश्व कप तथा 2016 विश्व टी20 के सेमीफाइनल में जगह बनाई.

टीम इंडिया के नए कोच के चयन को लेकर आज दिनभर गहमागहमी चलती रही. दिन में पहले रवि शास्त्री को टीम इंडिया का कोच बनाए जाने की खबर आई थी लेकिन देर शाम बीसीसीआई की ओर से इसका खंडन आ गया. बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी ने साफ किया कि नए कोच को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है. जैसे ही कोई फैसला लिया जाएगा, जानकारी दी जाएगी. हालांकि देर रात रवि शास्त्री को टीम इंडिया का हेड कोच और जहीर खान को बॉलिंग कोच नियुक्त किए जाने की बीसीआई ने पुष्टि कर दी. विदेशी दौरों के लिए राहुल द्रविड़ बैटिंग कंसल्टेंट नियुक्त किए गए हैं.  

गौरतलब है कि मंगलवार को दोपहर बाद रवि शास्‍त्री को टीम इंडिया का कोच चुने जाने की खबरें आईं. इन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद बीसीसीआई सचिव चौधरी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस बुलाकर बोर्ड का रुख स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि कोच नियुक्ति संबंधी खबरें सही नहीं हैं. क्रिकेट सलाहकार समिति के तीन दिग्‍गज सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्‍मण ही इस संबंध में कोई फैसला लेंगे और चयन हो जाने के बाद मीडिया को जानकारी दी जाएगी.

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के चयन में एक और मोड़ आ गया था, जब सर्वोच्च अदालत द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का कामकाज देखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने बोर्ड से कहा था कि राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के नाम की घोषणा आज ही (मंगलवार को) की जाए. सूत्रों की मानें तो सीओए मानना था कि कोच के नाम की घोषणा के लिए किसी का इंतजार नहीं किया जाए और क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) अपना फैसला बोर्ड को बताए.
 
गौरतलब है कि पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की तीन सदस्यीय सीएसी ने सोमवार को कोच चयन को नाटकीय मोड़ देते हुए अपना फैसला रोक लिया था और कहा था कि वह टीम के कप्तान विराट कोहली से बात करने के बाद कोच के नाम का ऐलान करेगी.
 
सीएसी ने सोमवार को पांच लोगों के इंटरव्यू लिए थे. इन पांच लोगों में रवि शास्त्री, वीरेंद्र सहवाग, रिचर्ड पायबस, लालचंद राजपूत और टॉम मूडी शामिल रहे.
 
गांगुली ने सोमवार को कोच पद के लिए इंटरव्यू लेने के बाद कहा था, "हमने फैसला किया है कि हम कुछ समय के लिए कोच पद के नाम की घोषणा को रोकेंगे. हमें इसके लिए कुछ और दिनों की जरूरत है और साथ ही हम कुछ संबंधित लोगों से बात करना चाहते हैं. इसके बाद हम अंतिम फैसला लेते हुए कोच के नाम का ऐलान करेंगे. हम इस समय किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं."
 
दरअसल, सीओए के अध्यक्ष विनोद राय हैं और इसके सदस्यों में विक्रम लिमिए और डायना इडुल्जी शामिल हैं. कोच की दौड़ में शास्त्री का नाम सबसे आगे माना जा रहा था. इसकी वजह कप्तान कोहली और शास्त्री के संबंध थे. कोहली, शास्त्री के पक्ष में खड़े थे.
 
गौरतलब है कि अनिल कुंबले ने कप्तान कोहली से मतभेद की बात स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनका कार्यकाल 18 जून को संपन्न हुए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी तक का था, बोर्ड ने विंडीज दौरे तक उनके कार्यकाल को विस्तार दिया था, लेकिन, कुंबले ने अचानक इस्तीफा दे दिया और विंडीज दौरे पर भारतीय टीम के साथ नहीं गए.

(इनपुट एजेंसी से भी)


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