Rishabh Pant के लिए इन 3 कारणों से मुश्किल हुआ वर्ल्‍डकप 2019 का 'टिकट'!

Rishabh Pant के लिए इन 3 कारणों से मुश्किल हुआ वर्ल्‍डकप 2019 का 'टिकट'!

ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में Rishabh Pant बल्‍ले और विकेटकीपिंग से प्रभावित नहीं कर सके

खास बातें

  • पंत ने विकेटकीपिंग में किया बेहद खराब प्रदर्शन
  • मोहाली में हैंड्सकोंब और टर्नर को दिया जीवनदान
  • दो वनडे में बैटिंग में भी बड़ी पारी नहीं खेल सके

Rishabh Pant: ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ (India vs Australia) वनडे सीरीज (ODI Series)खत्‍म होने के बाद हर किसी भी निगाह इंग्‍लैंड में होने वाले वर्ल्‍डकप 2019 (World Cup 2019) के लिए भारतीय टीम (Team india)पर टिकी है. क्रिकेट के इस 'महाकुंभ' के लिए भारतीय टीम की घोषणा अगले माह होगी. क्रिकेटप्रेमियों की उत्‍सुकता इस बात को लेकर है कि कौन से 15 खिलाड़ी वर्ल्‍डकप की भारतीय टीम में स्‍थान बनाने में सफल होते हैं. ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के शुरू होने से पहले विकेटकीपर बल्‍लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant), हरफनमौला विजय शंकर (Vijay Shankar), प्रतिभावान केएल राहुल (KL Rahul)के अलावा रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) को भी टीम में स्‍थान बनाने का दावेदार माना जा रहा था. बाएं हाथ के विस्‍फोटक बल्‍लेबाज होने के कारण पंत की दावेदारी को मजबूत माना जा रहा था. कई क्रिकेट समीक्षकों ने माना था कि बाएं हाथ के बल्‍लेबाज होने के कारण पंत भारतीय बल्‍लेबाजी में विविधता लेकर आएंगे. सुरेश रैना और युवराज सिंह के 'इस रेस' से बाहर होने के बाद शिखर धवन और पंत ही फिलहाल बाएं हाथ के बल्‍लेबाज के रूप में उपलब्‍ध हैं. हालांकि रवींद्र जडेजा (और कुलदीप यादव) भी बाएं हाथ से बैटिंग करते हैं लेकिन वे निचले क्रम पर खेलते हैं.  ऐसा लगता है कि पंत का वर्ल्‍डकप के लिए टिकट खतरे में हैं. विकेटकीपिंग हो या बैटिंग, दोनों में पंत अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए. ऐसे में इस बात की पंत के चयन की संभावना बेहद कम है. ये कारण बने पंत के चयर की राह में मुश्किल...

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विकेट के पीछे ढीले नजर आए ऋषभ पंत
विकेट के पीछे ऋषभ पंत (Rishabh Pant) बेहद ढीले नजर आए. उन्‍होंने अहम मौकों पर न केवल कैच ड्रॉप किए बल्कि बॉय के रूप में रन भी दिए. मोहाली में हुए चौथे वनडे मैच में पंत ने ऑस्‍ट्रेलिया के तूफानी बल्‍लेबाज एश्‍टन टर्नर की आसान स्‍टंपिंग मिस कर दी. टर्नर उस समय 38 रन पर थे. बाद में टर्नर ने 43 गेंद पर नाबाद 84 रन (पांच चौके और छह छक्‍के) की पारी खेलकर भारत को हार के लिए मजबूर कर दिया. इसी मैच में पंत ने पीटर हैंड्स्कोम्ब की स्‍टंपिंग भी छोड़ी थी. हैंड्सकोंब ने मोहाली में 117 रन की पारी खेली थी. इसी मैच में पंत ने धोनी की देखादेखी बिन देखे रन-आउट करने का प्रयास किया लेकिन इस कोशिश में अतिरिक्‍त रन दे बैठे. जाहिर है, विकेटकीपिंग में पंत को अभी सुधार करना है. वर्ल्‍डकप जैसे बड़े टूर्नामेंट में विकेट के पीछे कोई भी गलती बहुत भारी पड़ सकती है. इससे पहले इंग्‍लैंड के खिलाफ टेस्‍ट सीरीज के दौरान भी पंत को विकेटकीपिंग के कारण आलोचना का शिकार बनना पड़ा था. पूर्व विकेटकीपरों की राय में पंत को अपनी विकेटकीपिंग की तकनीक में सुधार करना होगा.

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बल्‍ले से भी नहीं दिखा पाए कमाल
पंत (Rishabh Pant) आक्रामक अंदाज में बल्‍लेबाजी करते हैं. उनके बारे में कहा जाता है कि वे अपनी धुआंधार बल्‍लेबाजी से किसी भी मैच का रुख पलट सकते हैं. गेंद पर निर्ममता से प्रहार करके वे बड़े-बड़े छक्‍के लगाते हैं लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज में वे बल्‍लेबाजी में भी निराश करते रहे. सीरीज के दो टी20 मैचों में उन्‍होंने चार रन बनाए, इसमें तीन रन उच्‍च स्‍कोर रहा. उनके मुकाबले केएल राहुल ने दो टी20 मैचों में एक अर्धशतक के साथ 97 रन बनाए. पंत को वनडे सीरीज में आखिरी के दो मैच खेलने का मौका मिला जिसमें वे 52 रन ही बना पाए. उनके पास बड़ी पारी खेलकर सिलेक्‍टर्स को लुभाने का मौका था जो उन्‍होंने गंवा दिया.

परिस्थिति के मुताबिक बैटिंग की क्षमता नहीं दिखाई
दिल्‍ली वनडे मैच में पंत (Rishabh Pant) चौथे क्रम पर बैटिंग के लिए आए. इस समय भारतीय टीम के दो विकेट गिर चुके थे, शिखर धवन और कप्‍तान कोहली पवेलियन लौट चुके थे. ऐसे समय पंत के लिए जरूरत रोहित शर्मा के साथ बड़ी साझेदारी करने की थी लेकिन उन्‍होंने जरूरत से ज्‍यादा आक्रामक होने का खामियाजा भुगता. उन्‍होंने विकेट पर सेट होने और सिंगल-डबल लेकर स्‍ट्राइक रोटेट करने के बजाय शुरुआत में ही स्‍ट्रोक्‍स खेले. हालांकि उन्‍होंने एडम जंपा को छक्‍का लगाया लेकिन स्पिनर नाथन लायन के जाल में फंसकर स्लिप में कैच आउट हो गए. पंत को अभी टी20 के लिहाज से भले ही अच्‍छा बल्‍लेबाज माना जाए लेकिन वनडे के लिहाज से उन्‍हें आक्रामक रुख पर पर कुछ अंकुश लगाना भी सीखना होगा. उन्‍हें टीम की जरूरत के मुताबिक विकेट पर रुककर बड़ी पारी खेलने की क्षमता भी विकसित करनी होगी.

वैसे भी वर्ल्‍डकप (World Cup 2019) की भारतीय टीम के लिहाज से विराट कोहली, शिखर धवन, रोहित शर्मा, एमएस धोनी, केदार जाधव, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, भुवनेश्‍वर कुमार, मोहम्‍मद शमी, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल का चयन तय है. मशक्‍कत शेष चार स्‍थानों को लेकर है, इसके लिए अंबाती रायडू, रवींद्र जडेजा, केएल राहुल, विजय शंकर, ऋषभ पंत के अलावा अजिंक्‍य रहाणे और दिनेश कार्तिक को भी दावेदार माना जा रहा है. पंत के साथ 'प्‍लस' उनका बाएं हाथ को बल्‍लेबाज होना है लेकिन विजय शंकर ने हरफनमौला प्रदर्शन से अपना दावा मजबूत किया है. यह देखना दिलचस्‍प होगा कि इन चार स्‍थानों के लिए आखिरकार बाजी किसके हाथ लगती है. .

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