NDTV Khabar

Teachers Day: सचिन तेंदुलकर ने बताया, आचरेकर सर की उस डांट ने बदल दी मेरी जिंदगी

शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के मौके पर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपने कोच रमाकांत आचरेकर को नमन किया है. सचिन ने इस अवसर ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर उस घटना को याद किया है जिसने उनकी जिंदगी को बदलकर रख दिया.

91 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
Teachers Day: सचिन तेंदुलकर ने बताया, आचरेकर सर की उस डांट ने बदल दी मेरी जिंदगी

सचिन तेंदुलकर ने शिक्षक दिवस पर अपने जीवन से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. अपने कोच रमाकांत अचरेकर के दिए योगदान को याद किया
  2. कहा-सर बोले थे, दूसरों के लिए ताली बजाने की जरूरत नहीं
  3. ऐसा कुछ हासिल करो कि लोग तुम्‍हारे लिए ताली बजाएं
नई दिल्‍ली: टीचर्स डे पर टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग ने अपने जीवन में टीचर के योगदान की अहमियत बताते हुए उन्‍हें नमन किया है. सचिन ने इस अवसर ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर उस घटना को याद किया है जिसने उनकी जिंदगी को बदलकर रख दिया. उन्होंने लिखा, 'Happy #TeachersDay! आपने जो सिखाया, वो हमेशा मेरे काम आया. आपके साथ उस वाकये को साझा कर रहा हूं, जिसने मेरी जिंदगी बदल दी.'

यह भी पढ़ें :गेंदबाज़, जिसने सचिन को सिर्फ एक गेंद फेंकी और इसी पर कर दिया था आउट

शिक्षक दिवस पर पोस्‍ट किए गए इस ट्वीट में सचिन कहते हैं- यह मेरे स्कूल के दिनों के दौरान एक आश्चर्यजनक अनुभव था. मैं अपने स्कूल (शारदाश्रम विद्यामंदिर स्कूल) की जूनियर टीम से खेल रहा था और हमारी सीनियर टीम वानखेडे स्टेडियम (मुंबई) में हैरिस शील्ड का फाइनल खेल रही थी. सचिन ने बताया कि उसी दिन कोच रमाकांत आचरेकर सर ने मेरे लिए एक प्रैक्टिस मैच का आयोजन किया था. उन्होंने मुझसे स्कूल के बाद वहां जाने के लिए कहा. उन्होंने कहा, 'मैंने उस टीम के कप्तान से बात की है, तुम्हें चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करनी है और फील्डिंग की कोई जरूरत नहीं है.' सचिन ने बताया कि मैं उस प्रैक्टिस मैच को खेलने नहीं गया और वानखेडे स्टेडियम जा पहुंचा. मैं वहां अपने स्कूल की सीनियर टीम को चियर कर रहा था. मैं मैच का आनंद ले रहा था. खेल के बाद मैंने आचरेकर सर को देखा, मैंने उन्हें नमस्ते किया. अचानक सर ने मुझसे पूछा, 'आज तुमने कितने रन बनाए? '

यह भी पढ़ें : सहवाग ने स्विस स्टार रोजर फेडरर का 'अनोखा' फोटो शेयर किया

सचिन ने बताया कि मैंने जवाब में कहा-सर,  मैं सीनियर टीम को चीयर करने के लिए यहां आया हूं. यह सुनते ही, मेरे सर ने सबके सामने मुझे डांटा. उन्होंने (आचरेकर सर ने ) कहा था , 'दूसरों के लिए ताली बजाने की जरूरत नहीं है. तुम अपने क्रिकेट पर ध्यान दो. ऐसा कुछ हासिल करो कि दूसरे तुम्हारे लिए ताली बजाएं.' मेरे लिए यह बहुत बड़ा सबक था, इसके बाद मैं कभी भी मैच नहीं छोड़ा.टीम इंडिया के धमाकेदार बल्‍लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी एक ट्वीट करके जिंदगी में शिक्षक के महत्‍व को बताया है. उन्‍होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'सर्वश्रेष्‍ठ शिक्षक आपको दिल की गहराई से शिक्षा देता है. केवल किताब से नहीं.' उन्‍होंने आगे लिखा, उन सभी लोगों का बहुत-बहुत आभारी हूं जिन्‍होंने जिंदगी में मुझे कुछ सिखाया. गौरतलब है कि देश के दूसरे राष्‍ट्रपति डॉ. सर्वपल्‍ली राधाकृष्‍णन का जन्‍मदिन (5 सितंबर) देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है.

वीडियो : 'सचिन ए बिलियन ड्रीम्‍स ' का रिव्‍यू


गौरतलब है कि विस्‍फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अक्सर अपने ट्वीट्स को लेकर चर्चाओं में रहते हैं. क्रिकेट से लेकर ओलिंपिक तक खेल से जुड़े हर विषय पर उनके ट्वीट लोग चटखारों के साथ पढ़ते हैं.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement