यह ख़बर 20 मार्च, 2012 को प्रकाशित हुई थी

सईद के गेंदबाजी एक्शन से भारतीय क्रिकेटर चिंतित!

सईद के गेंदबाजी एक्शन से भारतीय क्रिकेटर चिंतित!

खास बातें

  • भारत के सीनियर खिलाड़ियों ने रिपोर्टों के अनुसार उनकी गेंदों के वैधता पर सवाल उठाये, हालांकि आईसीसी ने इस पाकिस्तानी गेंदबाज का बचाव करते हुए कहा कि उसका एक्शन ‘निर्धारित सीमा के भीतर’ है।
मीरपुर:

ऑफ स्पिनर सईद अजमल के गेंदबाजी एक्शन पर सोमवार को एक नया विवाद खड़ा हो गया। भारत के सीनियर खिलाड़ियों ने रिपोर्टों के अनुसार उनकी गेंदों के वैधता पर सवाल उठाये, हालांकि आईसीसी ने इस पाकिस्तानी गेंदबाज का बचाव करते हुए कहा कि उसका एक्शन ‘निर्धारित सीमा के भीतर’ है।

इंग्लिश खिलाड़ियों ने दो महीने पर अजमल के एक्शन पर चिंता व्यक्त की थी, अब भारतीयों ने रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप के लीग मैच में जीत दर्ज करने के बाद इस मुद्दे को फिर से उठा दिया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कुछ भारतीय सीनियर खिलाड़ियों ने अजमल के ‘दूसरा’ की वैधता पर सवाल उठाये हैं। अजमल ने भारत के खिलाफ ‘हाई वोल्टेज’ मैच में सचिन तेंदुलकर का विकेट चटकाया था।

बीसीसीआई अधिकारियों ने हालांकि पुष्टि नहीं की कि टीम ने अजमल के एक्शन पर आपत्ति की थी या नहीं। यह भी नहीं पता है कि भारतीय बोर्ड अधिकारिक शिकायत दर्ज करने की योजना बना रहा है या नहीं।

टीवी चैनलों ने भारतीय कोच डंकन फ्लेचर के दृश्य दिखाये थे जिसमें वह ड्रेसिंग रूम में अजमल की ‘दूसरा’ गेंदबाजी एक्शन की नकल उतार रहे थे और खिलाड़ियों से इसकी चर्चा कर रहे थे।

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अजमल के गेंदबाजी एक्शन पर चल रहे विवाद को खत्म करने की मुहिम के तहत कहा कि उसका एक्शन ‘निर्धारित सीमा के भीतर’ है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने कहा, ‘हम वहीं करेंगे जो प्रोटोकाल के अंतर्गत हमें करने की अनुमति होगी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मैच अधिकारी, अंपायर किसी भी गेंदबाज को उसके संदिग्ध एक्शन के लिये बुला सकते हैं।’ लोर्गट ने कहा, ‘सईद अजमल के मामले में, हमने उसका परीक्षण कर लिया है। वह निर्धारित सीमा के भीतर ही गेंदबाजी करता है। इसलिये कोई मुद्दा नहीं है।’ पूर्व पाकिस्तानी कप्तान रमीज राजा को अजमल के एक्शन में कुछ भी गलत नहीं लगता।

उन्होंने कहा, ‘नियम ऑफ स्पिनरों के खिलाफ हैं जिससे गेंदबाजों को खुद को बनाए रखने के लिए खुद को उभारना पड़ता है। मुझे लगता है कि उसकी गेंदबाजी में कोई समस्या नहीं है। यह बिलकुल ठीक है। वह मुथैया मुरलीधरन की तरह दूसरा गेंदबाजी नहीं करता। यह 50-50 है। यह गेंदबाजी 50 प्रतिशत हथेली और 50 प्रतिशत कलाई से होती है।’