जानिए, 'सर' रवींद्र जडेजा से मिलने वाली चुनौती के बारे में अक्षर पटेल ने क्या कहा

जानिए, 'सर' रवींद्र जडेजा से मिलने वाली चुनौती के बारे में अक्षर पटेल ने क्या कहा

स्पिनर अक्षर पटेल (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम इंडिया में चुने गए स्पिनर अक्षर पटेल चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वे रवींद्र जडेजा से मिलनी वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंतित नहीं हैं और अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान लगा रहे हैं। जाहिर है ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए बाएं हाथ के स्पिनर जडेजा भी टीम में हैं। ऐसे में प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए पटेल को उनसे चुनौती मिलेगी।

फॉर्म में चल रहे अक्षर पटेल ने हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी में गुजरात की पहली खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने नौ मैचों में 14.63 की औसत से 19 विकेट लिए।

अब कैप्टन कूल एमएस धोनी के सामने दूसरे स्पिनर के रूप में अक्षर और रवींद्र जडेजा में से किसी एक को चुनना होगा। दोनों ही गेंदबाज इन दिनों फॉर्म में हैं, ऐसे में पांच वनडे मैचों की सीरीज में आर अश्विन के साथ दूसरे स्पिनर के रूप में जडेजा पर अक्षर को तरजीह देना मुश्किल होगा। जडेजा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन करके टीम में वापसी की है।

हमेशा कड़ी प्रतिस्पर्धा रहेगी
पटेल ने कहा, ‘‘भारत के लिए खेलते समय हमेशा कड़ी प्रतिस्पर्धा रहेगी, लेकिन इससे खिलाड़ियों के साथ मेरे तालमेल पर असर नहीं पड़ा है। जड्डू भाई ने भी वापसी की है। लिहाजा टीम में बाएं हाथ के स्पिनर के लिए प्रतिस्पर्धा होगी। लेकिन यह चलता है। यह अच्छी बात है कि वह सभी प्रारूपों में लौटे हैं। हम दोनों गुजरात से हैं और एक-दूसरे के साथ का मजा लेते हैं।’’ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टी-20 मैचों के लिए चयनकर्ता अलग-अलग खिलाड़ियों को आजमा रहे हैं और पटेल को दुख है कि वह टी-20 टीम में जगह नहीं बना सके।

उन्होंने कहा, ‘‘यह निराशाजनक है। टी-20 विश्व कप करीब है और ऑस्ट्रेलिया में तीन मैच खेलना अच्छा होता। लेकिन मेरा मानना है कि वनडे या घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने पर मैं टी-20 टीम में वापसी कर सकता हूं। अभी टी-20 विश्व कप में समय है।’’

बॉलिंग स्टाइल में नहीं करेंगे बदलाव
सुनील गावस्कर द्वारा की गई आलोचना को लेकर पटेल ने कहा कि वह अपनी स्टाइल में बदलाव नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘रफ्तार में विविधता के साथ सपाट गेंदबाजी मेरी ताकत है, जिससे बल्लेबाजों को परेशान करने में कामयाब रहा हूं। शैली में बदलाव करने पर मैं उतना प्रभावी नहीं रहूंगा। मैंने अपनी गेंदबाजी पर काफी मेहनत की है, लेकिन मैं इसी तरह की गेंदबाजी में सहज हूं। यदि इसी शैली से डेनियल विटोरी इतने कामयाब हो सकते हैं तो मैं क्यों नहीं।’’

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पटेल ने अपनी बल्लेबाजी पर भी मेहनत की है और विजय हजारे ट्रॉफी में 220 रन बनाए।

यह पूछने पर कि क्या ऑस्ट्रेलिया का उनका अनुभव दूसरी बार काम आएगा, तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह काम आएगा। मैंने त्रिकोणीय सीरीज खेली और विश्व कप टीम का भी हिस्सा रहा, लिहाजा मुझे पता है कि गेंद कहां डालनी है और हालात कैसे होंगे। मेरे कद से भी मुझे ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर अतिरिक्त उछाल हासिल करने में मदद मिलती है।’’