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अगर वसीम अकरम, इंजमाम-उल-हक को सख्‍त सजा दी जाती तो स्‍पॉट फिक्सिंग होती ही नहीं : अब्‍दुल कादिर

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अगर वसीम अकरम, इंजमाम-उल-हक को सख्‍त सजा दी जाती तो स्‍पॉट फिक्सिंग होती ही नहीं : अब्‍दुल कादिर
नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान के दिग्‍गज लेग स्पिनर रहे अब्‍दुल कादिर ने क्रिकेट के प्रशंसकों को यह कह कर हैरान कर दिया है कि पूर्व खिलाड़ी वसीम अकरम, इंजमाम-उल-हक और मुश्‍ताक अहमद वह अन्‍य खिलाड़ी मैच फिक्सिंग में लिप्‍त थे और अगर उन्‍हें 'फांसी' दे दी जाती तो पाकिस्‍तान में स्‍पॉट फिक्सिंग का खतरा होता ही नहीं. पाकिस्तानी क्रिकेट इन दिनों मैच फिक्सिंग के साये में है. पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान सामने आया स्पॉट फिक्सिंग विवाद बढ़ता जा रहा है. अब तक पांच खिलाड़ियों को संदेह के घेरे में निलंबित किया जा चुका है. एक टीवी शो में बोलते हुए कादिर ने दावा किया कि अकरम, इंजमाम और मुश्‍ताक ज्‍यादा बड़े दोषी हैं. द एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून ने कादिर के हवाले से लिखा, 'क्‍या आपने वसिम अकरम, इंजमाम-उल-हक, मुश्‍ताक अहमद को फांसी पर लटकाया - एक लंबी लिस्‍ट है, अगर उस वक्‍त उन्‍हें सबक सिखा दिया जाता तो आज जो हो रहा है वो शायद नहीं होता.' कादिर ने वर्ष 2000 में मैच फिक्सिंग में फंसे दो खिलाड़ियों अताउर रहमान और सलीम मलिक की ओर इशारा करते हुए कहा कि वो दोनों तो महज बलि का बकरा थे. उन्‍होंने ने यह भी कहा कि आखिर क्‍यों मैच फिक्सिंग पर जस्टिस मलिक मुहम्‍मद कयूम की रिपोर्ट को लागू नहीं किया गया.

इस मामले पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी प्रतिक्रिया दी है. दिग्गज बल्लेबाज शाहिद अफरीदी और मोहम्मद हफीज ने पीसीबी से मांग की है कि इस मामले की गहरी जांच होनी चाहिए और दोषी खिलाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. इतना ही नहीं, दोनों का कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा देकर क्रिकेट से बाहर कर देना चाहिए. शाहिद अफरीदी ने पूर्व में सामने आए मामलों को लेकर बोर्ड की ओर से लापरवाही बरते जाने का संकेत देते हुए कहा कि हमने पहले के खिलाड़ियों को एक समय के बाद राहत देकर अच्छा नहीं किया. अफरीदी ने मैच फिक्सिंग के दोषी रहे मोहम्मद आमिर आदि की वापसी का भी विरोध किया था.

पाकिस्‍तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पिछले दिनों ही करीब सात फुट लंबे तेज गेंदबाज मोहम्‍मद इरफान को पाकिस्‍तान क्रिकेट लीग (पीएसएल) से जुड़े स्‍पॉट फिक्सिंग मामले में निलंबित (सस्‍पेंड) किया था. मोहम्‍मद इरफान से पहले शारजील खान, खालिद लतीफ और नासिर जमशेद को भी यह सजा दी गई थी. पीसीबी  की भ्रष्टाचार रोधी इकाई ने पाकिस्तान के तीन खिलाड़ियों मोहम्मद इरफान, जुल्फिकार बाबर और शाहजेब हसन से भी पाकिस्तान सुपर लीग में कथित भ्रष्टाचार के आरोप में पूछताछ की थी. हालांकि, जुल्फिकार बाबर और शाहजेब हसन को गलत नहीं पाया गया है. गौरतलब है कि शारजील, खालिद और इरफान तीनों पीएसएल में इस्लामाबाद यूनाइटेड टीम की ओर से खेलते हैं, जिसके कप्तान मिस्बाह उल हक हैं. इस्लामाबाद टीम प्रबंधन ने इस प्रकरण के सामने आने के बाद इरफान को दूसरे मैच में नहीं खिलाया था  जबकि वह टीम की ओर से पहले मैच में खेले थे. पीसीबी ने एक बयान जारी कर कहा है, "पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुक्रवार को शाहजेब को नोटिस दिया है और साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से क्रिकेट के सभी प्रारूपों में हिस्सा लेने से निलंबित कर दिया है." शाहजेब ने राष्ट्रीय टीम के लिए तीन एकदिवसीय, और 10 टी-20 मैच खेले हैं. बयान के मुताबिक, "पीसीबी की भ्रष्टाचार रोधी संस्था की जांच जारी रहेगी."


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