West Indies Tour: कप्‍तान के रूप में विराट कोहली के स्‍वाभाविक चयन पर सुनील गावस्‍कर ने उठाए सवाल..

West Indies Tour: कप्‍तान के रूप में विराट कोहली के स्‍वाभाविक चयन पर सुनील गावस्‍कर ने उठाए सवाल..

गवास्कर ने कोहली की बतौर कप्तान चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल

खास बातें

  • वर्ल्डकप के साथ ही कोहली का बतौर कप्तान कार्यकाल पूरा हो गया था
  • बिना किसी चयन प्रक्रिया के ही उन्हें फिर से कप्तान नियुक्त कर दिया गया
  • कहा- इसके लिए बैठक होनी चाहिए थी. चाहे पांच मिनट के लिए ही होती
नई दिल्ली:

भारत के महान ओपनर रहे सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने वर्ल्डकप (World Cup 2019) सेमीफाइनल में भारत (India Cricket team) की हार के बावजूद विराट कोहली (Virat Kohli) को स्वाभाविक तौर पर कप्तान बनाए रखे जाने के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. गावस्कर मानते हैं कि कोहली को दोबारा कप्तानी सौंपे जाने से पहले आधिकारिक बैठक होनी चाहिए थी. मिड-डे में प्रकाशित अपने लेख में गावस्कर ने लिखा, 'अगर उन्होंने (चयनकर्ताओं ने) वेस्टइंडीज (West Indies Cricket team) दौरे के लिए कप्तान का चयन बिना किसी मीटिंग के लिए कर लिया तो यह सवाल उठता है कि क्या कोहली अपनी बदौलत टीम के कप्तान हैं या फिर चयन समिति की खुशी के कारण हैं.' गावस्कर ने लिखा, 'हमारी जानकारी के मुताबिक उनकी (कोहली) नियुक्ति वर्ल्डकप तक के लिए ही थी. इसके बाद चयनकर्ताओं को इस मसले पर मीटिंग बुलानी चाहिए थी. यह अलग बात है कि यह मीटिंग पांच मिनट ही चलती लेकिन ऐसा होना चाहिए था.'

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गौरतलब है कि एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली अखिल भारतीय चयन समिति ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए विराट कोहली को तीनो फॉर्मेट का कप्तान नियुक्त किया है. इस सीरीज की शुरुआत टी-20 मुकाबलों से होगी. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित प्रशासकों की समिति (COA) ने साफ कर दिया है कि वह वर्ल्डकप में टीम के प्रदर्शन पर समीक्षा बैठक नहीं नहीं बुलाएगी लेकिन वह इस वर्ल्डकप में टीम के प्रदर्शन को लेकर टीम मैनेजर की रिपोर्ट पर विचार करेगी. गावस्कर ने पूरे मामले का मखौल उड़ाते हुए लिखा कि आखिरकार कोहली क्यों अपने मनमाफिक टीम चुनने का हक पाते रहे हैं.

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गावस्कर ने लिखा, 'चयन समिति में बैठे लोग कठपुतली हैं. पुनर्नियुक्ति के बाद कोहली को मीटिंग में टीम को लेकर अपने विचार रखने के लिए बुलाया गया. प्रक्रिया को बाईपास करने से यह संदेश गया कि केदार जाधव (Kedar Jadhav), दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) को खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर किया गया जबकि वर्ल्डकप के दौरान और उससे पहले कप्तान ने इन्हीं खिलाड़ियों पर भरोसा जताया था और नतीजा हुआ था कि टीम फाइनल में भी नहीं पहुंच सकी.' BCCI के एक धड़े का मानना था कि 2023 वर्ल्डकप के ध्यान में रखते हुए तीनों फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कप्तान बनाया जाना एक अच्छा कदम हो सकता था और इससे आने वाले समय में टीम को फायदा होता.

वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारतीय टीम की घोषणा की गई.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 
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