गावस्कर का यह अनचाहा रिकॉर्ड आज भी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े रहस्यों में से एक

यह रिकॉर्ड साल 1975 में इंग्लैंड में खेले गए पहले वर्ल्ड कप में 7 जून को इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया मुकाबला था, जिसे इंग्लैंड ने 202 रन से जीता था. तब मैच 60 ओवर के होते थे और इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करते हुए 4 विकेट पर 334 रन बनाए थे. और इसके बाद सुनील गावस्कर का वह रूप देखने को मिला, जिसने सभी को हैरान कर दिया

गावस्कर का यह अनचाहा रिकॉर्ड आज भी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े रहस्यों में से एक

सुनील गावस्कर की फाइल फोटो

नई दिल्ली:

कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं, जिन्हें कोई नहीं बनाना चाहता. ऐसे रिकॉर्ड जो व्यक्ति विशेष का ताउम्र पीछा करते रहते हैं. इनमें से भी कुछ ऐसे होते हैं, जो रहस्य का पर्दा ओढ़े रहते हैं, जो हमेशा एक पहेली बने रहे हैं. जिनके बारे में चर्चा होती है, सवाल-जवाब होते हैं, लेकिन कभी जवाब नहीं मिल पाता. ऐसा ही एक ऐसा अनचाहा रिकॉर्ड महान सुनील गावस्कर के नाम पर है. खूब सवाल-जवाब हुए, जांच भी हुई, लेकिन इस अनचाहे रिकॉर्ड का आज तक सही जवाब नहीं मिला और आगे भी मिलने की कोई उम्मीद नहीं है. 

यह रिकॉर्ड साल 1975 में इंग्लैंड में खेले गए पहले वर्ल्ड कप में 7 जून को इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया मुकाबला था, जिसे इंग्लैंड ने 202 रन से जीता था. तब मैच 60 ओवर के होते थे और इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करते हुए 4 विकेट पर 334 रन बनाए थे. 

जवाब में भारत 60 ओवरों में 3 विकेट पर 132 रन ही बना सका और उसे 202 रनों के भारी अंतर से बहुत ही शर्मनाक हार झेलनी पड़ी. गावस्कर ने एकनाथ सोल्कर के साथ पारी की शुरुआत की और वह आखिर तक आउट नहीं हुए. गावस्कर ने 174 गेंदों पर बिना  आउट हुए 36 रन बनाए. और गावस्कर इतनी धीमी बल्लेबाजी करना रहस्य बन गया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया. कप्तान वेंकटराघवन ने पारी के दौरान कई बार 12वें खिलाड़ी के जरिए निर्देश गावस्कर को भिजवाए, लेकिन सनी ने अपने ही अंदाज में बैटिंग करना जारी रखा. उन्होंने ऐसा क्यों किया, क्यों निर्देश नहीं माने,उनके दिल में क्या था, ये सिर्फ और सिर्फ गावस्कर को ही पता है. 

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