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...इसलिए महेंद्र सिंह धोनी के 'किसी उत्तराधिकारी' को नहीं मिला दक्षिण अफ्रीका दौरे का टिकट

दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए शनिवार को 17 सदस्यीय वनडे टीम का ऐलान हो गया. करोड़ों भारतीय क्रिकेटप्रेमी उम्मीद कर रहे थे कि पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 'उत्तराधिकारियों' में से किसी एक को जरूर जगह मिलेगी

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...इसलिए महेंद्र सिंह धोनी के 'किसी उत्तराधिकारी' को नहीं मिला दक्षिण अफ्रीका दौरे का टिकट

ऋषभ पंत (सबसे पहले) और संजू सैमसन (दाएं) के साथ राहुल द्रविड़ (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. दक्षिण अफ्रीकी दौरे में न ऋषभ पंत न ही संजू सैमसन
  2. बहुत ही तेजी से राष्ट्रीय क्रिकेट में उभरे हैं दोनों
  3. आईपीएल व घरेलू क्रिकेट में किया शानदार प्रदर्शन
नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए शनिवार को 17 सदस्यीय वनडे टीम का ऐलान हो गया. करोड़ों भारतीय क्रिकेटप्रेमी उम्मीद कर रहे थे कि पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 'उत्तराधिकारियों' में से किसी एक को जरूर जगह मिलेगी. लेकिन दक्षिण अफ्रीका तो दूर, अब ऐसा लगा रहा है कि इंग्लैंड में साल 2019 में खेले जाने वाला विश्व कप भी इन उत्तराधिकारियों के हाथ से निकल गया है. साफ कर दें कि माही के ये उत्तराधिकारी कहे जा रहे दिल्ली के युवा विकेटकीपर ऋषभ पंत और केरल के संजू सैमसन हैं. 
 

ये दोनों ही हालिया सालों में बहुत ही तेजी से राष्ट्रीय परिदृश्य में उभरकर आए. दोनों ने ही न केवल सेलेक्टरों बल्कि करोड़ों भारतीय क्रिकेटप्रेमियों के दिल में तेजी से जगह बना ली. संजू सैमसन साल 2013 में आईपीएल में 'बेस्ट यंग प्लेयर ऑफ द सीजन' का पुरस्कार जीता, तो पहले ही रणजी ट्रॉफी मैच में संजू ने असम के खिलाफ दोहरा शतक जड़ डाला. कुछ ऐसा ही दिल्ली के ऋषभ पंत ने पिछले रणजी ट्रॉफी मुकाबले में  महाराष्ट्र के खिलाफ308 रन बना डाले थे. ऐसा कर वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे कम उम्र में तिहरा शतक बनाने वाले भारत के तीसरे और दुनिया के चौथे बल्लेबाज बन गए थे. लेकिन इसके बावजूद अब राष्ट्रीय चयनकर्ता 'कुछ और' ही ढूंढ रहे हैं. 

यह भी पढ़ें : दक्षिण अफ्रीकी दौरे के लिए वनडे टीम का ऐलान...मोहम्मद शमी की हुई वापसी

इसमें दो राय नहीं कि इन दोनों ही युवाओं के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव रहा. इस साल ऋषभ पंत उम्मीद पर खरे नहीं उतरे, तो संजू सैमसन के प्रदर्शन में भी निरंतरता गायब हो गई. इस दौरान धोनी ने कुछ ऐसा किया कि शनिवार को चीफ सेलेक्टर एमएसके प्रसाद ने कुछ ऐसा जवाब दिया, जो इन दोनों ही युवा विकेटकीपरों के सामने नई चुनौती खड़ी कर गया.अब इसे संयोग कहें, या कुछ और साल 2013 से अभी तक धोनी ने खेले 29 वनडे मैचों में 60.61 के औसत से रन बनाए हैं, तो वहीं उनका स्ट्राइक रेट 84.73 का रहा है. और शायद यही बात एमएसके प्रसाद को यह करने को मजबूर कर गई,

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'हमने दूसरे विकेटकीपर के तौर पर दावेदारी में चल रहे नामों पर विचार किया, उनका प्रदर्शन हमारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा'.  तो भाई संजू और ऋषभ आपके लिए मैसेज बिल्कुल साफ है. धोनी ने मानक बहुत ऊंचे तय कर दिए हैं. ऐसे में आपको अपने प्रदर्शन का मानक भी और ऊपर उठाना होगा.


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