Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

इस वजह से प्रवीण कुमार ने कहा क्रिकेट को अलविदा

इस वजह से प्रवीण कुमार ने कहा क्रिकेट को अलविदा

प्रवीण कुमार

खास बातें

  • प्रवीण कुमार के 68 मैचों में 77 विकेट, 6 मैचों में 27 विकेट
  • साल 2011 विश्व कप में चोट ने किया था टीम से बाहर
  • साल 2012 में टीम इंडिया के लिए खेला आखिरी मैच
नई दिल्ली:

भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सहित खेल के सभी फॉर्मेटों से संन्यास ले लिया है. 32 साल के प्रवीण ने आखिरी 2012 में टीम इंडिया के लिए मैच खेला था. हालांकि प्रवीण अपने नियोक्ता ओएनजीसी के लिए खेलना जारी रखेंगे. प्रवीण कुमार अब अब आगे क्रिकेट कोचिंग में अपना करियर आगे बढ़ाएंगे

बता दें कि पाकिस्तान के खिलाफ साल 2007 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज करने वाले प्रवीण कुमार ने भारत के लिए 84 वनडे और 6 टेस्ट मैच खेलेग. जहां, वनडे मैचों में प्रवीण ने 84 विकेट लिए, तो वहीं छह टेस्ट में उन्होंने 27 विकेट लिए. साल 2011 में इंग्लैंड दौरे में भारत की 4-0 से हार में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन उसके बाद नियमित अंतराल पर लगी चोटों और फिटनेस के चलते प्रवीण को फिर से भारत के लिए मौका नहीं मिल सका.  

यह भी पढ़ें: IND vs AUS: उस्‍मान ख्‍वाजा के घुटने की चोट, भारत के खिलाफ सीरीज में खेलना संदिग्‍ध..​

प्रवीण ने कई यादगार प्रदर्शन किए. इनमें साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यादगार सीबी सीरीज के दूसरे फाइनल में उनका चार विकेट चटकाना रहा और वह इस मुकाबले में मैन ऑफ द मैच रहे थे. प्रवीण ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला मार्च 2012 में खेला था, जो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक टी-20मैच था. हालांकि, प्रवीण ने अपने राज्य उत्तर प्रदेश के लिए क्रिकेट खेलना जारी रखा. प्रवीण ने प्रथण श्रेणी करियर का आगाज साल 2005-06 में किया था. और इसी प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टीम में जगह दिलाई थी. प्रवीण ने कहा कि मैंने क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया और यह कोई जल्दबाजी का फैसला नहीं है. मैं सोचता हूं कि यही खेल को अलविदा कहने का सबसे सही समय है. 

VIDEO: राजकोट में भारत ने विंडीज पर रिकॉर्ड जीत दर्ज की. 

प्रवीण ने कहा कि मुझे कोई दुख नहीं है. दिल से खेला और दिल से ही गेंदबाजी की. यूपी में कई अच्छे गेंदबाज अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. और मैं उनके करियर को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता. अगर मैं खेलूंगा, तो एक जगह जाएगी. दूसरे साथी खिलाड़ियों के करियर के भविष्य के बारे में भी सोचना अहम है