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इस वजह से अब सौरव गांगुली ही नहीं, अमित शाह का भी पत्ता साफ होना तय !

वैसे दिग्गज और भी हैं. ये परेशान हैं, लेकिन इनके सामने बचने का कोई रास्ता नहीं दिखाई पड़ रहा

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इस वजह से अब सौरव गांगुली ही नहीं, अमित शाह का भी पत्ता साफ होना तय !

सौरव गांगुली

खास बातें

  1. यह नियम नहीं आसां...!
  2. जिन्होंने कहना नहीं माना, वे भी नहीं बचेंगे
  3. जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होगी रिपोर्ट
नई दिल्ली:

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष भले ही राजनीति की पिच पर एक के बाद एक जीत हासिल कर रहे हों, लेकिन क्रिकेट प्रशासन की पिच पर उनका बोल्ड होना एकदम तय नजर आ रहा है! और कुछ ऐसा ही सौरव गांगुली सहित कुछ और दिग्गजों के बारे में कहा जा सकता है. ध्यान दिला दें कि अमित शाह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) के अध्यक्ष हैं, तो पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के अध्यक्ष हैं. इन सभी के ऊपर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त क्रिकेट प्रशासकीय कमेटी (सीओए) की तलवार मंडरा रही है. 
 

सूत्रों की मानें तो सीओए इस बारे में पूरा मन बना चुकी है. और उसने 27 फरवरी को मुंबई में हुई बैठक में इस बारे में निर्णय ले लिया है. बस इस फैसले पर आधिकारिक मुहर लगनी और ऐलान होना बाकी है. दो सदस्य पैनल के अध्यक्ष विनोद राय जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेंगे. इस रिपोर्ट के जरिए वह सर्वोच्च अदालत को इन तमाम दिग्गजों को हटाने के बारे में जानकारी देंगे. 

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बाकी लोगों में बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना, कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी शामिल हैं. इसके अलावा अमित शाह के बेटे जयदेव शाह भी हैं, जो जीसीए के सचिव हैं. इसके अलावा उन एसोसिएशनों के अधिकारियों पर भी गाज गिरनी तय है, जिन्होंने लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू नहीं किया है. बहरहाल सौरव गांगुली, अमित शाह और बाकी दिग्गजों पर गाज गिरने का अलग ही कारण है.

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दरअसल इन दिग्गजों का कूलिंग पीरियड (एक बार में तीन साल से ज्यादा का कार्यकाल नहीं) खत्म होने को है. और यही नियम इनके कार्यकाल के विस्तार में आड़े आ रहा है. यह लोढ़ा कमेटी की एक प्रमुख सिफारिश थी. यह वह शर्त है, जिसको लेकर बहुत लोगों में रोष है. बहरहाल अब इनके पास जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है 


 


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