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IND vs SL: 'इसलिए' कोटला की पिच पर ज्यादा घास चाहते हैं विराट कोहली!

करोड़ों भारतीय क्रिकेटप्रेमियों की निगाहें शनिवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट मैच पर लगी हुई हैं, लेकिन विराट कोहली के दिमाग में इसके अलावा और भी कुछ बड़ा चल रहा है.

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IND vs SL: 'इसलिए' कोटला की पिच पर ज्यादा घास चाहते हैं विराट कोहली!

विराट कोहली (भारतीय कप्तान, फाइल फोटो)

खास बातें

  1. श्रीलंका बहाना, दक्षिण अफ्रीका पर निशाना!
  2. कोटला की घास से अफ्रीकियों को मात देगा भारत?
  3. क्या ईडन का प्रदर्शन दोहरा पाएंगे सीमर?
नई दिल्ली: फिरोजशाह कोटला मैदान पर शनिवार से शुरू हो रहे तीसरे और आखिरी टेस्ट के लिए मेहमान श्रीलंका और भारत, दोनों ही टीमें तैयार हैं. मैच की पूर्व संध्या पर विराट कोहली एंड कंपनी और श्रीलंका के खिलाड़ियों ने जमकर पसीना बहाया है.  मेहमान टीम भी जहां यह आखिरी टेस्ट जीतकर सीरीज को बराबर कराना चाहता है, तो वहीं विराट कोहली अपनी ओर से स्कोर को 2-0 एक करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. कोहली अपने घरेलू मैदान पर भी ईडन गार्डन जैसी ही रणनीति अमल में लाने की योजना बना रहे हैं और इसके पीछे बड़ी वजह श्रीलंका नहीं बल्कि कुछ और ही है. मतलब यह कि कोहली की नजरें भले ही कोटला पर लगी हुई हों, लेकिन उनका निशाना कहीं और ही लगा हुआ है. 

अब यह तो आप जानते ही हैं कि कुछ दिन पहले ही कोहली ने बहुत ही टीम इंडिया के बहुत ही कड़े कार्यक्रम को लेकर बीसीसीआई पर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा था. बीसीसीआई ने अपने कप्तान की बात को तहे दिल से स्वीकार भी किया और इसीलिए उन्हें टेस्ट के बाद खेली जाने वाली वन-डे सीरीज से आराम दे दिया गया. वहीं,गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकीय समिति के चेयरमैन विनोद राय ने विराट कोहली, रवि शास्त्री और महेंद्र सिंह धोनी के साथ हुई बैठक में इन तीनों को यह भरोसा दिया कि वह टीम की इस मांग को पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे कि साल में आईसीसी के टूर्नामेंट के अलावा 90 दिन की ही क्रिकेट हो.

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बता दें कि साल 2019-20 से लेकर  22-23 तक के इंटरनेशनल एफटीपी (फ्यूचर टूर प्रोग्राम) के अनुसार भारतीय टीम साल में औसतन 84 दिन क्रिकेट खेलेगी. हालांकि, पिछले साल सितम्बर से लेकर इस साल नवम्बर तक टीम इंडिया 117 दिन क्रिकेट खेल चुकी है. इसमें आईसीसी की चैंपियंस ट्रॉफी शामिल नहीं है. इसी वजह से  जुड़ा है विराट कोहली का फिरोजशाह कोटला की पिच पर ज्यादा घास मांगने का रिश्ता! अब आप कहेंगे कि साल में 117 दिन क्रिकेट खेलने का कोटला की पिच पर ज्यादा घास की मांग के साथ कैसे कनेक्शन हो सकता है. बिल्कुल हो सकता है! दरअसल बात यह है कि श्रीलंका का दौरा खत्म होने और दक्षिण अफ्रीका का दौरा शुरू होने के बीच भारतीय टीम या खिलाड़ियों को सिर्फ दो दिन का ही समय मिल सका है. कोहली इसी बात को लेकर नाराज थे कि दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए टीम को तैयारी के लिए एक एक हफ्ते का भी समय नहीं मिला.

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सूत्रों की मानें, तो कोहली हर उस तरीके का इस्तेमाल करना चाहते थे, जिससे वह इस बात की हर संभव तरीके से भरपाई कर सकें और उनकी टीम दक्षिण अफ्रीका के मुश्किल दौरे के लिए कुछ तो तैयार हो सके. जी हां, दक्षिण अफ्रीका की उछाल भरी पिचों के लिए पर्याप्त तैयारी का समय न मिलते देख कोहली ने क्यूरेटरों को तेज और उछाल भरी पिच तैयार करने के निर्देश दिए. कहीं न कहीं ईडन गार्डन से भी इसका रिश्ता था, तो अब विराट ने फिरोजशाह कोटला के क्यूरेटर को भी पिच पर ज्यादा घास छोड़ने के निर्देश दिया हैं, जिससे न केवल दक्षिण अफ्रीकी दौरे के लिए तेज गेंदबाज पूरी लय में रहें, बल्कि उनके बल्लेबाज को भी उछाल और तेजी के सामने अच्छा अभ्यास मिल जाए. हालांकि, यह भी एक बड़ा सच है कि दक्षिण अफ्रीकी, ऑस्ट्रेलियाई या इंग्लैंड जैसी पिचों की प्रकृति का बहुत ज्यादा रिश्ता मिट्टी, स्थानीय मौसम और अन्य कई बातों से भी होता है. लेकिन बीसीसीआई पिच पर घास और पानी और हल्के रोलर की पूरी सुविधा प्रदान कर अपनी तरफ से विराट को पूरी-पूरी मदद दे रहा है, जिससे टीम इंडिया ज्यादा को दक्षिण अफ्रीकी दौरे के लिए ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके.  

VIDEO: गावस्कर का कोहली के बारे में बहुत बड़ा बयान सुनिए
कुल मिलाकर विराट की हर मांग को माना जा रहा है. ऐसे में अब देखने की बात यह होगी कि क्या फिरोजशाह कोटला में भारतीय तेज गेंदबाज ईडन गार्डन जैसी ही धूम मचाएंगे. इससे भी बड़ा सवाल कि क्या दक्षिण अफ्रीका में इस 'रेडीमेड तैयारी' का फायदा मिलेगा. शक तो बहुत ज्यादा है, लेकिन जवाब के लिए दक्षिण अफ्रीका में खेले जाने वाले पहले टेस्ट तक का इंतजार करना होगा.
 


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