अजहरुद्दीन के इस सुपर रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए सुपरमैन को आना पड़ेगा!

और यहां से अजहरुद्दीन ने वह कारनामा कर डाला और ऐसा लगता है कि इसे तोड़ने के लिए किसी सुपरमैन का आना पड़ेगा!! वजह यह है कि पिछले 36 साल में इस रिकॉर्ड को कोई तोड़ सकता है और आने वाले इतने ही सालों में इसे तोड़ने की उम्मीद कम ही दिखाई पड़ती है!

अजहरुद्दीन के इस सुपर रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए सुपरमैन   को आना पड़ेगा!

अजहरुद्दीन की फाइल फोटो

खास बातें

  • जो अजहर ने किया, वह किसी ने नहीं किया!
  • 35 साल से बरकार, 35 साल भी रहेगा !
  • यह रिकॉर्ड कमाल का है!
नई दिल्ली:

पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन (#Mohammad Azharuddin) इसलिए सौ टेस्ट नहीं खेल सके क्योंकि सौवें टेस्ट से पहले ही 99वें टेस्ट के बाद उनका नाम मैच फिक्सिंग में आ गया. 99वें टेस्ट में उन्होंने शतक बनाया था. मतलब शतक से लेकर शतक तक!! अजहरुद्दीन (#Mohammad Azharuddin) ने साल 1985 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले अपने पहले टेस्ट में शतक से जड़कर करियर का आगाज किया था. और यहां से अजहरुद्दीन ने वह कारनामा कर डाला और ऐसा लगता है कि इसे तोड़ने के लिए किसी सुपरमैन का आना पड़ेगा!! वजह यह है कि पिछले 36 साल में इस रिकॉर्ड को कोई तोड़ सकता है और आने वाले इतने ही सालों में इसे तोड़ने की उम्मीद कम ही दिखाई पड़ती है! दरअसल हुआ यह कि अजहरूद्दीन यहीं ही नहीं रुके और लगातार तीन शतक जड़ डाले. करियर के शुरुआती तीन टेस्ट मैचों में, जो न पहले कभी हुआ था और न ही इसके बाद हुआ. चलिए हम आपको बताते हैं कि अभी तक कितने बल्लेबाजों ने अपने करियर के शुरुआती टेस्ट मैचों में शतक जड़े. 

अजहर ने करियर के पहले टेस्ट में कोलकाता में 110 रन बनाए. इसके बाद चेन्नई में 105 और फिर कानपुर में तीसरे टेस्ट की पहली पारी में 122 रन की पारी खेलकर करियर के शुरुआती तीन टेस्ट में शतक जड़ने वाले बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपनी झोली में डाल लिया, जो अभी तक बरकरार है. 

अजहरुद्दीन के अलावा सात बल्लेबाज ऐसे हैं, जिन्होंने करियर के शुरुआती दोनों टेस्ट मैचों में शतक जड़े. और इन सात बल्लेबाजों में भी दो भारत के हैं. इन बल्लेबाजों में ऑस्ट्रेलिया के बिंल पोंसफोर्ड ने शुरुआती दो टेस्ट मैचों में शतक जड़े. साल 1924 में करियर की पहली ही पारी में उन्होंने शतक बनाया. इंग्लैंड के खिलाफ पहली टेस्ट की पहली पारी में पोंसफोर्ड ने 110 रन, तो दूसरे टेस्ट में 128 रन बनाए. 

वहीं ऑस्ट्रेलिया के डग वॉल्टर्स ने 1965 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में 155 और दूसरे टेस्ट में 115 रन बनाए, तो विंडीज के दिग्गज एल्विन कालीचरण ने साल 1972 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में नाबाद 100 और दूसरे टेस्ट में 115 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर ग्रेग ब्लेवेट एक और ऐसे बल्लेबाज हैं. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में नाबाद 102 और दूसरे टेस्ट में 115 रन बनाए. भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी साल 1996 में यह कारनामा किया. लॉर्ड्स में पहले टेस्ट में सौरव ने 131 और दूसरे टेस्ट में 136 रन बनाए. सौरव के पास अजहर के रिकॉर्ड की बराबरी का अच्छा मौका था, लेकिन तीसरे टेस्ट में वह शतक नहीं बना सके. 

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भारत के ही रोहित शर्मा को करियर के आगाज के कई साल बाद पहला टेस्ट खेलने का मौका मिला. विंडीज के खिलाफ रोहित ने पहले टेस्ट में 177 रन, तो दूसरे टेस्ट में उन्होंने 117 रन बनाए. न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर जिम्मी नीशम एक और बल्लेबाज  रहे, जिन्होंने साल 2014 में रिकॉर्ड बनाया. भारत के खिलाफ पहले ही टेस्ट में उन्होंने 137 और फिर विंडीज के खिलाफ खेले करियर के दूसरे टेस्ट में 107 रन की पारी खेली.

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