...तो सचिन की गोल्डेन हैट्रिक "सुपर से ऊपर रिकॉर्ड" में तब्दील हो जाती, आज है पहले शतक की 30वीं सालगिरह

आज सचिन (Sachin Tendulkar) के इसी पहले अंतरराष्ट्रीय शतक की 30वीं सालगिरह है. सोशल मीडिया पर सचिन ट्रेंड कर रहे हैं और उनके चाहने वाले मास्टर ब्लास्टर को उनके पहले शतक की बधाई दे रहे हैं. सचिन के इसी शतक की चर्चा करते हुए एक बार भारत के पूर्व क्रिकेटर चंदू बोर्डे ने कहा था कि जब सचिन शतक बनाकर पवेेलियन लौटे, तो उन्होंने बोर्ड से पूछा- "सर पारी में कोई खामी दिखाई पड़ी हो, तो बताएं."

...तो सचिन की गोल्डेन हैट्रिक

Sachin Tendulkar मनोज प्रभाकर के साथ (फाइल फोटो)

खास बातें

  • ठीक आज के दिन सचिन ने जड़ा था पहला शतक
  • 14 अगस्त 1990 को इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में नाबाद 119 रन
  • सोशल मीडिया पर बधाई दे रहे हैं चाहने वाले
नई दिल्ली:

साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट करियर का आगाज करने वाले भारतीय दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का सपना अपनी 'गोल्डेन हैट्रिक' के रिकॉर्ड को अगले स्तर पर ले जाने का था, लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हुआ और सचिन (Sachin Tendulkar) का यह सपना सच तो नहीं ही हो सका. साथ ही, इससे अलग सचिन को वह बात हासिल करने में थोड़ा ज्यादा समय लग गया, जो उनके गोल्डेन हैट्रिक के रिकॉर्ड को एक तरह से सुपर-डुपर रिकॉर्ड में तब्दील कर देता. हम आपको सचिन के इस गोल्डेन हैट्रिक और सुपर रिकॉर्ड के बारे में बताएंगे, लेकिन उससे पहले बता दें कि आज 14 अगस्त का दिन मास्टर ब्लास्टर के करियर में एक ऐसा दिन है, जिस दिन उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक जड़ा था. और यह कारनामा सचिन ने इंग्लैंड के खिलाफ साल 1991 में मैनचेस्टर में किया था, जब उन्होंने दूसरी पारी में नाबद 119 रन बनाए थे. और अगर सचिन यही शतक अपने करियर के पहले ही टेस्ट में बना देते, तो मास्टर के खाते में वह रिकॉर्ड होता, जो गोल्डेन हैट्रिक को सुपर-डुपर रिकॉर्ड में बदल देता. 

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बता दें कि सचिन (Sachin Tendulkar) भारतीय क्रिकेट इतिहास के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनके खाते में अपने पहले ही रणजी, दलीप और फिर ईरानी ट्रॉफी के पहले ही मैच में शतक बनाने का रिकॉर्ड है. और इसे ही सचिन के करियर की गोल्डेन हैट्रिक कहा गया!! इसी को लेकर सचिन के करोड़ों चाहने वाले सचिन के साल 1989 में कराची में उनके पहले टेस्ट में शतक की दुआ कर रहे थे. अगर सचिन ऐसा कर देते, तो उनके खाते में यह सुपर-डुपर रिकॉर्ड जमा हो जाता. 

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लेकिन सचिन को इसके लिए 15वीं पारी का इंतजार करना पडा. 14 अगस्त 1990 को मैनचेस्टर में. और आज सचिन के इसी पहले अंतरराष्ट्रीय शतक की 30वीं सालगिरह है. सोशल मीडिया पर सचिन ट्रेंड कर रहे हैं और उनके चाहने वाले मास्टर ब्लास्टर को उनके पहले शतक की बधाई दे रहे हैं. सचिन के इसी शतक की चर्चा करते हुए एक बार भारत के पूर्व क्रिकेटर चंदू बोर्डे ने कहा था कि जब सचिन शतक बनाकर पवेेलियन लौटे, तो उन्होंने बोर्ड से पूछा- "सर पारी में कोई खामी दिखाई पड़ी हो, तो बताएं." चंदू बोर्ड इस टूर में  भारतीय टीम के मैनेजर थे और सचिन के इस सवाल पर चंदू बोर्ड ने मास्टर ब्लास्टर की बैटिंग के साथ ही उनकी विनम्रता के भी कायल हो गए थे. 

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