'इस बड़ी सजा' ने बदल दिया चेतेश्वर पुजारा का 'अंदाज'!

करीब डेढ़ साल पहले चेतेश्वर पुजारा को एक बड़ा झटका लगा था, लेकिन इस दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिसने पुजारा पर लगे 'धब्बे' को हटाने में बहुत ही ज्यादा मदद की

'इस बड़ी सजा' ने बदल दिया चेतेश्वर पुजारा का 'अंदाज'!

चेतेश्वर पुजारा (फाइल फोटो)

खास बातें

  • कुछ ऐसे बदल गया चेतेश्वर का अंदाज
  • टीम मैनेजमेंट ने किया था इलेवन से बाहर
  • ईडन गार्डन की पारी, कई पारियों पर भारी
नई दिल्ली:

ईडन गॉर्डन में श्रीलंका के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट मैच में भारत की पहली पारी में संकट के समय टिककर अर्धशतक बनाने वाले चेतेश्वर पुजारा की बल्लेबाजी की चौतरफा तारीफ हो रही है. लेकिन करीब डेढ़ साल पहले की बात है, जब उन्हें धीमी पारी खेलने के लिए बड़ी सजा दी गई. मगर इस घटना के बाद पिछले सात महीनों के भीतर कुछ ऐसा हुआ, जिसने राहुल द्रविड़ के बाद टीम इंडिया के अगले संकटमोचक करार दिए गए चेतेश्वर पुजारा के अंदाज को पूरी तरह से बदलकर रख दिया. इस बात को खुद पुजारा ने स्वीकार किया.

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चलिए सबसे पहले आपको डेढ़ साल पहले चेतेश्वर पुजारा को मिली बड़ी सजा के बारे में बताते हैं. पिछले साल जुलाई-अगस्त में टीम इंडिया के विंडीज दौरे के दौरान जमैका में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में पुजारा ने खेली 46 रन की पारी के लिए पिच पर 223 मिनट लिए और 159 गेंदें खर्च कीं. इससे भारत को इस मैच में अपनी रणनीति बदलकर ड्रॉ कराने के लिए खेलने को मजबूर होना पड़ा. परिणामस्‍वरूप टीम मैनेजमेंट ने धीमे स्ट्राइक रेट की बात कहकर पुजारा को अगले दो टेस्ट मैचों के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया. लेकिन इस लगे झटके ने पुजारा की सोच और अंदाज को पूरी तरह बदल दिया.

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इस घटना के बाद पिछले सात महीने के भीतर पुजारा ने भारतीय जमीन पर खेले 13 टेस्ट मैचों में 1,316 रन बनाकर खुद को आईसीसी रैंकिंग में नंबर दो पायदान तक खींचकर ले गए. इसमें उनके चार शतक भी शामिल रहे. ईडन में चल रहे टेस्ट मैच से पहले तक पुजारा ने 51 टेस्ट मैचों में 13 शतक लगाए थे. लेकिन ईडन में ही उनकी 117 गेदों पर खेली गई 52 रन की पारी ने पुजारा की पिछली कई पारियों की चमक फीकी कर दी. वजह आप जानते ही हैं कि इस घसियाली पिच पर बल्लेबाजी करना इतना ज्यादा मुश्किल है कि मैच के चौथे दिन भी तेज गेंदबाज बल्लेबाजों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं. इतने ज्यादा कि अश्विन (8) और रवींद्र जडेजा (1) दोनों को मिलाकर इनके हिस्से में सिर्फ नौ ओवर ही आए. बहरहाल, अपने स्ट्राइक रेट में आए इस सुधार के राज पर से पर्दा हटाते हुए चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि काउंटी क्रिकेट खेलने से उनकी बल्लेबाजी में बहुत ही ज्यादा सुधार हुआ है.

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उन्होंने कहा कि मैंने पिछले सात महीने के दौरान आठ काउंटी मैच खेले. मैंने भारत के श्रीलंका दौरे से पहले चार और दौरा खत्म होने के बाद चार मैच खेले. इस दौरान मैंने कई नई बातें सीखीं और मुझे और बेहतर ढंग से अपने खेल को समझने में मदद मिली. ध्यान दिला दें कि पुजारा अपनी बल्लेबाजी को निखारने के लिए नॉटिंघमशायर काउंटी के साथ जुड़े थे.