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INDvsAUS Test : विराट कोहली ने तोड़ा ऑस्ट्रेलिया का 'गुरूर', टीम इंडिया की जीत की 10 खास बातें और कुछ रिकॉर्ड...

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INDvsAUS Test : विराट कोहली ने तोड़ा ऑस्ट्रेलिया का 'गुरूर', टीम इंडिया की जीत की 10 खास बातें और कुछ रिकॉर्ड...

INDvsAUS : विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 4 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को हराया है (फोटो: BCCI)

खास बातें

  1. टीम इंडिया ने सीरीज पर 2-1 से कब्जा किया
  2. रवींद्र जडेजा वर्ल्ड नंबर वन गेंदबाज बने
  3. उनको मैन ऑफ द सीरीज का खिताब भी मिला
नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पिछली सीरीज ऑस्ट्रेलियाई धरती पर 2014-15 में खेली गई थी. उसमें कंगारू टीम ने टीम इंडिया को 2-0 से हराया था. जब ऑस्ट्रेलाई टीम भारत दौरे पर आई, तो कई जानकारों ने टीम को काफी कमजोर बताते हुए कहा था कि वह विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम से बुरी तरह हारेगी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने पुणे में खेल गए पहले ही टेस्ट में टीम इंडिया को चौंकाकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली. इसका असर यह हुआ कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का गुरूर सिर चढ़कर बोलने लगा और उन्होंने टीम इंडिया के खिलाड़ियों खासतौर से विराट कोहली पर निशाना साधना शुरू कर दिया. इतना ही नहीं उनका मीडिया भी उनके पक्ष में खड़ा नजर आया. हालांकि भारत ने दूसरे टेस्ट में वापसी करके सीरीज में बराबरी कर ली. तीसरा टेस्ट ड्रॉ रहा और अब चौथे में टीम इंडिया ने जीत दर्ज करके सीरीज पर कब्जा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम को करारा जवाब दिया है. टीम इंडिया 4 साल बाद कंगारू टीम से सीरीज जीती है. इस सीरीज में कई खास बातें रहीं और खिलाड़ियों ने कई उपलब्धियां भी हासिल कीं और रिकॉर्ड भी बने...

54 टेस्ट बाद बाहर हुए विराट कोहली: नवंबर, 2011 के बाद से लगातार 54 टेस्ट से टीम का हिस्सा रहे कप्तान विराट कोहली पहली बार चोट के कारण धर्मशाला टेस्ट में नहीं खेले. हालांकि उनकी सक्रियता में कमी नहीं आई. विराट ने अनूठे अंदाज में टीम का हौसला बढ़ाने का फैसला किया और पहली पारी में फील्डिंग के दौरान छठे ओवर में शॉर्ट ब्रेक के दौरान साथियों के लिए ड्रिंक लेकर पहुंच गए.

अश्विन का वर्ल्ड रिकॉर्ड : आर अश्विन ने धर्मशाला टेस्ट में स्मिथ को आउट करने के साथ ही इस सीजन (2016-17) में 79वां विकेट झटका और एक वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया. रांची में अश्विन ने ग्लेन मैक्सवेल को आउट करके इस मामले में डेल स्‍टेन की बराबरी की थी. स्‍टेन ने 2007-08 सीजन में 12 टेस्‍ट में 16.24 के औसत से 78 विकेट लिए थे और एक सीजन में सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया था.

पुजारा ने गंभीर का रिकॉर्ड तोड़ा : चेतेश्वर पुजारा ने धर्मशाला टेस्ट में 57 रन बनाए. वह एक सीज़न में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए. उन्होंने गौतम गंभीर को पीछे छोड़ा. गंभीर ने 2008-09 सीज़न में 1269 रन बनाए थे, जबकि पुजारा ने इस सीजीन में 65.8 के औसत से 1316 रन बना दिए. एक सीज़न में सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के रिकी पॉन्टिंग के नाम है. पॉन्टिंग ने 2005-06 सीज़न में 78.05 की औसत से 1483 रन बनाए थे.

बाएं हाथ के अव्वल गेंदबाज जडेजा : शुरुआती 30 टेस्ट मैचों में सबसे अधिक विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाजों में भारत के रवींद्र जडेजा नंबर वन पर पहुंच गए हैं. उनके 142 विकेट हैं, उनसे आगे ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज रहे मिचेल जॉनसन (137) हैं. इतना ही नहीं आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भी वह नंबर वन गेंदबाज बन गए.

सीजन में सबसे अधिक छक्के भी जडेजा के नाम : रवींद्र जडेजा धर्मशाला टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 63 रनों का पारी में 4 छक्के लगाए. 2016-17 के दौरान खेले गए टेस्ट मैचों में जडेजा से सबसे अधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उनके नाम 21 छक्के हैं. उनके बाद ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क हैं, जिनके नाम 16 छक्के हैं. 300 विकेट और 3000 रन बनाने वाले खिलाड़ियों के मामले में जडेजा 24वें खिलाड़ी बन गए हैं और भारत की ओर से ऐसा करने वाले वह चौथे खिलाड़ी हैं.

पुजारा नंबर दो, तो राहुल सीरीज के तीसरे टॉप स्कोरर : इस सीरीज में टीम इंडिया की ओर से जहां कप्तान विराट कोहली का बल्ला खामोश रहा है, वहीं लोकेश राहुल और चेतेश्वर पुजारा ने शानदार खेल दिखाया. चेतेश्वर पुजारा दूसरे टॉप स्कोरर रहे, जिन्होंने 6 पारियों में एक शतक के साथ 405 रन ठोके. नंबर वन पर ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ रहे. स्मिथ ने विवादों के बीच अपना फॉर्म जारी रखते हुए तीन शतकों की मदद से 7 पारियों में 482 रन ठोके. राहुल सीरीज के तीसरे टॉप स्कोरर रहे. उन्होंने 6 पारियों में अब तक 393 रन बनाए. उनका बेस्ट 90 रन रहा.

सातवीं बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती इंडिया : टीम इंडिया ने आखिरी बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी साल 2012-13 में 4-0 से जीती थी, लेकिन साल 2014 में ऑस्ट्रेलियाई धरती पर खेली गई सीरीज में उसे 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था. इस प्रकार यह ट्रॉफी इस सीरीज से पहले तक कंगारुओं के पास थी. इसकी शुरुआत 1996-97 में हुई थी, तब से अब तक 13 सीरीज खेली जा चुकी हैं. इनमें से 7 सीरीज टीम इंडिया ने जीती हैं, तो 5 ऑस्ट्रेलिया के नाम रहीं.

ऐसे तीसरे खिलाड़ी बने जडेजा : रवींद्र जडेजा ने इस सीजन में गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी कमाल दिखाया है. उन्होंने 2016-17 के सीजन में 50 से अधिक के 6 स्कोर बनाए हैं. धर्मशाला में उन्होंने करियर की सातवीं फिफ्टी ठोकी, जो ऐसे समय आई है, जब टीम इंडिया को इसकी खासी जरूरत थी. विश्व क्रिकेट में जडेजा सहित तीन खिलाड़ी ही ऐसे हैं, जिन्होंने किसी सीजन विशेष में 500 से अधिक रन बनाने के साथ ही 50 से अधिक विकेट भी लिए हैं. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के मिचेल जॉनसन ने 2008-09 के सीजन में और भारत के ही कपिल देव ने 1979-80 के सीजन में यह कमाल किया था.

भारत के खिलाफ स्पिनरों में लियोन तीसरे नंबर पर : टीम इंडिया के खिलाफ सबसे अधिक विकेट लेने वाले स्पिनरों के मामले में धर्मशाला में 5 विकेट चटकाने वाले नैथन लियोन तीसरे नंबर पर हैं. उन्होंने अब तक 14 मैचों में 64 विकेट झटके हैं. नंबर वन पर 22 मैचों में 105 विकेटों के साथ श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन हैं, दूसरे नंबर पर विंडीज के लांस गिब्स हैं, जिन्होंने 15 टेस्ट में 63 विकेट लिए थे.

3 शतक लगाने वाले दूसरे कप्तान बने स्मिथ : सीरीज में स्टीव स्मिथ का बल्ला जमकर बोला. वह एलिस्टर कुक के बाद ऐसे दूसरे विदेशी कप्तान बन गए हैं, जिसने किसी टेस्ट सीरीज में भारत में तीन शतक लगाए हैं. कप्तान के रूप में भारतीय धरती पर किसी सीरीज में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में स्मिथ छठे स्थान पर आ गए हैं. उन्होंने इस सीरीज में अब तक 482 रन बना लिए हैं. उनसे ऊपर विंडीज के क्लाइव लॉयड (636 रन, साल 1974), ऑस्ट्रेलिया के किम ह्यूज (594 रन, साल 1979), इंग्लैंड के एलिस्टर कुक (562 रन, साल 2012), विंडीज के एल्विन कालीचरण (538), विंडीज के क्लाइव लॉयड (496 रन, 1983) हैं.

भारत की टेस्ट टीम में शामिल पहले 'चाइनामैन' बने कुलदीप : भारतीय टेस्ट टीम में शनिवार को 288वें टेस्ट प्लेयर के तौर पर डेब्यू करने वाले कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) भारत की ओर से टेस्ट खेलने वाले पहले चाइनामैन बॉलर भी बन गए हैं. धर्मशाला में विराट कोहली के चोटिल होने पर शामिल किए गए कुलदीप पहले दिन मौके को भुनाते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और 4 अहम विकेट (डेविड वॉर्नर, पीटर हैंड्सकॉम्ब, ग्लेन मैक्सवेल और पैट कमिन्स) झटके.

साहा ने पूरे किए 1 हजार टेस्ट रन : कीपर ऋद्धिमान साहा ने धर्मशाला में 18वां रन बनाते ही टेस्ट करियर में अपने 1000 रन पूरे कर लिए. यह मुकाम उन्होंने 25 मैचों में 37 पारियों में हासिल किया. साहा ने रांची में शतक भी लगाया था.


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