विराट का खुलासा, सचिन की सलाह से मिली डिप्रेशन से मुक्ति, तेंदुलकर ने जवाब में कही बहुत अहम बात

कोहली (Virat Kohli) ने निकोलस से यह भी कहा था कि उन्हें नहीं मालूम था कि साल 2014 में इंग्लैंड दौरे में इन नकारात्मक भावों से कैसे उबरना है. इस दौरे में विराट का टेस्ट सीरीज में औसत सिर्फ 13.50 रहा था. विराट ने कहा कि मैंने खुद को अवसाद से जकड़ा पाया. जब आप यह सोचकर बिस्तर से उठते हो कि आपसे रन नहीं बन रहे या आप फॉर्म से संघर्षरत हैं, तो अच्छे भाव जहन में नहीं आते.

विराट का खुलासा, सचिन की सलाह से मिली डिप्रेशन से मुक्ति, तेंदुलकर ने जवाब में कही बहुत अहम बात

भारतीय कप्तान विराट कोहली

नई दिल्ली:

एक दिन पहले ही साल 2014 में इंग्लैंड दौरे में खुद के डिप्रेशन में होने का खुलासा करने वाले भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने कहा है कि इस विषय पर दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar)से बात करने पर उनका दिमाग खुला. विराट (Virat Kohli) ने कहा कि सचिन ने उन्हें  नकारात्मक विचारों से न लड़ने की सलाह दी और इनकी अनदेखी करने को कहा क्योंकि नकारात्मक विचारों से लड़ाई इन्हें और ज्यादा मजबूत बनाती है. विराट के इस बयान पर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने अपने ट्विवटर अकाउंट से खबर को साझा करते हुए प्रतिक्रिया में बड़ी बात कही है. 

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विराट ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य, डिप्रेशन और नकारात्मक बातों को लेकर मैंने सचिन तेंदुलकर के साथ लंबी बात की. इस पर सचिन ने उनसे कहा कि अगर आप बहुत ही ज्यादा नकारात्मक भावों से गुजर रहे हो और यह आपके सिस्टम में नियमित रूप से दखल दे रहा है, तो इससे निपटने का सर्वश्रेष्ठ तरीका यह है कि इसकी अनदेखी करो या इसे गुजर जाने दो, लेकिन इससे लड़ने की कोशिश मत करो. विराट ने कहा कि सचिन ने बताया कि अगर आप नकारात्मक भावों से लड़ने की कोशिश करते हो, तो ये अपने आप में और मजबूत होते चले जाते हैं. इसलिए, पाजी की इस सलाह को मैंने माना और इससे मेरा दिमाग और ज्यादा खुला. कोहली ने यह बात मशहूर ब्रॉडकास्टर मार्क निकोलस के साथ बातचीत में कही. 

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कोहली ने निकोलस से यह भी कहा था कि उन्हें नहीं मालूम था कि साल 2014 में इंग्लैंड दौरे में इन नकारात्मक भावों से कैसे उबरना है. इस दौरे में विराट का टेस्ट सीरीज में औसत सिर्फ 13.50 रहा था. विराट ने कहा कि मैंने खुद को अवसाद से जकड़ा पाया. जब आप यह सोचकर बिस्तर से उठते हो कि आपसे रन नहीं बन रहे या आप फॉर्म से संघर्षरत हैं, तो अच्छे भाव जहन में नहीं आते. और मेरा मानना है कि किसी न किसी स्तर पर हर बल्लेबाज इस मनोदशा से गुजरा है.  

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और अब सचिन तेंदुलकर ने विराट की इस खबर पर अपने ट्विटर अकाउंट से अपने विचार रखते हुए बहुत ही अहम बात कही है. सचिन ने लिखा, विराट मुझे तुम्हारी सफलता और अपने इस अनुभव को साझा करने के लिए तुम पर गर्व है. आगे सचिन ने लिखा, "इन दिनों युवाओं का सोशल मीडिया पर लगातार आंकलन किया जाता है. हजारों लोग इनके बारे में बात करते हैं, लेकिन कोई इन युवाओं से बात नहीं करता".


वास्तव में सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया के इस दौर में एक बड़े  विषय की ओर और संवाद के महत्व के बारे में बताया है. सोशल मीडिया ने युवाओं को और अकेलेपन का शिकार बनाया है. इन युवाओं के यूं तो सोशल मीडिया पर हजारों दोस्त हैं, लेकिन जब बात असल संवाद की आती है, तो इस बाबत उन्हें मदद नहीं मिलती. आमने-सामने की बातचीत नहीं होती. मिलना-जुलना नहीं होता. और सचिन ने एक तरह से इसी पहलू के महत्व को बयां किया है. 
 

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VIDEO: कुछ दिन पहले विराट ने अपने करियर को लेकर बड़ी बात कही थी.