पिछली 20 पारियों से शतकीय साझेदारी को तरस रहे हैं सहवाग-गंभीर

पिछली 20 पारियों से शतकीय साझेदारी को तरस रहे हैं सहवाग-गंभीर

खास बातें

  • वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर का मानना है कि वे दोनों भारत की सर्वश्रेष्ठ सलामी जोड़ी हैं, लेकिन हकीकत में दोनों ने पिछली 20 पारियों से टेस्ट क्रिकेट में शतकीय साझेदारी नहीं निभाई है।
नई दिल्ली:

वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर का मानना है कि वे दोनों अब भी भारत की सर्वश्रेष्ठ सलामी जोड़ी हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इन दोनों ने लगभग दो साल और पिछली 20 पारियों से टेस्ट क्रिकेट में कोई शतकीय साझेदारी नहीं निभाई है।

गंभीर ने हाल में कहा था कि उनकी और सहवाग की जोड़ी देश में वर्तमान समय की सर्वश्रेष्ठ सलामी जोड़ी है। इस पर जब सहवाग से प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया था, तो उनका भी जवाब था, हां ऐसा है। असल में सहवाग और गंभीर की सलामी जोड़ी ने भारत की तरफ से 81 पारियों में लगभग 53 की औसत से सर्वाधिक 4110 रन बनाए हैं, जिसमें 10 शतकीय और 24 अर्धशतकीय साझेदारियां शामिल हैं।

वे भारत की नंबर एक और दुनिया में पांचवें नंबर की सर्वश्रेष्ठ जोड़ी हैं। लेकिन पिछले दो साल ये दोनों बड़ी पारियां नहीं खेल पाए हैं, जिसका असर सलामी जोड़ी के रूप में उनके प्रदर्शन पर भी पड़ा है। गंभीर और सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में आखिरी शतकीय साझेदारी दिसंबर, 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में निभाई थी। तब इन दोनों ने पहले विकेट के लिए 137 रन जोड़े थे।

इसके बाद से सहवाग और गंभीर 20 पारियों में पारी का आगाज कर चुके हैं, लेकिन उनकी सर्वश्रेष्ठ साझेदारी 89 रन की है, जो उन्होंने पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में निभाई थी। इन दोनों ने इन पारियों में केवल 30.25 की औसत से 605 रन जोड़े हैं। इनमें पांच अर्धशतकीय साझेदारियां शामिल हैं। भारत ने इस दौरान गंभीर और सहवाग सहित कुछ अन्य जोड़ियों को आजमाया, लेकिन सभी नाकाम रहीं।

सहवाग ने गंभीर के अलावा मुरली विजय और राहुल द्रविड़ के साथ दो-दो पारियों में पारी का आगाज किया। गंभीर के साथ अभिनव मुकुंद एक पारी में सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरे थे। तमिलनाडु के मुकुंद और विजय ने छह पारियों में भारतीय पारी की भी शुरुआत की थी। मुकुंद इसके अलावा तीन पारियों में द्रविड़ के सलामी जोड़ीदार बने थे। इन बाकी पांच जोड़ियों में से केवल गंभीर और मुकुंद ही एक पारी में अर्धशतकीय साझेदारी निभा पाए थे।

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भारत का इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे में खराब प्रदर्शन का प्रमुख कारण सलामी जोड़ियों का नहीं चल पाना भी रहा। चयनकर्ताओं ने हालांकि फिर से सहवाग और गंभीर पर भरोसा जताया है तथा उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैच के लिए मुख्य ओपनरों के तौर पर टीम में रखा है। उनके अलावा मुरली विजय और अंजिक्या रहाणे को भी 15-सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है।

सहवाग और गंभीर यदि आगामी शृंखला में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वे दुनिया की चौथी सर्वश्रेष्ठ सलामी जोड़ी बन सकते हैं। उन्हें श्रीलंका के मर्वन अटापट्टू और सनथ जयसूर्या (4,469 रन) को पीछे छोड़ने के लिए केवल 359 रन की दरकार है। वेस्टइंडीज के गोर्डन ग्रीनिज और डेसमंड हेन्स (6,482) दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सलामी जोड़ी है।