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बॉल टैम्‍परिंग: लाइफ बैन की 'तलवार' झेल रहे स्‍टीव स्मिथ के बचाव में आए पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर, कही यह बात..

केपटाउन टेस्‍ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बॉल टैम्‍परिंग की घटना के बाद ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेट और इसके कप्‍तान (पूर्व) स्‍टीव स्मिथ आलोचना के केंद्र में है.

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बॉल टैम्‍परिंग: लाइफ बैन की 'तलवार' झेल रहे स्‍टीव स्मिथ के बचाव में आए पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर, कही यह बात..

संजय मांजरेकर ने ट्वीट करके लिखा, बॉल टैम्‍परिंग किसी भी तरह मैच फिक्सिंग के बराबर नहीं है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. स्‍टीव स्मिथ को ऑस्‍ट्रेलिया की कप्‍तानी से हटा दिया गया है
  2. मांजरेकर बोले, मैच फिक्सिंग के बराबर नहीं है टैम्‍परिंग
  3. डुप्‍लेसिस पर भी दो बार लग चुके हैं टैम्‍परिंग के आरोप
केपटाउन टेस्‍ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बॉल टैम्‍परिंग की घटना के बाद ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेट और इसके कप्‍तान (पूर्व) स्‍टीव स्मिथ आलोचना के केंद्र में है. बॉल टैम्‍परिंग की यह घटना कैमरे में कैद होने और मामले को लेकर स्‍टीव स्मिथ की स्‍वीकारोक्ति के बाद ऑस्‍ट्रेलिया के इस कद्दावर बल्‍लेबाज को न केवल कप्‍तानी गंवानी पड़ी है बल्कि आईसीसी ने उन्‍हें एक मैच के लिए बैन कर दिया है. बॉल टैम्‍परिंग को लेकर स्मिथ पर लाइफ बैन की तलवार भी लटक रही है. स्मिथ के लिए बढ़ती जा रही मुश्किलों के बीच टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर एक तरह से उनके समर्थन में आए हैं. मध्‍य क्रम के बल्‍लेबाज रहे मांजरेकर ने इस मामले में सिलसिलेवार ट्वीट किए हैं. अपने एक ट्वीट में मांजरेकर ने लिखा, 'जो लोग स्मिथ के लिए लाइफ बैन की पैरवी कर रहे हैं, उन्‍हें बता दूं कि फाफ डु प्‍लेसिस भी दो बार बॉल टैम्‍परिंग के दोषी ठहराए जा चुके हैं. पहली बार 2013 में उन्‍हें 50 फीसदी मैच फीस गंवानी पड़ी थी. दूसरी बार 2016 में तब उन्‍हें पूरी मैच फीस गंवानी पड़ी थी और डिमेरिट अंक जोड़े गए थे. दूसरी घटना उन्‍हें कप्‍तान बनाए जाने के बाद की है.' एक अन्‍य ट्वीट ने मांजरेकर ने लिखा, 'यह ओवर रिएक्‍शन है. बॉल टैम्‍परिंग किसी भी तरह से मैच फिक्सिंग के बराबर नहीं है. मैच फिक्सिंग अधिक गंभीर किस्‍म का अपराध है.' हालांकि मांजरेकर ने यह भी लिखा कि जीत के लिए इतनी अधिक लालसा को अब तक समझ नहीं पाया हूं. यह जिंदगी नहीं, बस एक खेल है.'

मांजरेकर ने इस दौरान वर्ष 2001 के दक्षिण अफ्रीका के दौरे में छह भारतीय खिलाड़ियों पर लगाए गए निलंबित प्रतिबंध के मामले को भी याद किया. उन्‍होंने इस घटना के बारे में लिखा, 'इस मामले में लोगों को तथ्‍यों को सही कर दूं. यह दक्षिण अफ्रीका में वर्ष 2001 में छह भारतीय खिलाड़ि‍यों पर निलंबित प्रतिबंध  (suspended ban)था, यह प्रतिबंध की तरह नहीं था. यदि आप दोबारा इस तरह का व्‍यवहार करते हैं तो यह लागू होता. भज्‍जी (हरभजन) पर 2008 में नस्‍ली छींटाकशी के लिए तीन मैचों का प्रतिबंध लगा था. हालांकि बाद में यह बैन हटा लिया गया था.'
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गौरतलब है कि मांजरेकर अपने ट्वीट को लेकर चर्चा या कहें विवादों के केंद्र में रहते आए हैं. कुछ समय पहले उन्‍होंने रणजी चैंपियन बनी विदर्भ की टीम की जीत में मुंबई के दो दिग्‍गजों (कोच चंद्रकांत पंडित और प्‍लेयर वसीम जाफर) के योगदान का जिक्र कर दिया था. इस ट्वीट के कारण वे ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए थे. मुंबई की ओर से खेल चुके मांजरेकर का यह कमेंट सोशल मीडिया पर लोगों को पसंद नहीं आया था और लोगों ने इसके लिए उन्‍हें जमकर आड़े हाथ लिया था. इसी साल जनवरी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम के पहले टेस्‍ट के दौरान उन्‍होंने हरफनमौला हार्दिक पंड्या की तुलना डबल रोल के लिए बिग बी अमिताभ बच्‍चन से कर दी थी.  इस ट्वीट के लिए भी वे आलोचना से नहीं बच पाए थे.

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