जब 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' ने क्रिकेट जगत की आंखें खोल दीं, आज पूरे किए 27 साल, VIDEO

शेन वॉर्न ने यह कारनामा साल 1993 में इंग्लैड के खिलाफ खेली गई एशेज सीरीज में किया था. साल 1992 में भारत के खिलाफ सिडनी टेस्ट से अपने करियर का आगाज करने वाले वॉर्न को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आए हुए तकरीबन साल भर ही हुआ था, लेकिन यहीं जन्म हुआ बॉल ऑफ सेंचुरी (#BalloftheCentury) का. और इस बॉल ऑफ द सेंचुरी (#Ballofthecentury) ने कमाल कर दिया...

जब 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' ने क्रिकेट जगत की आंखें खोल दीं, आज पूरे किए 27 साल, VIDEO

शेन वॉर्न की इस Ballofthecentury का जादू ही अलग है

खास बातें

  • यह गेंद नहीं जादू है! यह #Ballofthecentury है
  • पहले कभी देखी है ऐसी कोई दूसरी गेंद! #Ballofthecentury का जवाब नहीं
  • वॉर्न का वार, क्रिकेट जगत हैरान! #Ballofthecentury ने कर दिया काम!
नई दिल्ली:

आज उस गेंद को पूरे सत्ताइस साल हो गए जिसे जब दिग्गज शेन वॉर्न (Shane Warne) ने फेंका, तो पूरी दुनिया की आंखें खुली की खुली रह गईं. एक ऐसी गेंद, जो अपने आप में किसी जादू से कम नहीं थी और जिससे बॉल ऑफ द सेंचुरी (#Ballofthecentury) करार दिया गया. शेन वॉर्न ने यह कारनामा साल 1993 में इंग्लैड के खिलाफ खेली गई एशेज सीरीज में 4 जून को किया था. साल 1992 में भारत के खिलाफ सिडनी टेस्ट से अपने करियर का आगाज करने वाले वॉर्न को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आए हुए तकरीबन साल भर ही हुआ था. और तब से लेकर आज तक कोई भी दूसरा गेंद इस बॉल ऑफ द सेंचुरी (#Ballofthecentury) जैसी गेंद नहीं ही डाल सका. कोई और गेंदबाज ही नहीं, बल्कि शेन वॉर्न भी फिर कभी ऐसी चमत्कारिक गेंद गेंद नहीं फेंकी, जो उन्होंने 4 जून को साल 1993 में एशेज में फेंकी थी

तब तक वॉर्न के पास अनुभव था और उनकी अच्छी गेंदों में निरंतरता का अभाव था, लेकिन गेंदों में घुमाव एक वजह थी, जिससे दुनिया उन्हें बड़े स्पिनर के रूप में देख रही थी. इंग्लैंड के खिलाफ उस टेस्ट से पहले तक वॉर्न ने 11 ही टेस्ट खेले थे और उन्हें सिर्फ एक ही बार पांच विकेट चटकाए थे. उन्होंने 72 रन देकर 7  विकेट चटकाए थे और इस प्रदर्शन से ऑस्ट्रेलिया ने विंडीज को हराने में कामयाबी हासिल की. और इंग्लैंड के खिलाफ एशेज के नजदीक पहुंचने तक वॉर्न इंग्लैंड के लिए एक टेरर जरूर बन चुके थे. पहला टेस्ट 3 जून को मैनचेस्टर में शुरू हुआ. 

ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में सिर्फ 289 रन बनाए. इंग्लैंड को अथर्टन और गूच ने अच्छी शुरुआत दी और जब अथर्टन आउट हुए, तो एलन बॉर्डर ने वॉर्न को आक्रमण पर लगाया. अगले बल्लेबाज माइक गैटिंग थे. और गैटिंग ने कभी भी नहीं सोचा होगा कि अपने आखिरी दौर में चल रहा उनका करियर कुछ इस तरह समाप्त होगा, जो वॉर्न को हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज करा देगा. 

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वॉर्न की यह गेंद लेग स्टंप के काफी बाहर पिच हुई, लेकिन टप्पा पड़ने के बाद यह गैटिंग को ठगते हुए उनका ऑफ स्टंप उड़ा गई. इतिहास रचा जा चुका था. और तभी से इस गेंद के चर्चे होते रहते हैं और आज 4 जून को यह गेंद अपना 27वां जन्मदिन मना रही है. इस टेस्ट की दोनों पारियों में वॉर्न ने चार-चार विकेट चटकाए और ऑस्ट्रेलिया ने मैच के साथ-साथ सीरीज पर भी कब्जा किया. 

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