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INDvsAUS : विराट कोहली को इस 'डर' से निजात दिलाने के लिए एमएस धोनी को जाना पड़ा रांची!

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INDvsAUS : विराट कोहली को इस 'डर' से निजात दिलाने के लिए एमएस धोनी को जाना पड़ा रांची!

विराट कोहली को एमएस धोनी की क्रिकेट की समझ पर गहरा भरोसा है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. रांची के जेएससीए स्टेडियम एमएस धोनी का घरेलू मैदान है
  2. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज 1-1 से बराबरी पर है
  3. पुणे टेस्ट में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था
नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच 4 मैचों की टेस्ट सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर खड़ी है. दोनों ही टीमें एक-एक मैच जीतकर तगड़ी टक्कर देती नजर आई हैं. जहां पुणे में खेले गए पहले टेस्ट में कमतर आंकी जा रही ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को चौंका दिया, वहीं बेंगलुरू टेस्ट में विराट कोहली एंड टीम (Virat Kohli) ने वापसी करते हुए कंगारुओं को हराते हुए सीरीज में बराबरी कर ली. ऐसे में सीरीज में बने रहने के लिए रांची में गुरुवार से शुरू होने वाला तीसरा टेस्ट मैच अहम हो गया है. खासतौर से भारत के लिए यह नाक की लड़ाई की तरह बन गया है. यदि ऑस्ट्रेलियाई टीम इसमें जीत हासिल करती है, तो वह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को अपने पास बरकरार रखने में सफल हो जाएगी. वैसे भी पुणे में हार के बाद से विराट कोहली काफी सजग नजर आ रहे हैं और वह कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते. इस बीच विराट को एक 'डर' भी सता रहा होगा. संभवतः इसीलिए एमएस धोनी (MS Dhoni) अचानक रांची पहुंचे थे...
 
वास्तव में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच इस सीरीज के चार में से तीन टेस्ट नए मैदानों पर खेले जा रहे हैं. इन मैदानों पर दोनों ही टीमों के पास टेस्ट खेलने का अनुभव नहीं है. इसका परिणाम यह हुआ कि पुणे में टीम इंडिया अपने ही जाल में फंस गई. ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों ने हमारे स्टार स्पिनरों की तुलना में बेहतर खेल दिखाया और टीम इंडिया का हार का सामना करना पड़ा. पहले टेस्ट में हार से चकित टीम इंडिया अब सीरीज में कोई चांस नहीं लेना चाहती. चूंकि विराट कोहली एंड टीम रांची के टेस्ट विकेट से परिचित नहीं है, ऐसे में वह पुणे जैसी स्थिति से बचना चाह रही है. वैसे भी सीरीज का अंतिम मैच भी नई जगह धर्मशाला में होना है. माना जा रहा है कि रांची टेस्ट से पहले कोलकाता में विजय हजारे ट्रॉफी खेल रहे पूर्व कप्तान एमएस धोनी यूं ही अचानक रांची नहीं गए थे. उन्हें खास मकसद से वहां भेजा गया था. वैसे भी विराट को क्रिकेट की समझ के मामले में एमएस धोनी से अधिक किसी पर भरोसा नहीं है.

सबसे बात पुणे टेस्ट की करते हैं, जहां टीम इंडिया को उसी की मांद में घुसकर ऑस्ट्रेलिया ने मात दी. विराट कोहली की मांग के अनुसार पुणे में पिच को स्पिन फ्रेंडली बनाया गया था. ऐसी पिच जो पहले दिन से ही टर्न लेने लगे, लेकिन यह टीम इंडिया पर ही भारी पड़ गया, क्योंकि पिच रैंक टर्नर साबित हुई और ऑस्ट्रेलिया ने टॉस भी जीत लिया. फिर क्या था उसके स्पिनर नैथन लियोन और स्टीव ओकीफी चढ़ बैठे, जबकि भारतीय स्पिनरों की गेंद घूमी तो ज्यादा, लेकिन बल्ले का किनारा नहीं ले पाईं. वैसे भी पुणे में इंडिया को भी टेस्ट खेलने का अनुभव नहीं था और वह गच्चा खा गई.

अब रांची की बात करें, तो यह एमएस धोनी का घरेलू मैदान है और वहां की परिस्थितियों से वह अच्छी तरह वाकिफ हैं. जब धोनी अचानक रांची पहुंचे थे, तो कई लोगों ने सवाल उठाया था. मीडिया ने भी वहां के क्यूरेटर से सवाल किए थे, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया था. मीडिया के सवाल पर क्यूरेटर एसबी सिंह ने कहा था कि धोनी का यह रूटीन दौरा था, लेकिन यदि धोनी के शेड्यूल पर नजर डालें, तो उन्हें कोलकाता से सीधे बेंगलुरू बीसीसीआई अवॉर्ड्स में भाग लेने जाना था, लेकिन वह रांची पहुंच गए. इतना ही नहीं उन्होंने पिच का मुआयना भी किया. मतलब कुछ न कुछ तो राज है. वैसे तो बताया जा रहा है कि रांची में तीन विकेट बनाए गए हैं और उसमें से ही किसी एक को मैच के लिए चुना जाएगा, लेकिन हर कोई जानता है कि ऐसी स्थिति में हमेशा मेजबान टीम की ही सुनी जाती है.

हालांकि क्यूरेटर सिंह ने यहा भी कहा, 'इसका (धोनी के रांची स्टेडियम आने का) 16 से 20 मार्च के बीच होने वाले तीसरे टेस्ट मैच से कोई लेना देना नहीं है. जब वह यहां होते हैं तो अक्सर स्टेडियम आते हैं और जिम में काफी समय बिताते है. पिछले चार सालों में उन्होंने पिच बनाने में कभी भी दखल नहीं दिया. चूंकि वह एक महान खिलाड़ी हैं, ऐसे में मैं उनसे हमेशा अच्छे विकेट के निर्माण के लिए सलाह की अपेक्षा रखता हूं.'

अब सवाल यह है कि क्या एमएस धोनी ने लगभग एक सप्ताह पहले रांची पहुंचकर विराट कोहली की पसंद के अनुसार विकेट बनाए जाने की सलाह क्यूरेटर सिंह को दी. इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि धोनी के इनपुट से विराट एंड टीम को निश्चित रूप से फायदा होगा और उन्हें पुणे जैसी स्थिति से बचने में मदद मिलेगी. वैसे भी विराट खुद कह चुके हैं कि वह क्रिकेट की समझ के मामले में किसी अन्य से अधिक एमएस धोनी पर भरोसा करते हैं और उनकी राय परफेक्ट होती है...


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