क्या सेमीफ़ाइनल जिंक्स से उबर पाएगा न्यूज़ीलैंड?

क्या सेमीफ़ाइनल जिंक्स से उबर पाएगा न्यूज़ीलैंड?

नई दिल्ली:

न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम का बाकी टूर्नामेंट और सीरीज़ में चाहे जैसा प्रदर्शन हो, लेकिन वर्ल्ड कप आते ही इस टीम का प्रदर्शन अचानक काफी बेहतर हो जाता है।

अगर सेमीफ़ाइनल तक पहुंचने को किसी टीम की कामयाबी और निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने का पैमाना माना जाए, तो न्यूज़ीलैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया जितनी ही कामयाब है।

ऑस्ट्रेलिया अब तक सबसे ज्यादा 7 बार वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में पहुंचा है और इसमें से 4 बार ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप का खिताब भी जीता है। दूसरी ओर न्यूज़ीलैंड भी 7 बार सेमीफ़इनल में पहुंच चुका है, लेकिन खिताब जीतना तो दूर वह एक बार भी वर्ल्ड कप फ़ाइनल तक नहीं पहुंच सका है। एक नजर उन छह सेमीफ़ाइल मुक़ाबलों पर जब न्यूज़ीलैंड को सेमीफ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा।

1. 1975 वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड को सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज़ ने पांच विकेट से हराया था। न्यूज़ीलैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 158 रन बनाए। इसके जवाब में एल्विन कालीचरण के 72 और गार्डेन ग्रीनीज के 55 रनों की बदौलत वेस्टइंडीज़ ने ये मैच जीत लिया था।

2. 1979 वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड की टीम इंग्लैंड से मुक़ाबला जीतते-जीतते रह गई थी। इंग्लैंड के आठ विकेट पर 221 रन के जवाब में न्यूज़ीलैंड ने जॉन राइट के 69 रन की बदौलत नौ विकेट पर 212 रन बनाए और कीवी टीम महज 9 रन से मैच हार गई थी।

3. इसके बाद न्यूज़ीलैंड 1992 में सेमीफ़ाइनल में पहुंची। मार्टिन क्रो की कप्तानी में न्यूज़ीलैंड ने अपने सभी मैच जीते थे, लेकिन इंजमाम उल हक की तूफानी पारी ने न्यूज़ीलैंड का रास्ता रोक दिया। ऑकलैंड में न्यूजीलैंड ने मार्टिन क्रो के 91 रन की बदौलत सात विकेट पर 262 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंजमाम उल हक के तेजतर्रार 60 रन की बदौलत पाकिस्तान ने छह विकेट पर 264 रन बनाकर मैच जीत लिया।

4. 1999 में ओल्ड ट्रैफर्ड में सईद अनवर के नॉटआउट 113 रन और वजाहतुल्ला वास्ती के 84 रन की बदौलत पाकिस्तान ने न्यूज़ीलैंड को 9 विकेट से हराया था। न्यूजीलैंड ने सात विकेट पर 241 रन बनाए, जो पाकिस्तान ने एक विकेट खोकर ही हासिल कर लिया।

5. 2007 में भी न्यूज़ीलैंड की टीम सेमीफ़ाइनल में पहुंची, लेकिन इस बार श्रीलंका से 81 रन से हारकर फ़ाइनल तक नहीं पहुंच सकी। श्रीलंका ने महेला जयवर्धने के नॉटआउट 115 रन की बदौलत पांच विकेट पर 289 रन बनाए। इसके जवाब में किंग्सटन में मुरलीधरन की फिरकी के सामने न्यूज़ीलैंड की पारी 208 रन पर सिमट गई। मुरलीधरन ने 4 विकेट लिए थे।

6. 2011 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने वाली न्यूज़ीलैंड इकलौती गैर-एशियाई टीम थी। श्रीलंका ने एक बार फिर कीवी टीम के सपने को तोड़ दिया। न्यूजीलैंड की टीम पहले बल्लेबाज़ी करते हुए महज 217 रन बना सकी, इसके बाद घरेलू मैदान पर श्रीलंका ने पांच विकेट पर 220 रन बनाकर मैच जीत लिया।

इस बार फ़ाइनल तक पहुंचने के लिए न्यूज़ीलैंड को दक्षिण अफ्रीका की मजबूत चुनौती से पार पाना होगा। अपने घरेलू मैदान पर खेलने का लाभ न्यूज़ीलैंड को जरूर मिलेगा, लेकिन दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीकी टीम भी पहली बार वर्ल्ड कप फ़ाइनल का टिकट हासिल करना चाहेगी।

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