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महिला वर्ल्‍डकप : 'करो या मरो' के मैच में कल न्‍यूजीलैंड का सामना करेगी मिताली राज की भारतीय टीम..

टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए भारतीय टीम को इस मैच में हर हाल में अगले मैच में जीत ज़रूरी है.

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महिला वर्ल्‍डकप : 'करो या मरो' के मैच में कल न्‍यूजीलैंड का सामना करेगी मिताली राज की भारतीय टीम..

कप्‍तान मिताली राज ने भारतीय टीम के गेंदबाजों के प्रदर्शन और फील्डिंग पर चिंता जताई है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सेमीफाइनल में प्रवेश के लिए हर हाल में चाहिए जीत
  2. मिताली बोलीं, पूरी टीम को खेल का स्‍तर ऊपर उठाना होगा
  3. उन्‍होंने टीम को फील्डिंग को लेकर चिंता जाहिर की
नई दिल्‍ली: महिला क्रिकेट वर्ल्डकप-2017  के अंतर्गत शनिवार को इंग्‍लैंड के डर्बी में भारत की टक्कर न्यूज़ीलैंड से होगी. टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए भारतीय टीम को इस मैच में हर हाल में जीत ज़रूरी है. भारतीय फ़ैन्स 'महिला क्रिकेट की सचिन तेंदुलकर' कही जाने वाली मिताली राज से बड़ी उम्मीदें लगा रहे हैं. लेकिन मिताली कहती हैं कि अगर जीतना है तो पूरी टीम को अपना स्तर ऊपर उठाना होगा.कप्तान मिताली को उम्मीद है कि खिलाड़ी पिछले मैच की कमियों को दूर कर इस मैच में बेहतर प्रदर्शन करेंगी. उनका कहना है कि टीम की गेंदबाज़ों को प्रदर्शन में स्थिरता लानी होगी. साथ ही टीम की फ़ील्डिंग लेकर भी वे फ़िक्रमंद नज़र आईं. मिताली कहती हैं, "अगर हमें क्वालिफ़ाई करना है तो पिछले मैचों की तुलना में हमें अपना स्टैंडर्ड बढ़ाना पड़ेगा." कीवी टीम की फ़िक्र भी कुछ भारतीय टीम जैसी ही है. कीवी कप्तान सूज़ी बेट्स कहती हैं, "हमने भारत के ख़िलाफ़ काफ़ी खेला है. यहां वॉर्म अप गेम में भी उनका सामना किया और कामयाब रहे. लेकिन ये नॉक आउट मैच है और यहां कहानी अलग है." वो मानती हैं कि नॉक आउट मैच दोनों टीमों के लिए फ़्रेश मुक़ाबले जैसा होगा.

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मैच में मिताली राज के 6000 रन का रिकॉर्ड (183 वनडे, 6028 रन, सर्वाधिक 114*, औसत 51.52, शतक 5, अर्द्धशतक 49)  कप्तान, टीम और फ़ैन्स का हौसला ज़रूर बढ़ाते हैं. ये और बात है कि सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया 'करो या मरो' की हालत में पहुंच गई है. टीम इंडिया को लगातार चार मैच में जीत के बाद पिछले दो मैचों हार का सामना करना पड़ा जिसकी वजह से न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मुक़ाबला अब क्वार्टर फ़ाइनल की तरह हो गया है. भारत के 6 में से 4 मैचों में जीत से 8 अंक हैं जबकि न्यूज़ीलैंड के 6 में से 3 मैचों में जीत और 1 बेनतीजा मैच से 8 अंक हैं. यानी आईसीसी रैंकिंग में तीसरे नंबर की भारतीय टीम पांचवें नंबर की कीवी टीम से प्वाइंट्स टेबल में भी ऊपर है. लेकिन वनडे के आंकड़े कीवी टीम का पलड़ा ही भारी बताते हैं. वनडे में कीवी टीम ने भारत से 61 फ़ीसदी मैचों में जीत हासिल की है जबकि भारतीय टीम 36 फ़ीसदी मैचों में ही जीत हासिल कर पाई है.

आंकड़ों में भारत बनाम न्‍यूजीलैंड
वनडे मैच: 44
भारत जीता: 16  (36.4%)
न्यूज़ीलैंड जीता: 27 (61.4%)
टाई मैच: 01

पूर्व वर्ल्ड कप चैंपियन न्यूज़ीलैंड की टीम चार बार फ़ाइनल खेल चुकी है जबकि भारतीय टीम ने 2005 में फ़ाइनल का सफ़र किया था तब टीम की कप्तान मिताली ही थीं. 34 साल की कप्तान मिताली राज के लिए भारतीय टीम को बुलंदी पर पहुंचाने का ये शानदार मौक़ा हो सकता है.


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