10 करोड़ की ठगी के मामले वकील समेत 2 गिरफ्तार, इंडस्ट्रियल एरिया में प्लाट दिलाने के नाम पर ठगते थे

नई दिल्ली के डीसीपी ईश सिंघल के मुताबिक 1996 दिल्ली में DSIIDC का नाम DSIDC था. उस वक्त कई लोगों ने इंडस्ट्रियल प्लाट के लिए DSIDC में अप्लाई किया था.

10 करोड़ की ठगी के मामले वकील समेत 2 गिरफ्तार,  इंडस्ट्रियल एरिया में प्लाट दिलाने के नाम पर ठगते थे

विक्रम सक्सेना को कनॉट प्लेस पुलिस ने देहरादून की पॉश सोसाइटी पैसिफिक गोल्फ़ एस्टेट से पकड़ा

नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने 10 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में एक वकील समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया है ये लोग दिल्ली के इंडस्ट्रियल इलाके में प्लाट दिलाने के नाम पर ठगी करते थे. पुलिस के मुताबिक विक्रम सक्सेना और मुदित कुमार को गिरफ्तार किया गया है ,विक्रम इस गैंग का मास्टरमाइंड है जबकि पेशे से वकील मुदित इस गोरखधंधे में उसका पार्टनर है,मुदित इलाहाबाद बार काउंसिल का मेम्बर भी रहा है

नई दिल्ली के डीसीपी ईश सिंघल के मुताबिक 1996 दिल्ली में DSIIDC का नाम DSIDC था. उस वक्त कई लोगों ने इंडस्ट्रियल प्लाट के लिए DSIDC में अप्लाई किया था. विक्रम सक्सेना जो पहले इस क्षेत्र में थोड़ा काम कर चुका था उसने DSIDC की वेबसाइट से उन लोगों की लिस्ट डाऊनलोड की जिन लोगों ने प्लाट के लिए अप्लाई किया फिर उसने मुदित के साथ मिलकर कनॉट प्लेस के काफी हाउस में इन लोगों से मीटिंग की और ये विश्वास दिलाया कि वो DSIDC में अधिकारी है और  उन्हें प्लाट दिला देगा.

इन लोगों ने 4 आवेदकों से DSIDC के नाम से 10 करोड़ के डिमांड ड्राफ्ट भी ले लिए, लेकिन उन डिमांड ड्राफ्ट को अपनी कंपनी देव सेवा इनकम डेवलपमेंट कंपनी (DSIDC) में जमा किया और पूरा पैसा लेकर भाग गए,इस काम में विक्रम का साला कपिल मारवाह और उसका चचेरा भाई अजय सक्सेना भी शामिल था.

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विक्रम सक्सेना को कनॉट प्लेस पुलिस ने देहरादून की पॉश सोसाइटी पैसिफिक गोल्फ़ एस्टेट से पकड़ा. वहां वो एक लग्जरी घर में रह रहा था और उसके पास से एक महंगी गाड़ी भी बरामद हुई है. उसके  अकांउट से 10 लाख कैश भी मिला है. विक्रम से पूछताछ के बाद पेशे से वकील मुदित भटनागर को भी सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया जबकि बाकी 2 आरोपियों की तलाश जारी है.